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यूपीपीएससी द्वारा चयनित 110 नायब तहसीलदारों को सीएम योगी ने सौंपे नियुक्ति-पत्र

सबके सहयोग से 06 वर्षों में यूपी की अर्थव्यवस्था होगी नंबर एक: योगी .पिछली सरकारों की नीयत में था खोट, ईमानदारी का अभाव, इसलिए हताश-निराश थे युवा . प्रदेश वही, तंत्र वही, सही नीति साफ नीयत से लौटा लोगों का विश्वास: योगी

लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अगले छह वर्ष में उत्तर प्रदेश को देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा है कि आज का यूपी देश में निवेश के लिए पसंदीदा शीर्ष दो राज्यों में शामिल है। बीते साढ़े चार सालों में अर्थव्यवस्था के पैमाने पर देश में नम्बर छह से दो पर आ चुके उत्तर प्रदेश को अब पहले पायदान पर लाना है। लेकिन यह काम कोई मुख्यमंत्री अकेले नहीं कर सकता। इसमें हर नागरिक की अपनी भूमिका है, जिम्मेदारी है। सबका सहयोग रहा तो अगले छह साल में उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला राज्य होगा।

सीएम योगी शुक्रवार को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा नायब तहसीलदार पद पर चयनित 110 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान कर रहे थे। नौकरी के लिए ‘योग्यता और मेरिट’ को आधार मानने की नई कार्यसंस्कृति का जिक्र करते हुए सीएम ने पिछली सरकारों के दौरान नियुक्तियों में भेदभाव और भ्रष्टाचार की याद भी दिलाई।

सीएम ने कहा कि आज नियुक्ति पत्र प्राप्त कर रहे युवाओं में से बहुत से लोग 2017 के पहले भी अनेक परीक्षाएं दे चुके होंगे। लेकिन तत्कालीन भ्रष्ट व्यवस्था, जबकि शासन की नीति और नीयत में खोट थी, प्रतिभावान युवा खुद को छला हुआ महसूस करता था। हताश और निराश युवा पलायन को मजबूर थे। लेकिन 2017 में जब नई सरकार आई तो तय हुआ कि नियुक्तियों में जाति, मत, मजहब, गांव, जिला अथवा चेहरा देखकर कोई फैसला नहीं होगा। बस योग्यता और मेरिट ही चयन का एक मात्र आधार होगा।

नतीजतन आज साढ़े चार साल में साढ़े चार लाख सरकारी पदों पर नियुक्तियां हुईं और एक भी भर्ती में भ्रष्टाचार अथवा पक्षपात का आरोप नहीं लगाया जा सकता। आरक्षण के नियमों का पालन करते हुए हर प्रतिभावान नौजवान को प्रोत्साहित किया जा रहा है। सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश वही है जो वर्ष 2017 से पहले था। तंत्र और संसाधन वही है, लेकिन प्रदेश की छवि अब बदली है।

वर्ष 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश के बारे में जो लोगों में धारणा थी कि यहां लोग आने से डरते थे। लोगों को न्याय मिलना यहां कठिन चुनौती थी, लेकिन आज वही उत्तर प्रदेश विकास के लक्ष्यों को प्राप्त कर रहा है। आज सरकारी नौकरियों में एक-एक व्यक्ति का चयन पारदर्शी तरीके से हो रहा है। हर व्यक्ति अपनी योग्यता व क्षमता के अनुरूप स्थान प्राप्त कर रहा है। उसे किसी सिफारिश की आवश्यकता नहीं है। शुचिता और पारदर्शिता इस नई कार्यसंस्कृति की मुख्य तत्व है।

पहले दिन से ईमानदारी को बनाएं कार्य-व्यवहार का हिस्सा:

नवचयनित नायब तहसीलदारों को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें शासन की अपेक्षाएं भी बताएं तो उनकी महती जिम्मेदारियों का अहसास भी कराया। नवचयनित युवाओं से कहा कि जिस प्रकार से चयन प्रक्रिया में ईमानदारी से योग्यता को आधार बनाया गया है उसी प्रकार से आपसे अपेक्षा है ऐसी ही ईमानदारी, स्वच्छ और पारदर्शी तरीके से कार्य करें। पहले दिन से अगर यही भाव बना रहा तो जीवन में बहुत तरक्की होगी, अन्यथा रास्ते मे ही ‘लुढ़क’ जाएंगे। प्रदेश की जनता की खुशहाली और खुद के जीवन में संतुष्टि और गर्व के लिए जरूरी है कि अपना काम पूरी ईमानदारी से करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नायब तहसीलदार राजस्व विभाग का बहुत महत्वपूर्ण पद है। कोई विकास परियोजना शुरू करनी हो या आमजन के राजस्व सम्बन्धी पारिवारिक मसलों का समाधान, नायब तहसीलदार की भूमिका अहम है। मुख्यमंत्री योगी ने राजस्व विभाग में बढ़ते डिजिटाइजेशन को जनहित में उपयोगी बताते हुए विभाग के कार्यप्रणाली की सराहना भी की। कार्यक्रम में राजस्व राज्य मंत्री छत्रपाल सिंह गंगवार ने विभागीय गतिविधियों का संक्षिप्त ब्यौरा भी पेश किया।

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