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वैश्विक घटनाक्रमों से तय होगी शेयर बाजार की चाल

कोरोना के नये वेरिएंट ओमीक्रॉन के संक्रमण के देश में फैलने से रोकने में मिली कामयाबी के साथ ही रिजर्व बैंक द्वारा नीतिगत दरों को यथावत रखने और आर्थिक विकास को गति देने के साथ ही चालू वित्त वर्ष में आर्थिक गतिविधियों में तेजी बने रहने के अनुमान से बीते सप्ताह शेयर बाजार में तेजी रही और अगले सप्ताह बाजार की चाल वैश्विक कारकों से तय होने की संभावना है।अगले सप्ताह अमेरिकी फेड रिजर्व के साथ ही कई प्रमुख देशों के केन्द्रीय बैंक भी अपनी मौद्रिक नीति जारी करने वाले हैं और इसी से बाजार की चाल तय होने की उम्मीद जतायी जा रही है।

वैश्विक स्तर पर ओमीक्रॉन के संक्रमण को नियंत्रित करने में काफी हद तक मदद मिली है और जिसे गति से इसके फैलने की आशंका जतायी जा रही थी उसको काफी हद तक काबू में करने में सफलता मिली है।अगले सप्ताह 15 दिसंबर को अमेरिकी फेड रिजर्व अपनी मौद्रिक नीति जारी करेगा। इसके बाद यूरोपीयन केन्द्रीय बैंक, बैंक ऑफ इंगलैंड, स्विस नेशनल बैंक और बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति जारी होनी है। इसका वैश्विक बाजाार पर असर होगा और उससे भारतीय शेयर बाजार भी प्रभावित होंगे।

बीते सप्ताह 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 1090.21 अंक बढ़कर 58786.67 अंक पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज(एनएसई) का निफ्टी 314.60 अंक चढ़कर 17511.30 अंक पर रहा । इस दौरान छोटी और मझौली कंपनियों में भी लिवाली का जोर देखा गया जिससे बीएसई का मिडकैप 524.27 अंक उठकर 25707.18 अंक पर और स्मॉलकैप 838.92 अंक उछलकर 29260.81 अंक पर रहा।बीते सप्ताह शेयर बाजार को घरेलू संस्थागत निवेशकों ने बढ़त हासिल करने में मदद की क्योंकि विदेशी संस्थागत निवेशकाें ने 9200 करोड़ रुपये की बिकवाल रहे। इस दौरान घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 7200 करोड़ रुपये की लिवाली की जिससे बाजार को गति मिली।

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