
संत रविदास की जयंती मनाई गई
भटनी, देवरिया। भटनी क्षेत्र के बैकुंठपुर स्थित सेंट थॉमस स्कूल में संत रविदास जयंती मनाई गई । इस दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य एस कुमार ने कहा कि संत रविदास बहुत ही दयालु और दानवीर थे। संत रविदास ने अपने दोहों व पदों के माध्यम से समाज में जातिगत भेदभाव को दूर कर सामाजिक एकता पर बल दिया और मानवतावादी मूल्यों की नींव रखी। संत रविदास ने सीधे-सीधे लिखा कि ‘रैदास जन्म के कारने होत न कोई नीच, नर कूं नीच कर डारि है, ओछे करम की नीच’ यानी कोई भी व्यक्ति सिर्फ अपने कर्म से नीच होता है। जो व्यक्ति गलत काम करता है वो नीच होता है। कोई भी व्यक्ति जन्म के हिसाब से कभी नीच नहीं होता। संत रविदास ने अपनी कविताओं में ब्रजभाषा का प्रयोग किया है। साथ ही इसमें अवधी, राजस्थानी, खड़ी बोली और रेख्ता यानी उर्दू-फारसी के शब्दों का भी मिश्रण है। रविदास के लगभग चालीस पद सिख धर्म के पवित्र धर्मग्रंथ ‘गुरुग्रंथ साहब’ में भी सम्मिलित किया गया ।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के अध्यापक सर्वजीत, प्रदीप, रूपेश , प्रिंस, लोकनाथ सहित विद्यालय परिवार के बच्चे आदि मौजूद रहे।



