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रेवड़ियां बांटने की राजनीति
डॉ. वेदप्रताप वैदिक हिंदी की एक कहावत है कि ‘अंधा बांटे रेवड़ी, अपने-अपने को देय।’ अपने नेताओं ने अपने आचरण…
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संघ की विश्व गुरु साधना
डॉ. दिलीप अग्निहोत्री राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार युग द्रष्टा थे। वह महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे।…
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फिर याद आया, वह काला दिन!
डॉ. वेदप्रताप वैदिक 26 जून, 1975 का काला दिन आज 46 साल बाद मुझे फिर याद आया। 25 जून, 1975…
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आपातकाल पर विशेष : बिजली काट दो, मशीन रोक दो, बंडल छीन लो!
बलबीर दत्त यदि जून, 1975 में देश में कोई केन्द्रीय कंट्रोल रूम होता, जहां से पूरे देश के अखबारों के…
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रिश्तो में पारदर्शिता एवं ईमानदारी अत्यंत आवश्यक !
डॉ. प्रतिभा जवड़ा भारतीय समाजों की सबसे बड़ी विडंबना यह है की रिश्तो में पारदर्शिता और ईमानदारी की बहुत कमी…
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अप्रैल फूल विशेष- जब भारतेन्दु हरिश्चन्द्र ने बनाया लाखों लोगों को ‘मूर्ख’
दुनियाभर में 1 अप्रैल को अप्रैल फूल (मूर्ख दिवस) मनाया जाता है। इस दिन हल्के-फुल्के हंसी-मजाक के सहारे लोग एक-दूसरे…
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