अनुशासन से बांधता है संविधान, अनुशासन ही दिलाता है सम्मानः रोहित गुप्त

शासकीय हाई स्कूल देवरीडांड में फहरा राष्ट्रीय-ध्वज
सिंगरौली। देश के 71वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर शासकीय हाई स्कूल देवरीडांड में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, पत्रकार-साहित्यकार रोहित गुप्त ने ध्वज वंदन व भारत माता का वंदन करते हुए कहा कि जिस प्रकार गणवेश स्कूली छात्र-छात्राओं को एक विशेष पहचान और समानता प्रदान करता है, उसी प्रकार हमारा संविधान देश के नागरिकों की गरिमामयी पहचान है। उन्होंने कहा कि संविधान हमें अनुशासन से बांधता है और उससे आबद्ध लोग ही समाज में सम्मान के पात्र बनते हैं।

श्री गुप्त ने अपने संवाद से छात्र-छात्राओं को जोड़ते हुए कहा कि जल एक तत्व है जिसके तीन रूप होते हैं, ठोस, द्रव और गैस। उसी प्रकार हमारे राष्ट्रीय ध्वज में भी तीन रंग हैं जो एकाकार होकर हमारे स्वाभिमान का प्रतीक बन जाते हैं। भरत विविधताओं से भरा एक प्यारा देश है। तीन रंगों वाला हमारा तिरंगा इसका द्योत्तक है। यह बंधुत्व एवं सहिष्णुता का अनुपालन करते हुए गतिमान चक्र की तरह राष्ट्र को निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर करने हेतु हम सभी देशवासियों को प्रेरणा देता है।

इस कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्राचार्य आर.पी.एस. दुबे कर रहे थे। सेवानिवृत्त प्राचार्य सर्वश्री त्रिवेणी सिंह, आर.एन. सिंह, कवि कमलेश्वर ओझा, सामाजिक चिंतक श्रीमती कुसुम गुप्ता विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। एडवेंचर स्पोर्ट उत्तराखंड के पदाधिकारी रजनीकांत जायसवाल की भी विशेष उपस्थिति थी तथा संचालन शिक्षक मनोज जी कर रहे थे।

इस राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर कक्षा 9वीं एवं 10वीं की छात्राओं ने कई आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जिसे उपस्थित अतिथियों ने खूब सराहा। कार्यक्रम के सफल संपादन हेतु विद्यालय के शिक्षक-अध्यापक श्रीमती संगीता सोनी, सर्वश्री आर.एन. कुशवाहा, आर.एल. वर्मा, डी.एन. सिंह, के.के. दुबे, सरोज साकेत की प्रमुख भूमिका रही। इस अवसर पर काफी संख्या में अभिभावकों की भी उपस्थिति थी। कार्यक्रम के दौरान विशेष उपलब्धियों के लिये छात्र-छात्राओं को एडवेंचर स्पोट्स के बच्चों को मेडल एवं प्रतिभागियों को अतिथियों द्वारा पुरस्कार प्रदान किया गया। मुख्य अतिथि श्री गुप्त ने प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होने वाले सभी परीक्षार्थियों के लिये विशेष पुरस्कार की घोषणा की। अंत में प्राचार्य श्री दुबे ने अतिथियों के प्रति आभार ज्ञापित किया।

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