
बैंक का बदला नाम ,पर बदली नही व्यवस्था
बैंक में दलालों का वर्चस्व,उपभोक्ता हो रहे हलकान
दुद्धी, सोनभद्र– स्थानीय इंडियन बैंक की अमवार ब्रांच में उपभोक्ताओं की सुनवाई कम,दलालों का वर्चस्व ज्यादा है। फिलहाल लंबे समय से सुर्खियों में रहने वाले इस शाखा की कार्यशैली में बदलाव के कोई आसार नजर नहीं आ रहे।
ज्ञातव्य हो कि सरकार ने पारदर्शी प्रक्रिया के तहत भ्रष्टाचार एवं बिचौलियों की दखलंदाजी पर पूर्ण विराम के लिए जन धन योजना से आम आदमी को जोड़ने का काम किया। ताकि सरकार समेत तमाम योजनाओं से मिलने वाली लाभ सीधा सही व्यक्ति के खाते तक पहुंच सके।लेकिन सरकार के मंशा को धूल धूसरित करने में जुटे कुछ अधिकारी अपने निकम्मेपन से बाज नही आ रहे। खासकर कुछ बैंकों की स्थिति बेहद चिंताजनक है। जहां न तो उपभोक्ताओं की सुनी जाती है और न ही उन्हें संतोषजनक जवाब दिया जाता है।बैंक का चक्कर लगाते लगते कई उपभोक्ता थक जाते हैं और इसके लिए सरकार को कोसने लगते हैं। सरकार ने जब से किसी भी लाभ व लेनदेन के लिए आधार को बैंक खातों से लिंक कराने के नियम बना रखी है तब से गरीब लोगों की समस्या बढ़ गयी है। आधार को बैंक खाते से लिंक कराने के लिए दूर-दराज से आने वाले गरीब खाताधारक बैंक कर्मियों के व्यवहार से दुःखी होकर लौट जाते हैं।
सबसे ज्यादा खराब स्थिति इंडियन बैंक ब्रांच अमवार(दुद्धी) की है। इंडियन बैंक में विलय हो चुके इलाहाबाद बैंक कर्मियों का वही पुराना ढर्रा, उपभोक्ताओं को हैरान व परेशान करना आज भी बदस्तूर जारी है।बैंक का नाम बदला लेकिन व्यवस्था नही बदली। हद तो तब हो जाती है जब जिम्मेदार अधिकारी बैंक मैनेजर भी उसी रंग में रंग कर,गरीब उपभोक्ताओं की अनसुनी कर देता है। अमवार ब्रांच से पीड़ित उपभोक्ता शम्भूनाथ ने बताया कि उसके बच्चे सरकारी कम्पोजिट विद्यालय में पढ़ते हैं। जिसकी डीबीटी धनराशि खाते में जाती। विद्यालय में शिक्षक द्वारा बताया गया कि खाते से आधार लिंक न होने के कारण आपके खाते में पैसा नही जा रहा है। शिक्षक की सलाह पर कई दिनों से उपभोक्ता शम्भू बैंक का चक्कर लगा रहा है।लेकिन उसकी कोई सुनवाई बैंक कर्मियों द्वारा नही की गई। शम्भू थक हारकर जब मैनेजर के पास गया तो उन्होंने ने भी दूसरे काउंटर पर भेजकर पल्ला झाड़ लिया। इस बाबत जब मीडियाकर्मी ने मैनेजर से सेलफोन पर उनका पक्ष जानने के लिए बात करनी चाही तो बात नही की।



