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कांग्रेस के गढ़ को शान से बरकरार रखने में सफल हुये राहुल

मैनपुरी में भाजपा को झटका,डिंपल विजयी

रायबरेली : कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं गठबंधन प्रत्याशी राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश के रायबरेली संसदीय क्षेत्र से एकतरफा जीत हासिल की है। उन्होने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री भाजपा के दिनेश प्रताप सिंह को तीन लाख नब्बे हजार से अधिक मतों से पराजित कर दिया।वर्ष 2019 में श्री गांधी को पड़ोसी संसदीय क्षेत्र अमेठी से शिकस्त का सामना करना पड़ा था और इस चुनाव में अपनी मां और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के चुनाव नहीं लड़ने की इच्छा जताने के बाद उन्हे रायबरेली से पार्टी ने उतारा था। रायबरेली को कांग्रेस के अवेद्य दुर्ग के रुप में जाना जाता है।

श्री गांधी ने यहां छह लाख 87 हजार 649 वोट हासिल किये जबकि भाजपा के दिनेश प्रताप सिंह को दो लाख 97 हजार 619 वोटों से संतोष करना पड़ा। तीसरे स्थान पर बसपा के ठाकुर प्रसाद यादव को 21624 मत ही हासिल हुए है।श्रीमती सोनिया गांधी ने हाल ही में अपने रायबरेली दौरे के दौरान यहां की जनता से भावुक अपील करते हुये कहा था कि वह अपना बेटा रायबरेली को सौंप रही हैं।गौरतलब है कि रायबरेली में इससे पहले श्री राहुल गांधी के दादा फिरोज गांधी और उनकी दादी इंदिरा गांधी के अलावा उनकी माँ सोनिया गांधी भी विजयी हुई थी।

इसके साथ ही यहाँ से गांधी नेहरू परिवार के अरुण नेहरू शीला कौल और गांधी परिवार के अभिन्न मित्र कैप्टन सतीश शर्मा भी विजयी हुए है।राहुल गांधी के चुनाव प्रचार में उनकी बहन प्रियंका गांधी ने लगातार कई दिनों तक यहां रुक कर रायबरेली और अमेठी संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस और इंडिया गठबंधन का मोर्चा संभाला था।

मैनपुरी में भाजपा को झटका,डिंपल विजयी

यादव पट्टी की सबसे महत्वपूर्ण सीटों में से एक उत्तर प्रदेश की मैनपुरी संसदीय सीट पर समाजवादी पार्टी (सपा) उम्मीदवार डिंपल यादव एक बार फिर से रिकॉर्ड मतों से जीतने में सफल हुयी हैं।डिंपल ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उम्मीदवार और प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह को दो लाख 21 हजार 639 मतों से करारी शिकस्त दी है।मतगणना के पहले चक्र की गिनती से लेकर आखिरी चक्र तक भाजपा उम्मीदवार को कहीं पर भी बढ़त नहीं मिली। अपने खिलाफ आ रहे जनमत से दुखी होकर भाजपा उम्मीदवार जयवीर सिंह दोपहर 12 बजे के आसपास मतगणना स्थल छोड़कर चले गए।

वहीं समाजवादी बहू डिंपल यादव अपने सैफई स्थित आवास पर टेलीविजन पर चुनावी नतीजा देखने में व्यस्त बनी रही।2024 के संसदीय चुनाव के प्रचार के दौरान सपा उम्मीदवार डिंपल यादव को हराने के लिए भाजपा के स्टार प्रचारकों की ओर से किए गए थे लेकिन मतगणना में यह दावे धरे के धरे रह गए।मैनपुरी संसदीय सीट पर आज तक भाजपा और बहुजन समाज पार्टी को कामयाबी नहीं मिली है। मैनपुरी संसदीय सीट पर यादव मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक है और इसीलिए समाजवादी उम्मीदवार को यहां पर जीत हासिल होती है। मैनपुरी संसदीय सीट से मैनपुरी सदर, भोगांव, किशनी,करहल और जसवंतनगर विधानसभा जुड़ती है।

इटावा जिले की जसवंत नगर विधानसभा से सपा प्रमुख अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल सिंह यादव 1996 से लगातार विधायक निर्वाचित होते हुए चले आ रहे हैं, करहल विधानसभा से खुद सपा प्रमुख अखिलेश यादव मौजूदा वक्त में विधायक तो है ही उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भी भूमिका निभा रहे हैं।नेताजी मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद हुए उपचुनाव में बहू डिंपल यादव को मिली जीत को लेकर भाजपा के बड़े नेता लगातार ऐसा बोलते रहे हैं कि नेता जी के निधन के बाद मिली सहानुभूति की बदौलत डिंपल यादव को जीत मिली है।

मैनपुरी संसदीय सीट पर 2019 के मुकाबले मत प्रतिशत आने को लेकर राजनीतिक विश्लेषक अपने विश्लेषण में मैनपुरी सीट को भाजपा के पक्ष में मान करके चल रहे थे लेकिन जब नतीजा सामने आया तो उनका विश्लेषण धरा का धरा रह गया।(वार्ता)

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