
बिहार में फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने पर सरकार-IMPPA में मंथन
इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IMPPA) के अध्यक्ष अभय सिन्हा और एफएमसी सचिव निशांत उज्ज्वल ने बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान बिहार फिल्म नीति के तहत लंबित अनुदान मामलों, फिल्म निर्माण को प्रोत्साहन और राज्य को फिल्म हब बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई। उपमुख्यमंत्री ने अनुदान प्रक्रिया में तेजी और फिल्म आयोजनों को बढ़ावा देने का आश्वासन दिया।
- उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात में अनुदान, फिल्म नीति और अवॉर्ड शो पर हुई चर्चा
पटना। Indian Motion Picture Producers Association (IMPPA) के अध्यक्ष Abhay Sinha और इंपा की कार्यकारिणी समिति के सदस्य व Film Makers Combine (FMC) के सचिव Nishant Ujjwal ने बिहार के उपमुख्यमंत्री Samrat Chaudhary से शिष्टाचार मुलाकात की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें उपमुख्यमंत्री बनने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुलाकात के दौरान Bihar में फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने और राज्य की फिल्म नीति को और प्रभावी बनाने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में अभय सिन्हा ने बिहार फिल्म नीति के अंतर्गत फिल्मों को मिलने वाले अनुदान का विषय प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में बिहार में 30 से अधिक फिल्मों का निर्माण हो चुका है, बावजूद इसके कई फिल्मों को अब तक अनुदान की स्वीकृति नहीं मिल पाई है। उन्होंने आग्रह किया कि लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा कर समयबद्ध तरीके से अनुदान जारी किया जाए, ताकि निर्माताओं का भरोसा बना रहे और राज्य में फिल्म निर्माण का वातावरण सुदृढ़ हो सके।
अभय सिन्हा ने कहा कि बिहार में फिल्म निर्माण की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। राज्य की समृद्ध लोक-संस्कृति, विविध प्राकृतिक व ऐतिहासिक लोकेशन और स्थानीय प्रतिभाएं देशभर के फिल्मकारों को आकर्षित कर सकती हैं। यदि सरकार अनुदान, सिंगल-विंडो क्लीयरेंस, शूटिंग परमिशन और बुनियादी सुविधाओं को समय पर उपलब्ध कराए, तो बिहार न केवल भोजपुरी बल्कि हिंदी सहित अन्य भाषाओं की फिल्मों का भी बड़ा केंद्र बन सकता है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि अनुदान प्रक्रिया में पारदर्शिता और तय समय-सीमा तय होने से निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और सकारात्मक रुख अपनाते हुए अनुदान स्वीकृति की प्रक्रिया में तेजी लाने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आने वाले दिनों में बिहार में फिल्म निर्माण के लिए अनुकूल वातावरण को और मजबूत करेगी। इसके साथ ही राज्य में बड़े स्तर पर फिल्म अवॉर्ड शो, सांस्कृतिक महोत्सव और फिल्म से जुड़े आयोजनों की योजना पर भी काम किया जा रहा है, जिससे बिहार की पहचान फिल्म और कला के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर और सशक्त होगी।
बैठक के अंत में अभय सिन्हा ने सरकार के आश्वासन का स्वागत करते हुए कहा कि यदि घोषित कदमों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है, तो इससे बिहार के फिल्म उद्योग को नई दिशा और गति मिलेगी। प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि सरकार-उद्योग के इस संवाद से राज्य में फिल्म निर्माण, निवेश और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
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