कसया : नववर्ष की शुरुआत बाबा गणिनाथ जी के दर्शन-पूजन से करने का आह्वान
मध्यदेशीय वैश्य महासभा नगर इकाई कसया ने नववर्ष के प्रथम दिन बाबा संत गणिनाथ जी के दर्शन-पूजन से वर्षारंभ करने की अपील की है। 1 जनवरी को प्रातः 10 बजे कसया स्थित महासभा कार्यालय पर सामूहिक पूजन होगा। समाज से सेवा, एकता और संस्कार के संकल्प के साथ सहभागिता का आह्वान किया गया है।
- 1 जनवरी को कसया में मध्यदेशीय वैश्य महासभा कार्यालय पर सामूहिक पूजन का आयोजन
कसया,कुशीनगर | नववर्ष के प्रथम दिवस को आस्था, संस्कार और सामाजिक एकता के भाव के साथ आरंभ करने के उद्देश्य से मध्यदेशीय वैश्य महासभा नगर इकाई कसया की ओर से कुलगुरु बाबा संत गणिनाथ जी के दर्शन–पूजन का सामूहिक आह्वान किया गया है। महासभा ने मध्यदेशीय वैश्य समाज के सभी स्वजातीय बंधुओं से भावपूर्ण अपील की है कि वे 1 जनवरी को प्रातः 10 बजे कसया स्थित मध्यदेशीय वैश्य महासभा कार्यालय (हाईवे पुलिस चौकी के बगल में) पहुँचकर बाबा गणिनाथ जी का विधिवत दर्शन–पूजन करें और उनके पावन आशीर्वाद से अपने वर्ष के कार्यों का शुभारंभ करें।
जारी अपील में कहा गया है कि बाबा गणिनाथ जी की कृपा से ही जीवन की प्रत्येक दिशा प्रकाशित होती है। उनके आशीर्वाद से सेवा, संस्कार और समाज-कार्य सफल होते हैं। समाज का अनुभव रहा है कि जब किसी भी कार्य का आरंभ बाबा के चरणों से किया जाता है, तो प्रत्येक प्रयास सिद्धि की ओर अग्रसर होता है।
महासभा ने समाज के प्रत्येक परिवार से यह भी अनुरोध किया है कि वे नववर्ष के अवसर पर अपने-अपने घरों में बाबा गणिनाथ जी के चित्र पर माल्यार्पण कर पूजा-अर्चना करें और परिवार सहित बाबा के दरबार में शीश झुकाकर आशीर्वाद प्राप्त करें।
पूजा-भोग के संबंध में भक्तों से विनम्र आग्रह किया गया है कि वे अपने साथ सफेद माला, सफेद पेड़ा एवं अरवा चावल की खीर अवश्य लेकर आएँ। बताया गया कि अरवा चावल की खीर बाबा का मुख्य प्रसाद है। भोग अर्पित करने के उपरांत पावन प्रसाद को श्रद्धा सहित परिवार में वितरित करने की परंपरा निभाने का भी आग्रह किया गया है, क्योंकि इसे बाबा का आशीर्वाद माना जाता है।
मध्यदेशीय वैश्य महासभा नगर इकाई कसया ने कहा है कि इस नववर्ष पर समाज के सभी लोग परिवार सहित और समाज सहित बाबा के दरबार में उपस्थित होकर सेवा, एकता और संस्कार के मार्ग पर आगे बढ़ने का संकल्प लें। समाज का विश्वास है कि गुरु-चरणों से हुई वर्ष की शुरुआत पूरे वर्ष सकारात्मक ऊर्जा, सफलता और सामाजिक समरसता प्रदान करती है।
1 जनवरी को देश-विदेश में बसे मध्यदेशीय वैश्य समाज से दर्शन-पूजन और सेवा-संकल्प की अपील
एक दिन, एक मंच, एक संदेश-बाबा गणिनाथ पूजनोत्सव ने जोड़ा हर पीढ़ी को



