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देश भर में पूरे उत्साह, धूम धाम के साथ मनायी गयी रामनवमी

नयी दिल्ली : इस बार पूरे देश में पूरे उत्साह और पारंपरिक तरीके से रामनवमी का पर्व मनाया गया। पर, इस बार अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण और रामलला विग्रह की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद बुधवार को पहली रामनवमी का विशेष आकर्षण रहा।रामनवमी के अवसर पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के तरफ से अयोध्या में विशेष तैयारियां की गयीं।रामलला का उनके जन्मस्थान पर करीब 500 सालों के बाद पहली बार भव्य जन्मोत्सव मनाया गया। वर्षों के संघर्ष और लंबी कानूनी लड़ाई के बाद वर्ष 2019 में उच्चतम न्यायालय ने रामलला को उनके जन्मस्थान पर स्थापित करने का अधिकार दिया।आज प्रभु श्रीराम का जन्मोत्सव उनके धाम में भव्य और दिव्य तरीके से मनाया जा रहा है।

इसी की कड़ी में यह एक शुरूआत थी जिसमें रामलला मंदिर के हाईटेक होने की प्रक्रिया का यह पहला चरण कहा जा सकता था। पूरे कार्यक्रम का पूर्वान्हन 11 बजे से प्रसार भारती के दूरदर्शन द्वारा सीधा प्रसारण की व्यवस्था की गयी थी जो लगातार एक बजे तक जारी रही। इसके लिए पर्याप्त व्यवस्था तथा सजीव प्रसारण हेतु मंदिर के प्रवेश द्वार के बायें तरफ व्यवस्था की गयी थी।इसी प्रकार कनक भवन मंदिर एवं हनुमानगढ़ी एवं अन्य प्रमुख मंदिरों के अलावा छोटे बड़े लगभग 121 मंदिर के अलावा शहर में एवं नगर निगम क्षेत्र के परिधि के बाहर भी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास, प्रसार भारती एवं उत्तर प्रदेश सरकार के सूचना विभाग द्वारा लगभग 150 एलईडी लगायी गयी थी, जिसमें लोगों ने अपने घर बैठे देखा तथा अपने-अपने घर में लगे केबिल नेटवर्क, निजी एवं सरकारी चैनलों से भी इस प्रसारण को देखा।

रामलला को 56 प्रकार के भोग भी अर्पित किये गये तथा मौके पर उपस्थित लोगों को चनामृत आदि का प्रसार भी वितरित किया गया। चैत्र रामनवमी मेले के सम्बंध में चिकित्सा विभाग, नगर निगम विभाग, विद्युत विभाग एवं अन्य स्वयंसेवी संगठनों एवं जिला प्रशासन द्वारा आपदा प्रबन्धन द्वारा आदि व्यापक व्यवस्था की गयी है।शहर में आगामी तीन दिनों तक भीड़ रहने की सम्भावना है। इसमें मंदिर भी लगभग 20 घंटे के आसपास खुला रहेगा जिससे श्रद्वालु दर्शन करते रहेंगे। जन्मोत्सव के समय भयो प्रकट कृपाला का दर्शन हुआ तथा अधिक हवन एवं सुगंधित धूप के कारण पूरा मंदिर सुगंधित हो गया।इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास जी, ट्रस्ट के अन्य वरिष्ठ सदस्यगण, महासचिव चम्पत राय, दिनेन्द्र दास, अनिल मिश्रा सहित विश्व हिन्दू परिषद के वरिष्ठ नेता दिनेश जी, राजेन्द्र सिंह पंकज जी सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों के अलावा एडीजी जोन अमरेन्द्र सिंह सेंगर, मण्डलायुक्त गौरव दयाल, आईजी जोन प्रवीण कुमार, जिलाधिकारी नितीश कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजकरन नैय्यर समेत लोग मौजूद थे।अयोध्या में श्री राम से जुड़े कुल आठ हज़ार मंदिर हैं और सभी मंदिरों में इस साल भव्य आयोजन किया जा रहा है।

