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सैकड़ों ओलम्पिक खिलाड़ियों ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिये लिखा पत्र

ब्रिटेन के 300 से ज्‍यादा ओलम्पियन और पैरालम्पियन खिलाडि़यों ने प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को पत्र लिखकर कोविड-19 संकट के मद्देनजर जलवायु परिवर्तन को लेकर फौरी कदम उठाने का आह्वान किया है।

यह खत जीबी रोविंग टीम की सदस्‍य और पर्यावरण से जुड़े मामलों की पैरोकार मेलिसा विल्‍सन द्वारा चैम्पियंस फॉर अर्थ की ओर से लिखा गया है। मेलिसा ने इस पत्र को ओलम्पिक और पैरालम्पिक एथलीट्स के साथ पिछले अगस्‍त में साझा किया था। यह खत बहुत तेजी से लोगों तक पहुंचा और ब्रिटेन के 300 से ज्‍यादा नामी एथलीट्स ने इस पर दस्‍तखत किये। इनमें 40 ओलम्पिक और पैरालम्पिक चैम्पियन भी शामिल हैं।
मेलिसा ने महसूस किया कि कोविड-19 ने बदलाव के लिये बहुत बड़ा अवसर मुहैया कराया है, लिहाजा उन्‍होंने यह खत लिखने का फैसला किया। मेलिसा ने कहा “अपनी नौजवान पीढ़ी के लिये पर्यावरण को बचाने का यह ऐसा मौका है जो जिंदगी में एक ही बार मिलता है। महामारी से उबरने की मजबूरी हमें अपनी हवा को साफ करने का मौका दे रही है। खासतौर से उस युवा वर्ग के भले के लिये हमें यह मौका लपक लेना चाहिये जिनके फेफड़े वायु प्रदूषण से सबसे ज्‍यादा प्रभावित हो रहे हैं।’’
 “ओलम्पिक और पैरालम्पिक एथलीट होने के नाते हम वैश्विक समुदाय के रूप में एकजुट होकर काम करने की ताकत को समझते हैं। अगले साल आयोजित होने जा रहे सीओपी26 के मद्देनजर हमारा मानना है कि ब्रिटिश सरकार के पास इस मुद्दे को लेकर दुनिया में अग्रणी भूमिका निभाने और यह दिखाने का सुनहरा मौका है कि इस मसले पर और क्‍या किया जा सकता है।”
ब्रिटेन अगले नवम्‍बर में ग्‍लासगो में आयोजित होने जा रही सीओपी26 यूएन क्‍लाइमेट समिट की मेजबानी करेगा। उम्‍मीद है कि इस महत्‍वपूर्ण बैठक में दुनिया के विभिन्‍न सदस्‍य देश ग्‍लोबल वार्मिंग को सीमित करने, वायु प्रदूषण को कम करने और पर्यावरण को बचाने की योजनाओं की नयी श्रंखला पेश करेंगे। कोविड-19 के कारण दुनिया में हुए लॉकडाउन के दौरान वैश्विक उत्‍सर्जन से कुछ राहत मिलने के बावजूद यूएन के वैज्ञानिकों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन से जुड़े खतरनाक प्रभाव लगातार बदतर होते जा रहे हैं।
पांच बार के ओलम्पिक चैम्पियन स्‍टीव रेडग्रेव- “एक एथलीट के रूप में सर्वोच्‍च स्‍तर पर बेहतरीन प्रदर्शन करने के लिये आपको स्‍वस्‍थ पर्यावरण की जरूरत होती है। यह बहुत जरूरी है कि ब्रिटेन के बच्‍चे साफ हवा में सांस लेते हुए बड़े हों, हरे-भरे माहौल में जियें और स्‍वास्‍थ्‍यवर्द्धक खुराक लें। ब्रिटेन हमेशा से अग्रणी भूमिका में रहा है और यह जरूरी है कि यह देश भविष्‍य के सितारों को फलने-फूलने का मौका देने के लिये सुरक्षित पर्यावरण मुहैया कराने में नेतृत्‍वकर्ता की भूमिका निभाये।”
