
आइओसीएल कर्मियों ने निक्षय मित्र बन, गोद लिए 75 रोगी
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में मरीजों को पोषाहार वितरित
फिरोजाबाद । जनपद को वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त बनाने के प्रयास में शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी रवि रंजन की अध्यक्षता में टीबी मरीजों को गोद लेने का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इंडियन आयल कारपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) कंपनी के 16 कर्मचारियों ने निक्षय मित्र बनकर स्वयं के वहन से 75 टीबी मरीजों को गोद लिया है .जिलाधिकारी ने कंपनी के अधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा टीबी मरीजों को गोद लेने की सराहना की|

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम और प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने के लिए सामाजिक संस्थाओं और कंपनियों को आगे आकर टीबी रोगियों को गोद लेकर पोषण देने के साथ भावनात्मक सहयोग देने की अपील की।क्षय रोग अधिकारी डॉ. बृजमोहन ने क्षय रोगियों का आव्हान किया कि वह लगातार दवा का सेवन करें और समय-समय पर चिकित्सक से परामर्श लेते रहें। उन्होंने कहा कि क्षय रोगी अपने परिजनों व संपर्क में रहने वाले अन्य लोगों की टीबी जांच अवश्य कराएं। दवा के सेवन के साथ पुष्टाहार लेते रहें, इससे क्षय रोगियों की रिकवरी बेहतर होती है।
कार्यक्रम में आइओसीएल के उप महाप्रबंधक, पानीपत नीरज सिंह द्वारा बताया गया कि फिरोजाबाद को टीबी मुक्त करने के लिए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन आगे भी सहयोग देता रहेगा। एन सेंथिल, कार्यकारी निदेशक उत्तरी क्षेत्र ने तथा नीरज सिंह ने टीबी मरीजों को पुष्टाहार वितरण किया। उन्होंने कहा कि क्षय के खिलाफ आंदोलन जरूरी है तभी क्षय रोग मुक्त भारत का संकल्प पूरा हो सकेगा।
डीपीपीसीएम मनीष यादव ने कहा कि विभाग के प्रयासों से क्षय रोगियों को गोद लिए जाने का अभियान जारी है, अभियान के तहत गोद लिए गए रोगियों को भावनात्मक और सामाजिक सहयोग के साथ ही हर माह पुष्टाहार भी उपलब्ध कराया जाता है।
उन्होंने कहा कि टीबी की जांच और उपचार पूरी तरह सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों पर उपलब्ध है, संभावित लक्षण वाले लोग टीबी की जांच जरुर कराएं। समारोह में आइओसीएल के डिप्टी जनरल मैनेजर अमन सिन्हा, डॉ कल्पना क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी, डॉ स्टैफी डब्ल्यूएचओ की मेडिकल कंसलटेंट आगरा डिवीजन, शिव प्रभु, पंकज आदि स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे।
लाभार्थी अल्फारी (17) (परिवर्तित नाम) ने बताया कि उनको दिसंबर में जांच कराने पर टीबी का पता चला। आज मिले पोषाहार में चना, मूंगफली, सत्तू, सोयाबीन, चवनप्राश आदि वस्तुएं हैं जिनको बराबर खाना है और साथ ही दवा का सेवन करते रहना है। अल्फारी ने बताया कि पिछले कुछ माह से गले में दर्द की शिकायत थी जिसका प्राइवेट उपचार कराया लेकिन जब एक्स-रे कराया गया तो डॉक्टर ने बताया कि आपको टीबी की शिकायत है। सरकारी केंद्र पर ही उपचार कराएं जिससे आपका पैसा भी नहीं खर्च होगा।इसी प्रकार राजिया (परिवर्तित नाम) को भी दो माह पहले बुखार और दर्द की शिकायत होने पर टीबी अस्पताल में जांच कराने पर टीबी के बारें में पता चला। डॉक्टरों ने दवा खाने और पौष्टिक आहार लेने के लिए कहा है।



