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देवरिया: बैतालपुर में निःशुल्क पुस्तकालय का शुभारंभ, छात्रों के भविष्य को नई दिशा

देवरिया जिले के बैतालपुर में अब्दुल कलाम वेलफेयर सोसाइटी द्वारा निःशुल्क पुस्तकालय का शुभारंभ किया गया। दीप प्रज्वलन व फीता काटकर हुए उद्घाटन में छात्राओं-छात्रों में उत्साह दिखा। संस्था ने इसे सभी वर्गों के लिए ज्ञान का केंद्र बताया, जो शिक्षा को सशक्त बनाएगा।

देवरिया। शिक्षा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने की भावना के साथ जिले के बैतालपुर क्षेत्र में मंगलवार को एक अनुकरणीय पहल देखने को मिली, जब अब्दुल कलाम वेलफेयर सोसाइटी के सौजन्य से एक निःशुल्क पुस्तकालय का विधिवत शुभारंभ किया गया। यह पुस्तकालय न केवल छात्रों के लिए बल्कि समाज के सभी वर्गों के लोगों के लिए ज्ञान का सुलभ केंद्र बनेगा।

पुस्तकालय का उद्घाटन मुख्य अतिथि सुकन्या चौहान ने दीप प्रज्वलन एवं फीता काटकर किया। सुकन्या चौहान, डॉ. अब्दुल कलाम एकेडमी की कक्षा दो की मेधावी छात्रा हैं। कम उम्र में शिक्षा के प्रति उनकी रुचि और आत्मविश्वास ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। उनके हाथों से पुस्तकालय का उद्घाटन यह संदेश देता है कि समाज का भविष्य बच्चों के ज्ञान और संस्कारों में निहित है।

इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष रजनीश पटेल ने कहा कि यह पुस्तकालय शिक्षा के क्षेत्र में एक सशक्त माध्यम बनेगा। उन्होंने बताया कि यहाँ प्रतियोगी परीक्षाओं, सामान्य ज्ञान, साहित्य, विज्ञान, इतिहास और नैतिक शिक्षा से जुड़ी पुस्तकों की व्यवस्था की गई है, जिससे छात्र नियमित अध्ययन कर अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ सकें। उनका कहना था कि “जब ज्ञान निःशुल्क और सुलभ होगा, तभी समाज सशक्त और आत्मनिर्भर बनेगा।”

कार्यक्रम में स्वच्छ भलुअनी स्वस्थ भलुअनी (यूथ ब्रिगेड) के संस्थापक सन्तोष मद्धेशिया वैश्य ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने समाजसेवा के प्रति पूर्णतः समर्पित रजनीश पटेल के इस प्रयास की मुक्तकंठ से सराहना की और कहा कि निःशुल्क पुस्तकालय छात्रों के भविष्य को सुनहरा और उज्ज्वल बनाने में मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों में पढ़ाई के प्रति नई ऊर्जा और आत्मविश्वास पैदा करेगी।

पुस्तकालय की स्थापना से विद्यालय में अध्ययनरत छात्रों में विशेष उत्साह देखने को मिला। सैकड़ों छात्र-छात्राएँ इस अवसर पर उपस्थित रहे और उन्होंने इसे अपने शैक्षणिक जीवन के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। बच्चों के चेहरों पर झलकती खुशी और आँखों में सपनों की चमक इस बात का प्रमाण थी कि यह पहल केवल एक भवन का उद्घाटन नहीं, बल्कि असंख्य भविष्य गढ़ने की शुरुआत है।

कार्यक्रम का समापन शिक्षा, संस्कार और समाजसेवा को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ। उपस्थित लोगों ने आशा व्यक्त की कि यह निःशुल्क पुस्तकालय आने वाले समय में क्षेत्र के बच्चों और युवाओं के लिए ज्ञान का स्थायी प्रकाशस्तंभ बनेगा और देवरिया जनपद में शैक्षिक जागरूकता को नई दिशा देगा।

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