डबल ओलम्पिक चैम्पियन रेबेका एडलिंग्‍टन ओबीई– तैराकी बचपन से ही मेरा जुनून रही है, लेकिन हम लगातार यह देख रहे हैं कि हमारे समुद्र प्रदूषित और शोषितदोहित होते जा रहे हैं। वर्ष 2012 की तरह ब्रिटिश नेतृत्‍व एक ऐसी सफल वैश्विक यूएन क्‍लाइमेट समिट का आयोजन कर सकता है जो भावी पीढि़यों के लिये एक मिसाल बनेगी। हमें अच्‍छे भविष्‍य के लिये अभी काम करना होगा।”
डबल ओलम्पिक चैम्पियन एलिस्‍टेयर ब्राउनली एमबीई– ‘‘एक ट्राइएथलीट के तौर पर मैं टोक्‍यो ओलम्पिक्‍स -2021 के लिये बेहद सख्‍त गर्मी में ट्रेनिंग कर रहा हूं। मैं जानता हूं कि ऐसे मुश्किल हालात में प्रदर्शन करना कितना दुश्‍वारी भरा है। मुझे प्रतिस्‍पर्द्धा पसंद है लेकिन मैं यह भी चाहता हूं कि आने वाले वक्‍त में मेरा खेल भावी पीढि़यों की सेहत के लिहाज से सुरक्षित हो। यही वजह है कि मैं चाहता हूं कि सरकार जलवायु परिवर्तन से निपटने में अग्रणी भूमिका निभाये।’’
चार बार की ओलम्पियन और मैराथन विश्‍व रिकॉर्डधारी (2003-2019) पाउला रैडक्लिफ एमबीई- वायु प्रदूषण का कोई भी स्‍तर सुरक्षित नहीं है। हम सभी को और कोशिश करनी होगी और सरकार को नेतृत्‍वकर्ता की भूमिका निभाने की जरूरत है। वर्ष 2021 में आयोजित होने वाली सीओपी26 समिट ब्रिटेन के लिये एनवॉयरमेंट ओलम्पिक्‍स होगी- मगर यह एक मैराथन दौड़ है, फर्राटा दौड़ नहीं। सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि वह इसके लिये तैयार है और उसके पास जलवायु परिवर्तन से निपटने की दिशा में अग्रणी भूमिका निभाने के लिये जरूरी नीतियां मौजूद हैं।
टोक्‍यो ओलम्पिक 1964 की चैम्पियन लेडी मैरी पीटर्स एनजी सीएच डबीई डीएसटीजे- ‘‘कृपया हमारी धरती का सेहत भरा भविष्‍य सुनिश्चित करें। अभी कोशिश करें, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए।’’
ब्रिटिश ओलम्पिक एसोसिएशन की उपाध्‍यक्ष अन्‍नामेरी फेल्‍प्‍स सीबीई ने कहा ‘‘अपने बच्‍चों और भविष्‍य की अन्‍य पीढि़यों के लिये एक सतत और स्‍वस्‍थ पारिस्थितिकी तंत्र, अर्थव्‍यवस्‍था और संस्‍कृति से ज्‍यादा और कुछ भी महत्‍वपूर्ण नहीं है।’’
मेलबर्न ओलम्पिक 1956 की चैम्पियन जूडी ग्रिनहम एमबीई ने कहा ‘‘वाकई कुछ न कुछ तो करने की जरूरत है। मेरी उम्र 81 साल है और मैं अपने बच्‍चों और नाती-पोतों के लिये अच्‍छा भविष्‍य बनाना चाहती हूं। ओलम्पियन होने के नाते मैं महसूस करती हूं कि दुनिया को अधिक सुरक्षित और बेहतर जगह बनाने के लिये निर्णायक कदम उठाने की अपील के साथ जुड़ना महत्‍वपूर्ण है। कोविड-19 महामारी ने यह जाहिर किया है कि हम सभी साथ मिलकर मुश्किल हालात से बाहर निकल सकते हैं। मैं उम्‍मीद करती हूं कि मेरा समर्थन सरकार का ध्‍यान खींचने में मदद करेगा, ताकि हमारे सभी बच्‍चों को बेहतर भविष्‍य देने के लिये निर्णायक कदम उठाये जा सकें।’’
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