Breaking News

बनारस में केंद्र व राज्य सरकार सहायतित रिकॉर्ड विकास कार्य हुए- नगर विकास मंत्री

नगर विकास मंत्री ने शहर की पेयजल व सीवर व्यवस्था पर उच्चाधिकारियों के साथ की बैठक

शहर की पेयजल व सीवर ट्रीटमेंट का समग्रता हल के प्लान से कार्य करें- आशुतोष टंडन

बनारस सिटी के हर घर तक पेयजल उपलब्ध हो

सीवर लिकेज/ओवरफ्लो नहीं हो तथा उसका पूरा ट्रीटमेंट हो

नगर विकास मंत्री ने कार्यों को पूर्ण करने की समय सीमा निर्धारित की, गुणवत्ता विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए

वाराणसी , जनवरी । उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं जनपद के प्रभारी मंत्री आशुतोष टंडन ने सोमवार को सर्किट हाउस में वाराणसी शहर की पेयजल व सीवर व्यवस्था पर उच्चाधिकारियों के साथ बैठक कर जल निगम,जलकल एवं गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के अभियंताओं को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि जनपद में पेयजल एवं सीवर व्यवस्था के सुधार हेतु निर्माणाधीन एवं लंबित परियोजनाओं को युद्ध स्तर पर अभियान चलाकर मानक के अनुरूप गुणवत्ता के साथ यथाशीघ्र पूर्ण कराएं। इसमें अब किसी भी प्रकार की हीलाहवाली अथवा बहानेबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन ने ट्रांस वरुणा क्षेत्र में कराए जा रहे सीवरेज कार्य को प्रत्येक दशा में 31 जनवरी तथा शाही नाला के सफाई कार्य को प्रत्येक दशा में 15 मई तक पूर्ण कराए जाने का निर्देश दिया। बताया गया कि ट्रांस वरुणा क्षेत्र में जेएनएनयूआरएम कार्यक्रम के अंतर्गत 268.36 करोड़ की लागत से वाराणसी सम्पूर्ति योजना प्रायरिटी-ll के तहत कराए गए 200 एमएलडी क्षमता के इंटेक वेल, 100 एमएलडी क्षमता का डब्ल्यूटीपी, 26 शिरोपरी जलाशय, 30 भूमिगत जलाशय तथा 228 किलोमीटर वितरण प्रणाली, 10 नग नये ट्यूबेल तथा 04 नग रिबोर ट्यूबेल का निर्माण कार्य किया गया है। इसके अतिरिक्त सारनाथ में डब्ल्यूटीपी, चौबेपुर में इंटेक वेल का निर्माण कराया गया है। वर्तमान में टेस्टिंग की जा रही है। मार्च, 2020 तक ट्रांस वरुणा क्षेत्र के समस्त ट्यूबवेलों को बंद करते हुए संपूर्ण पेयजल आपूर्ति डब्ल्यूटीपी के माध्यम से प्रारंभ कर दी जाएगी। मंत्री आशुतोष टंडन ने समयसीमा के अंतर्गत इस कार्य को प्राथमिकता पर पूर्ण कराए जाने पर विशेष जोर दिया। अमृत कार्यक्रम के अंतर्गत पेयजल हाउस कनेक्शन योजना अंतर्गत कोतवाली, दशाश्वमेध, भेलूपुर, आदमपुर एवं वरुणापार में 50028 नग हाउस कनेक्शन संयोजन के सापेक्ष 23693 हाउस कनेक्शन किए जाने की जानकारी पर उन्होंने शेष हाउस कनेक्शन कार्य को पूरा कराए जाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहां कि वाराणसी नगर की इन सभी योजनाएं क्रियान्वित हो जाने के उपरांत वाराणसी शहर पूर्णरूपेण पेयजल व्यवस्था से आच्छादित हो जाएगा तथा वर्ष 2040 की आवश्यकता अनुसार शोधन क्षमता विकसित हो जाएगी तथा समस्त ट्यूबेल निष्क्रिय हो जाएंगे।
नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन ने पेयजल योजना की समीक्षा के दौरान जोर हुए कहा कि प्रत्येक घर तक पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए। सीस-वरुणा क्षेत्र में कराए जा रहे कार्यों को भी शीघ्र पूरा कराए जाने का निर्देश दिया। सिगरा- महमूरगंज, लहुराबीर सहित शहर के अन्य स्थानों पर जलनिगम द्वारा सीवरेज एवं पेयजल पाइपलाइन डाले जाने के कराए जा रहे कार्यों को व्यक्तिगत रुचि लेकर युद्ध स्तर पर अभियान चलाकर गुणवत्ता के साथ पूरा कराए जाने का निर्देश दिया। उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि सड़कों की खुदाई किए जाने तथा निर्धारित समय अवधि में कार्य पूरा न कराए जाने के कारण सड़कों के मरम्मत कार्य भी अधूरे पड़े हुए हैं। जिससे जनसामान्य को यातायात के दौरान कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने विभागीय अभियंता को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि सड़कों पर किए किए जाने वाले कार्य को तत्काल पूरा कराएं, ताकि सड़कों का मरम्मत एवं निर्माण कार्य पूरा कराया जा सके। बैठक में वाराणसी नगर के सीस वरुणा क्षेत्र का लगभग 30 प्रतिशत भाग जो सीवर नेटवर्क से आच्छादित नहीं है। पूर्व में डाली गई सीवर लाइन वर्तमान में अंडर कैपेसिटी हो गई है। जिसके कारण ओवरफ्लो की समस्या बनी रहती है के समाधान हेतु 257.91 करोड़ रुपये के प्रेषित किए गए डीपीआर, राजघाट आउटफाल पर एक्सीस सीवेज को प्रत्यावर्तीत करने के लिए 12.25 करोड़ रूपये के प्रेषित किए गए डीपीआर आदि पर भी चर्चा हुई।
बैठक में प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिंह, कमिश्नर दीपक अग्रवाल, जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा, नगर आयुक्त गौरांग राठी के अलावा जल निगम, जलकल, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई आज की विभागीय अधिकारी एवं अभियंता प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button
Close
Close