FPI का भरोसा लौटा, भारतीय बाजार में तीन हफ्तों में 20,802 करोड़ का निवेश
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने अगस्त के पहले तीन सप्ताह में भारतीय पूंजी बाजार में 20,802 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया है। इसमें इक्विटी का प्रमुख योगदान रहा, जहां 23,544 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। जुलाई और जून के बाद यह लगातार तीसरा महीना है जब एफपीआई शुद्ध खरीदार रहे। हालांकि, वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और पश्चिम एशिया का तनाव आगामी सप्ताह में भारतीय शेयर बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।
मुंबई : विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने भारतीय पूंजी बाजार में अगस्त के पहले तीन सप्ताह में अबतक 20,802 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया है।शुद्ध निवेश एफपीआई द्वारा बाजार में लगायी गयी राशि और बाजार से निकाली गयी राशि का अंतर होता है।
केंद्रीय डिपॉजिटरी सेवा के आंकड़ों के अनुसार, इस वृद्धि के पीछे मुख्य योगदान इक्विटी का रहा। अगस्त में इक्विटी और म्यूचुअल फंड में एफपीआई का निवेश बढ़ा है जबकि डेट और हाइब्रिड उपकरणों में उनका निवेश कम हुआ है।इक्विटी में एफपीआई का शुद्ध निवेश तीन सप्ताह में 23,544 करोड़ रुपये रहा। म्यूचुअल फंड में उनका निवेश 50 करोड़ रुपये बढ़ा।
इस दौरान, डेट में एफपीआई 226 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की। हाइब्रिड उपकरणों से उन्होंने 2,566 करोड़ रुपये निकाले।यह लगातार तीसरा महीना है जब एफपीआई भारतीय पूंजी बाजार में शुद्ध रूप से लिवाल रहे हैं। जुलाई में उन्होंने 40,031 करोड़ रुपये और जून में 4,669 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया था।इस साल अबतक एफपीआई ने 1,52,040 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की है।
इसमें अकेले इक्विटी से उन्होंने 2,30,529 करोड़ रुपये निकाले हैं। डेट और म्यूचुअल फंड में उनका निवेश सकारात्मक रहा है। हाइब्रिड उपकरणों से भी उन्होंने शुद्ध निकासी की है।
वैश्विक कारकों से मिलेगी शेयर बाजार को दिशा
घरेलू शेयर बाजारों में पिछले सप्ताह प्रमूख सूचकांकों में रही गिरावट के बाद आने वाले सप्ताह में निवेशकों की नजर वैश्विक कारकों पर रहेगी।इन वैश्विक कारकों में कच्चा तेल और पश्चिम एशिया संघर्ष भी शामिल है। ईरान और अमेरिका के बीच अस्थायी युद्ध विराम की 60 दिन की अवधि समाप्त हो चुकी है और फिलहाल कोई नया समझौता नहीं हो सका है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम एक बार फिर 90 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गये हैं।
बीते सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स पहले तीन दिन गिरावट में रहा। गुरुवार को इसमें तेजी रही जबकि शुक्रवार को यह लगभग सपाट बंद हुआ। सेंसेक्स 468.42 अंक (0.60) प्रतिशत की साप्ताहिक गिरावट में शुक्रवार को 77,540.83 अंक पर बंद हुआ।नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी सप्ताह के दौरान 114 अंक यानी 0.48 प्रतिशत नीचे 24,252 अंक पर रहा। प्रमुख सूचकांकों के विपरीत वृहत बाजारों में साप्ताहिक बढ़त देखी गयी।
निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.33 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 1.21 प्रतिशत ऊपर रहा।बजाज ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट (अनुसंधान) पबित्रो मुखर्जी ने बताया कि आलोच्य सप्ताह में विदेशी संस्थागत निवेशक शुद्ध रूप से बिकवाल रहे जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने बाजार में पैसा लगाया। सप्ताह के दौरान एफपीआई का निवेश 16.02 अरब रुपये घट गया।गत सप्ताह सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 18 के शेयरों में साप्ताहिक गिरावट रही। इंफोसिस का शेयर 4.20 प्रतिशत लुढ़क गया।
इंडिगो में 4.18 फीसदी, एचसीएल टेक्नोलॉजीज में 4.12, हिंदुस्तान यूनीलिवर में 3.46 और टेक महिंद्रा में 3.16 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी।सप्ताह के दौरान, आईटीसी का शेयर 2.81 फीसदी, टीसीएस का 2.59, एशियन पेंट्स का 2.58, भारती एयरटेल और ट्रेंट दोनों का 2.26, भारतीय स्टेट बैंक का 2.12 और मारुति सुजुकी का 2.06 प्रतिशत टूटा। अल्ट्राटेक सीमेंट का शेयर 1.40 प्रतिशत, सन फार्मा का 1.25, महिंद्रा एंड महिंद्रा का 0.64, टाटा स्टील का 0.44, एनटीपीसी का 0.28 और बजाज फिनसर्व का 0.07 प्रतिशत नीचे बंद हुआ।
इटरनल में सबसे अधिक 3.02 प्रतिशत की साप्ताहिक तेजी रही। कोटक महिंद्रा बैंक का शेयर 2.49 फीसदी, एक्सिस बैंक का 2.37 और पावरग्रिड का 2.18 प्रतिशत चढ़ा। बीईएल में 0.76 फीसदी, एलएंडटी में 0.62, बजाज फाइनेंस में 0.51, रिलायंस इंडस्ट्रीज में 0.46, अडानी पोर्टस में 0.12, आईसीआईसीआई बैंक में 0.07 और टाइटन तथा एचडीएफसी बैंक दोनों में 0.02 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गयी।(वार्ता)
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