NewsOpinionState

सीएए हिंसा: चिदंबरम ने कहा कि जनता असंवेदनशील लोगों को सत्ता में पहुंचाने की कीमत चुका रही

नयी दिल्ली : दिल्ली में हिंसा की निंदा करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने मंगलवार को कहा कि जनता ‘असंवेदनशील तथा अदूरदर्शी’ नेताओं को सत्ता में पहुंचाने की कीमत चुका रही है।

चिदंबरम ने कहा कि सीएए में संशोधन का परित्याग तत्काल प्रभाव से करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले में उच्चतम न्यायालय का फैसला आने तक सीएए को रोक देना चाहिए तथा सीएए-विरोधी प्रदर्शनकारियों की बात सुननी चाहिए।

उत्तर पूर्वी दिल्ली में सोमवार को संशोधित नागरिकता कानून को लेकर हुई हिंसा में एक हेड कांस्टेबल समेत सात लोगों की मौत हो गई और कम से कम 50 अन्य लोग घायल हो गए। घायलों में अर्द्धसैनिक बलों और दिल्ली पुलिस के कर्मी भी शामिल हैं।

उपद्रवियों ने घरों, दुकानों, वाहनों और एक पेट्रोल पंप को आग लगा दी और पथराव किया।

चिदंबरम ने कहा कि सोमवार को दिल्ली में हुई हिंसा और उसमें लोगों की मौत बहुत स्तब्धकारी है और इसकी कड़ी निंदा होनी चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘लोग असंवेदनशील और अदूरदर्शी लोगों को सत्ता में बैठाने की कीमत चुका रहे हैं। भारत में नागरिकता कानून 1955 लागू था और उसमें किसी संशोधन की जरूरत नहीं पड़ी थी। तो कानून में अब संशोधन की जरूरत क्यों पड़ी? संशोधन (सीएए) को तुरंत रद्द कर देना चाहिए।’’

उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ‘‘अब भी देर नहीं हुई। सरकार को सीएए का विरोध कर रहे लोगों की बात चुनना चाहिए और घोषणा करना चाहिए कि कानून की वैधता के बारे में उच्चतम न्यायालय का फैसला आने तक इस पर रोक रहेगी।’’

कांग्रेस नेता ने कहा कि उनकी पार्टी ने चेतावनी दी थी कि सीएए बहुत अधिक विभाजनकारी है और इसे रद्द कर देना या छोड़ देना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन हमारी चेतावनी अनसुनी की गई।’’

Tags

Related Articles

Back to top button
Close
Close