Varanasi

“एक राष्ट्र, एक चुनाव भारतीय लोकतंत्र की दिशा में बड़ा कदम : दिलीप पटेल”

वाराणसी में सम्पन्न हुई ‘स्टूडेंट फॉर वन नेशन वन इलेक्शन’ कार्यशाला .भाजपा काशी क्षेत्रीय अध्यक्ष ने कहा – समय, संसाधन व जनता को मिलेगी बड़ी सुविधा.

  • एक साथ चुनाव से विकास कार्यों को गति और स्थिरता मिलेगी
  • 16 जिलों से छात्र-युवा प्रतिनिधियों ने लिया कार्यशाला में हिस्सा

वाराणसी : “एक राष्ट्र- एक चुनाव” के तहत (स्टूडेंट फॉर वन नेशन वन इलेक्शन) काशी क्षेत्र के सभी 16 जिलों की कार्यशाला बाबतपुर रोड स्थित बनारस किला में सम्पन्न हुई। बतौर मुख्य अतिथि कार्यशाला को संबोधित करते हुए भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल ने कहा कि “एक राष्ट्र, एक चुनाव” भारतीय लोकतंत्र की दिशा में बड़ा कदम है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। यहां हर वर्ष किसी न किसी राज्य में चुनाव होते रहते हैं।लोकसभा, विधानसभा, नगर निकाय और पंचायत चुनाव इनकी निरंतरता से देश में हमेशा चुनावी माहौल बना रहता है। इसी चुनौती को देखते हुए “एक राष्ट्र, एक चुनाव” का विचार सामने आया है। इसका तात्पर्य है कि पूरे देश में लोकसभा और सभी राज्यों की विधानसभाओं के चुनाव एक साथ हों।

श्री पटेल ने कहा कि एक राष्ट्र, एक चुनाव की आवश्यकता क्यों पडी इसे जानना बहुत जरुरी है। कहा कि एक राष्ट्र एक चुनाव से समय और संसाधनों की बचत होगी। बार-बार चुनाव कराने में प्रशासनिक, सुरक्षा और वित्तीय संसाधनों पर भारी बोझ पड़ता है। कहा कि निरंतर विकास कार्य होंगे, चुनाव आचार संहिता बार-बार लागू होने से विकास योजनाएँ बाधित होती हैं। कहा कि एक साथ चुनाव से दीर्घकालिक नीतियों को गति मिलेगी और सरकार को पूरे कार्यकाल के लिए स्थिर वातावरण मिलेगा। कहा कि “एक राष्ट्र एक चुनाव से जनता को सुविधा होगी। बार-बार मतदान की प्रक्रिया से आम जनता पर भी दबाव रहता है। कहा कि चुनावी खर्च में भारी कमी आएगी। बार-बार चुनावी शोर-शराबा और राजनीति की गरमी से समाज को राहत मिलेगी।राष्ट्रीय मुद्दों पर केंद्रित राजनीति को बढ़ावा मिलेगा। जनता और राजनीतिक दलों दोनों का समय और ऊर्जा बच सकेगी।

भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल ने कहा कि “एक राष्ट्र, एक चुनाव” भारतीय लोकतंत्र को अधिक संगठित और व्यावहारिक बनाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम हो सकता है। हालाँकि इसके सामने संवैधानिक और प्रायोगिक चुनौतियाँ अवश्य हैं, लेकिन यदि सभी राजनीतिक दल सहमति बनाकर इसे लागू करते हैं, तो यह देश के लोकतांत्रिक इतिहास में मील का पत्थर सिद्ध होगा । भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल ने कहा कि इसके लिए जरुरी है कि सभी जिलों में इंटर व डिग्री कालेजों में *एक राष्ट्र एक चुनाव” विषयक पर संगोष्ठी आयोजित की जाए व जिलों में मैराथन आयोजित कर छात्रों व युवाओं को जागरूक किया जाय और इसकी आवश्यकता एवं इससे होने वाले लाभ बताए जाएँ ।

संचालन क्षेत्र महामंत्री व संयोजक “एक राष्ट्र एक चुनाव” काशी क्षेत्र अशोक चौरसिया ने किया। कार्यशाला में स्टूडेंट फॉर वन नेशन वन इलेक्शन के प्रदेश संयोजक अतेन्द्र सिंह, सह संयोजक अभिषेक सोनकर, काशी क्षेत्र संयोजक रमेश पटेल, अनिल श्रीवास्तव, नवरतन राठी, संतोष सोलापुरकर सहित सभी सोलह जिलों कें संयोजको व समन्वयकों ने भाग लिया।

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