श्रीराम जन्मोत्सव की खुशी में जगह-जगह भंडारे, कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।अयोध्या में पिछले वर्षों में रामनवमी पर सबसे बड़ा और भव्य आयोजन कनक मंदिर में किया जाता था।इस मौके पर केवल श्री राम जन्मभूमि मंदिर में ही नहीं बल्कि अयोध्या सहित देश भर के सभी राम मंदिरों में भव्य आयोजन किये गये।बिहार की राजधानी पटना सहित पूरे राज्‍य के मठ-मंदिरों को फूल-मालाओं एवं बिजली के रंग-बिरंगे बल्बों से सजाया गया है। रामनवमी को लेकर कल रात से ही राजधानी पटना राममय हो गयी है। पूरा शहर हनुमान जी की ध्वजों एवं पताकाओं से पट गया है। पटना के प्रसिद्ध महावीर मंदिर में तो दर्शन के लिये कल रात से ही श्रद्धालुओं का तांता लग गया है। रामनवमी के अवसर पर पटना में कई भव्‍य शोभायात्राएं निकाली जा रही हैं।अयोध्या में श्री राम लला की प्राण-प्रतिष्ठा के उपरांत होनेवाली इस वर्ष की रामनवमी कई मायनों में विशेष है। लोगो में अपने आराध्य प्रभु श्री राम के प्रति आस्था और गहरी हुई है।

आज सुबह पटना के मंदिरों का पट खुलते ही ओम रां रामाय नम: का मंत्र जाप एवं हनुमान चालीसा का पाठ करते रामभक्त दर्शन और पूजन को उमड़ पड़े।तेलंगाना के भद्राचलम जिले में 17 वीं शताब्दी के ऐतिहासिक श्री सीता राम चंद्र स्वामी मंदिर में बड़े धार्मिक उत्साह के साथ मनायी गयी।इस दौरान मंदिर में पूरे तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से हजारों भक्तों का जमावड़ा लगा। भद्राचलम मंदिर के अधिकारियों ने एक भव्य उत्सव का आयोजन किया, जिसका समापन पास के विशाल मिधिला मैदान में भगवान राम और उनकी पत्नी सीता के दिव्य विवाह के साथ हुआ, जिसमें हजारों भक्तों ने भाग लिया।पश्चिम बंगाल में भक्तों ने बुधवार को चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी के बीच धार्मिक उत्साह तथा उल्लास के साथ रामनवमी मनाई। राज्य के विभिन्न हिस्सों में कड़ी सुरक्षा के बीच इस अवसर पर जुलूस भी निकाला गया।राजस्थान के राजराजेश्वर मंदिर प्रांगण में भी रामनवमी को लेकर पूजा अर्चना के लिये भव्य आयोजन किये गये यज्ञ की पूर्णाहुति में सम्मिलित हुये।

उत्तर प्रदेश के पौराणिक एवं ऐतिहासिक तीर्थ स्थल चित्रकूट में बुधवार को रामनवमी का पर्व धूमधाम के साथ मनाया गया।सभी मंदिरों में भगवान के जन्म के बाद खूब ढोल ताशे बजाए गये और हाथी घोड़ा पालकी जय रघुवर लाल की के नारे से पूरा चित्रकूट गुंजायमान रहा। चित्रकूट के जानकी कुंड आश्रम बड़ी गुफा कामदगिरि परिक्रमा मार्ग रामघाट अनुसूया आश्रम में जगह-जगह राम जन्म उत्सव धूमधाम से मनाया गया।मध्य प्रदेश के ओरछा में रामनवमी के अवसर पर रामराजा को 51 हजार लड्‌डुओं का भोग लगेगा।उज्जैन में रामनवमी पर महाकाल का आभूषण, चंदन, भांग, सूखे मेवों से श्रीराम के स्वरूप में श्रृंगार किया गया।छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के प्राचीन दूधाधारी मठ और जैतुसाव मठ में राघवेंद्र सरकार का स्वर्ण शृंगार किया जाएगा। माता कौशल्या के मंदिर चंदखुरी में भी भगवान की बाल रूप में पूजा की जा रही है।महाराष्ट्र में नासिक के श्री कालाराम मंदिर में रामनवमी मनाई गई। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने यहां पूजा-अर्चना की।(वार्ता)

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