
‘बेहयाई बतिया रहे हैं अखिलेश यादव’, ओपी राजभर का सपा प्रमुख के वाराणसी दौरे पर तीखा हमला
अखिलेश यादव के वाराणसी दौरे के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और मंत्री मनोज कुमार पाण्डेय ने सपा प्रमुख पर तीखा हमला बोला। भाजपा नेताओं ने काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन नहीं करने, सनातन धर्म, तुष्टीकरण की राजनीति और सपा सरकार के कार्यकाल में धार्मिक स्थलों की कथित उपेक्षा को लेकर सवाल उठाए। कृष्ण जन्मभूमि और काशी के विकास का मुद्दा भी राजनीतिक बयानबाजी के केंद्र में रहा।
लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के वाराणसी दौरे को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पाण्डेय और भाजपा के नेताओं ने सपा प्रमुख पर तीखा हमला बोला है। नेताओं ने काशी के विकास, मंदिर दर्शन, सनातन धर्म और सपा की पूर्ववर्ती सरकार की नीतियों को लेकर अखिलेश यादव को घेरा।
काशी के विकास पर ओपी राजभर ने उठाए सवाल
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव को अपने मुख्यमंत्रित्वकाल में काशी की स्थिति याद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में काशी में व्यापक विकास कार्य हुए हैं।
अखिलेश यादव के काशी में मेट्रो चलाने संबंधी दावे पर तंज कसते हुए राजभर ने कहा कि विकास के मुद्दे पर सपा प्रमुख की बातें वास्तविकता से परे हैं। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार के कार्यकाल में विकास की गंगा बह रही है। सपा की सरकार बनने के दावों पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा, “न नौ मन गेहूं होगा, न राधे गवने जायेंगी।”
मंदिर दर्शन को लेकर अखिलेश पर निशाना
ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव के मंदिर दर्शन को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख सनातन धर्म पर ज्ञान देते हैं, लेकिन मथुरा और वाराणसी में मंदिरों में दर्शन करने से परहेज करते हैं।
राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव मुख्यमंत्री रहते जालीदार टोपी पहनकर ‘अली-अली’ करते थे और अब बजरंगबली का नाम ले रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि यदि राम और कृष्ण एक ही हैं, जैसा कि अखिलेश यादव कहते हैं, तो उन्हें भगवान श्रीकृष्ण और भगवान श्रीराम के दर्शन करने में परेशानी क्यों है?
राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव वाराणसी जाने के बावजूद बाबा विश्वनाथ के दर्शन नहीं कर सके। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि अखिलेश यादव बाबा विश्वनाथ मंदिर जाते तो जालीदार टोपी वाले उन्हें दौड़ा लेते।
ब्रजेश पाठक ने तुष्टीकरण की राजनीति का लगाया आरोप
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि अखिलेश यादव को प्रदेश के विकास से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा प्रमुख केवल तुष्टीकरण की राजनीति करते हैं।
पाठक ने कहा कि सपा सरकार के कार्यकाल में जाति और क्षेत्र के आधार पर विकास कार्य किए जाते थे, जबकि योगी सरकार में प्रदेश का चौतरफा विकास हो रहा है। उन्होंने काशी का उल्लेख करते हुए कहा कि वाराणसी आज विश्वस्तरीय शहर के रूप में विकसित हो रही है।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव काशी गए, लेकिन बाबा विश्वनाथ के दर्शन नहीं किए और अब उसी नगरी के विकास पर सवाल उठा रहे हैं।
रामभक्तों पर गोली चलवाने वालों को मंदिरों की बात करने का अधिकार नहीं: मनोज पाण्डेय
कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पाण्डेय ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने अयोध्या में रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं और भगवान राम तथा शिव के अस्तित्व पर सवाल उठाए, वे आज मंदिरों और सनातन धर्म की बात कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार ने अपने विधायकों को अयोध्या में राम मंदिर दर्शन के लिए जाने से रोका था। पाण्डेय ने कहा कि सनातन धर्म में भगवान श्रीराम, भगवान श्रीकृष्ण और भगवान शिव सभी पूजनीय हैं।
कृष्ण जन्मभूमि पर अपना रुख स्पष्ट करें अखिलेश: दिनेश प्रताप सिंह
भाजपा के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव की राजनीति का आधार तुष्टीकरण है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा शासनकाल में काशी, मथुरा और अयोध्या जैसे धार्मिक स्थलों की उपेक्षा की गई।
उन्होंने सवाल उठाया कि वाराणसी दौरे के दौरान अखिलेश यादव काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन करने क्यों नहीं गए? दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव को कृष्ण जन्मभूमि के मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख को यह बताना चाहिए कि मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण का भव्य मंदिर बनाने के मुद्दे पर उनकी पार्टी का क्या दृष्टिकोण है।
संकटमोचन मंदिर ब्लास्ट के आरोपियों का मुकदमा वापस लेने की पैरवी का आरोप
भाजपा प्रवक्ता डॉ. अंकुश त्रिपाठी ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा को सबसे पहले काशी की जनता से माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान वाराणसी कचहरी और संकटमोचन मंदिर में हुए सीरियल ब्लास्ट के आरोपियों के मुकदमे वापस लेने की पैरवी की गई थी। उन्होंने ज्ञानवापी में पूजा बंद कराने के मामले का भी उल्लेख करते हुए सपा की नीतियों पर सवाल उठाए।
अंकुश त्रिपाठी ने कहा कि योगी सरकार के कार्यकाल में प्रदेश के धार्मिक स्थलों का विकास हो रहा है। काशी विश्वनाथ धाम के विकास के बाद धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि अयोध्या, मथुरा और विंध्याचल में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
वाराणसी दौरे से गरमाई सियासत
अखिलेश यादव के वाराणसी दौरे के बाद भाजपा और सपा के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। भाजपा नेताओं ने जहां काशी के विकास और मंदिर दर्शन को लेकर सपा प्रमुख को घेरा है, वहीं उनके बयानों से प्रदेश की राजनीति में धार्मिक और विकास संबंधी मुद्दे एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गए हैं।
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