NewsPoliticsState

कोर्ट में केन्द्र सरकार के नकारात्मक रवैये से आरक्षण व्यवस्था हुई निष्प्रभावी : मायावती

लखनऊ। बसपा सुप्रीमो मायावतीह ने आरक्षण व्यवस्था को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग की। मायावती ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में इससे जुड़े एक मामले में केन्द्र सरकार की सकारात्मक भूमिका नहीं होने के कारण शीर्ष अदालत ने नियुक्ति और पदोन्नति में आरक्षण, मौलिक अधिकार नहीं होने की बात कही। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में आरक्षण से जुड़े एक मामले में कहा था कि नियुक्ति और पदोन्नति में आरक्षण मौलिक अधिकार नहीं है, आरक्षण व्यवस्था को बहाल करना राज्य सरकारों के क्षेत्राधिकार में है।

मायावती ने रविवार को ट्वीट कर कहा, ”कांग्रेस के बाद अब भाजपा और इनकी केन्द्र सरकार के अनवरत उपेक्षित रवैये के कारण यहां सदियों से पिछड़े अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्ग के शोषितों पीड़ितों को आरक्षण के माध्यम से देश की मुख्यधारा में लाने का सकारात्मक संवैधानिक प्रयास विफल हो रहा है। यह अति गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण है। मायावती ने सरकार से मांग की, ”ऐसे में केन्द्र सरकार से पुनः मांग है कि वह आरक्षण की सकारात्मक व्यवस्था को संविधान की नौवीं अनुसूची में लाकर इसको सुरक्षा कवच तब तक प्रदान करे जब तक उपेक्षा व तिरस्कार से पीड़ित करोड़ों लोग देश की मुख्यधारा में शामिल नहीं हो जाते हैं। आरक्षण की सही संवैधानिक मंशा यही है।

Related Articles

Back to top button
Close
Close