
ओम प्रकाश राजभर ने राजभर समाज का बहुत अहित किया -भीमसेन भारशिव
15 दिसंबर को महाराजा सुहैलदेव की जन्मभूमि को कब्ज़े से मुक्त कराने के लिए जुटेंगे राजभर समाज के लोग:भीमसेन भारशिव
लखनऊ : भारशिव सेना के अध्यक्ष भीमसेन भारशिव ने कहा कि महाराजा सुहैलदेव से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों को अवैध कब्जे से मुक्त कराने और राजभर समाज को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की मांग को लेकर उनकी पार्टी प्रदेश भर से राजभर समाज के लोगों को एक मंच पर लायेगी। इसी उद्देश्य से 15 दिसंबर को महाराजा सुहैलदेव की जन्मभूमि पर कारसेवा शुरू करने जा रहे हैं। इसमें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह भी शामिल होंगे। यह जानकारी भारशिव सेना के अध्यक्ष भीमसेन भारशिव ने यहाँ पत्रकारों को दी।
उन्होंने कहा कि राजभर समाज 1871 अंग्रेजों से लड़ता आ रहा है और उपेक्षा झेलते हुए आज भी बुरी स्थिति में है। उसके उद्धार का एक तरीका है राजभर समाज को अनुसूचित जाति में शामिल करना। भारशिव ने ओमप्रकाश राजभर पर समाज के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वह उसी समाजवादी पार्टी के साथ हैं जिसने अंबेडरकरनगर जनपद में महाराजा सुहेलदेव सुरूरपुर किले में कब्ज़ा करवा कर मजार बनवा दी है। इसी को मुक्त करवाने के लिए उनका दल 15 दिसंबर को वहाँ पहुँचेगा।
उन्होंने कहा कि ओम प्रकाश राजभर अब मुख्तार अंसारी को अपना दोस्त बता रहे हैं और समाज के साथ विश्वासघात कर रहे हैं। ओमप्रकाश राजभर ने शुरू से ही समाज को वोटबैंक की तरह इस्तेमाल किया और समाज की भलाई के लिए कोई काम नहीं किया। भीमसेन भारशिव ने कहा कि जब वह भाजपा सरकार में मंत्री थे तो उन्होंने कभी भी राजभर को अनुसुचित जनजाति में शामिल कराने का प्रयास नहीं किया। वह केवल अपने परिवार को लाभ पहुंचाने में जुटे रहे। उन्होंने राजभर समाज के ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण के लिए भी कोई प्रयास नहीं किया। उन्होंने कहा कि सपा को आने वाले चुनाव में उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।



