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भारत एक कल्याणकारी राज्य व्यवस्था है: मोदी

नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि भारत की राज्य व्यवस्था कल्याणकारी है और उनकी सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि योजनाओं का लाभ खुद खुद पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाए।श्री मोदी ने यह भी कहा कि आज दुनिया भारत पर भरोसा करती है और दुनिया में विकास संबंधी मामलों का हर विशेषज्ञ समूह इस बात की चर्चा कर रहा है कि भारत ने पिछले 10 वर्षों में किस तरह अपना कायाकल्प किया है। प्रधानमंत्री राजधानी में ईटी नाउ ग्लोबल बिजनेस सम्मिट के एक सत्र को संबोधित कर रहे थे।प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार की नीति निर्धन का पहला सिद्धांत है-मजबूती, भरोसा और निरंतर की सुनिश्चितता।

श्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार के हर बजट में पूंजीगत व्यय के रूप में उत्पादक खर्च में भारी वृद्धि की गई है, सामाजिक योजनाओं में अभूतपूर्व निवेश किया गया है, फिजूल खर्ची पर नियंत्रण और वित्तीय अनुशासन को बनाए रखा गया है।श्री मोदी ने कहा कि योजनाओं को समय से पूरा करना उनकी सरकार की पहचान बन गया है। देश विदेश से आए व्यवसाय की जगत की हस्तियों और नीति नियम की सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हम इस समय 20वीं साड़ी की समस्याओं का समाधान करने के साथ-साथ 21वीं शताब्दी की आकांक्षाओं को पूरा करने का काम कर रहे हैं।उन्होंने अपनी सरकार द्वारा संसद में भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रस्तुत श्वेत पत्र का भी उल्लेख किया, जिसमें 2014 से पहले के 10 साल में अपायी गयीं राष्ट्रीय नीतियों और उनके (श्री मोदी) 10 साल की नीतियों का चित्र प्रस्तुत किया गया है।इस सम्मेलन का विषय था- “हलचल, विकास और विविधीकरण।

“उन्होंने सम्मेलन की विषय वस्तु का उल्लेख करते हुए कहा कि इन विषयों पर गौर करें तो यह समय भारत का समय है। भारत के प्रति दुनिया का विश्वास बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि दावोस (स्वीटजरलैंड) में विश्व आर्थिक मंच की सालाना बैठक में भारत को लेकर अभूतपूर्व उत्साह देखा गया। भारत की आर्थिक सफलता को एक अभूतपूर्व बताया जा रहा है।श्री मोदी ने कहा कि किसी भी देश के लिए विकास की यात्रा में एक समय ऐसा आता है जब सभी परिस्थितियों उसके अनुकूल होती हैं और वही वह समय होता है जबकि वह देश शताब्दियों तक के लिए अपने को मजबूत कर सकता है ।उन्होंने कहा मैं आज भारत के मामले में वही समय देख रहा हूं, यह समय देश के लिए अभूतपूर्व है। भारत के लिए अनुकूल चक्र प्रारंभ हो चुका है। उन्होंने इसी संदर्भ में कहा कि देश की आर्थिक वृद्धि दर में निरंतर तेजी, राजकोषीय घाटे में कमी, निर्यात में वृद्धि, चालू खाता के घाटे का स्तर कम होने , उत्पादक व्यय में रिकॉर्ड वृद्धि और मुद्रास्फीति में गिरावट,आय में वृद्धि ,गरीबी में कमी, उपभोग मांग में वृद्धि कंपनियों के लाभ में बढ़ोतरी हो रही है और बैंकों के अवरुद्ध ऋणों (एनपीए) में रिकॉर्ड गिरावट आई है।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत में उत्पादन और उत्पादकता, दोनों ही इस समय वृद्धि पर हैं। इस सत्र में श्री मोदी के साथ गुएना के प्रधानमंत्री मार्क फिलिप्स और टाइम्स ऑफ इंडिया समूह के प्रमुख विनित जैन उपस्थित थे।भारत को कल्याणकारी राज्य व्यवस्था बताते हुए उन्होंने कहा है कि देश के सामान्य जन का जीवन आसान हो, उसकी जीवन की गुणवत्ता सुधरे यह हमारी प्राथमिकता है। हमने नयी योजनाएं बनायी है, वह तो स्वभाविक है, लेकिन हमने यह भी सुनिश्चित किया है कि हर पात्र लाभार्थी तक इन योजनाओं का लाभ पहुंचना चाहिए। हमने सिर्फ वर्तमान पर ही नहीं, बल्कि भविष्य पर भी निवेश किया है। हमारी सरकार ने व्यवस्था में पारदर्शिता लाकर, प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करके भी देश का पैसा बचाया है।श्री मोदी ने कहा कि मैं वर्तमान पीढ़ी के साथ ही आने वाली पीढ़ियों के प्रति भी जवाबदेह हूं। खजाना खाली करके चार वोट ज्यादा पा लेने की राजनीति से मैं कोसों दूर रहता हूं। इसीलिए हमने नीतियों में, निर्णयों में, वित्तीय प्रबंधकों में सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।(वार्ता)

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