योगी की हुंकार: ‘विकास के रास्ते का बैरियर है सपा’, नौकरियों और परिवारवाद पर विपक्ष को घेरा
मीरजापुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक-स्नातक सम्मेलन में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सपा पर विकास कार्यों में बाधा डालने, परिवारवाद और शिक्षा व्यवस्था की उपेक्षा के आरोप लगाए। मुख्यमंत्री ने साढ़े नौ वर्षों में 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने, 15 लाख शिक्षकों को पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर उपलब्ध कराने और 62 लाख युवाओं को टैबलेट वितरित करने की जानकारी दी। उन्होंने भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में मतदान की अपील भी की।
मीरजापुर : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस पर शिक्षा व्यवस्था की उपेक्षा, परिवारवाद और विकास कार्यों में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों दलों के शासन में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई और युवाओं को रोजगार के लिए संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने सपा को जनसमस्याओं के समाधान के रास्ते का बैरियर करार देते हुए मतदाताओं से ऐसे जनप्रतिनिधियों को चुनने की अपील की, जो शिक्षकों, स्नातकों और आम जनता की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाकर उनके समाधान का रास्ता खोल सकें।
मुख्यमंत्री गुरुवार को मीरजापुर में वाराणसी खंड शिक्षक एवं स्नातक विधान परिषद चुनाव के मद्देनजर आयोजित सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी डॉ. प्रमोद मिश्रा और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से केदारनाथ सिंह के समर्थन में मतदान की अपील की। उन्होंने कहा कि दोनों प्रत्याशी पिछला चुनाव नहीं जीतने के बावजूद शिक्षकों और स्नातकों की समस्याओं को लेकर लगातार उनके बीच आते रहे हैं। मुख्यमंत्री ने 23 अक्टूबर को सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक होने वाले मतदान में भागीदारी का आह्वान करते हुए भरोसा दिलाया कि इनके माध्यम से सामने आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए सरकार प्रयास करेगी।
सपा-कांग्रेस को बताया शिक्षा विरोधी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाजवादी पार्टी हो या कांग्रेस, दोनों शिक्षा विरोधी हैं। यदि ऐसा नहीं होता तो प्रदेश में शिक्षा की स्थिति इतनी खराब नहीं होती। शिक्षा व्यवस्था में अव्यवस्था का सबसे अधिक असर शिक्षकों के सम्मान और स्नातक युवाओं के भविष्य पर पड़ता है। इससे युवा हताश और निराश होते हैं तथा उन्हें पलायन के लिए मजबूर होना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के कार्यकाल में विश्वविद्यालय खोलने और महाविद्यालयों को मान्यता देने पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया तथा शिक्षा के क्षेत्र में अराजकता का माहौल रहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में विकास को लेकर स्पष्ट दृष्टि और इच्छाशक्ति का अभाव था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था में सुधार, युवाओं को रोजगार, शिक्षकों को सम्मान और शिक्षण संस्थानों के कायाकल्प की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता युवाओं की प्रतिभा को अवसर देना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
साढ़े नौ वर्षों में साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में भाजपा और एनडीए के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश के साढ़े नौ लाख युवाओं और स्नातकों को सरकारी नौकरी दी गई है। उन्होंने दावा किया कि बेहतर कानून-व्यवस्था और सुरक्षा के वातावरण के कारण विभिन्न क्षेत्रों में 65 लाख लोगों को रोजगार मिला है। वहीं, एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के माध्यम से तीन करोड़ से अधिक रोजगार के अवसर विकसित किए गए हैं।
सपा शासन पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय नौकरियों पर सैफई सिंडिकेट का कब्जा था और नियुक्तियों में पारदर्शिता के बजाय प्रभावशाली लोगों की भूमिका रहती थी। मुख्यमंत्री ने तत्कालीन आयोग अध्यक्ष अनिल यादव का उल्लेख करते हुए कहा कि सैफई परिवार से रिश्तेदारी रखने वाले व्यक्ति को आयोग का अध्यक्ष बनाया गया था, जबकि वह इस पद के योग्य नहीं थे। उनके मुताबिक, हाईकोर्ट ने इस मामले में सख्त टिप्पणी की और उन्हें पद से हटाया गया।
योगी ने कहा कि उस समय युवा नौकरी की मांग को लेकर सड़कों पर आंदोलन करते थे, लेकिन तत्कालीन अखिलेश यादव सरकार उनकी आवाज नहीं सुनती थी। इसके विपरीत, वर्तमान सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने का प्रयास किया है। उन्होंने यह भी कहा कि आज युवा नौकरी पाने के साथ-साथ स्टार्टअप के माध्यम से दूसरों को रोजगार देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
15 लाख शिक्षकों को पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर
शिक्षकों के हितों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले शिक्षकों को पर्याप्त सम्मान, स्वास्थ्य सुविधाएं और सामाजिक सुरक्षा नहीं मिलती थी। अब बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के स्ववित्तपोषित संस्थानों सहित लगभग 15 लाख शिक्षकों को उनके परिवार सहित प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर उपलब्ध कराया गया है।
उन्होंने कहा कि किसी घटना या दुर्घटना की स्थिति में शिक्षकों को 40 लाख रुपये से लेकर डेढ़ करोड़ रुपये तक की सामाजिक सुरक्षा की सुविधा देने की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार शिक्षकों के सम्मान और सुरक्षा के साथ शिक्षण संस्थानों में आधारभूत सुविधाओं के विकास पर भी ध्यान दे रही है।
उन्होंने माध्यमिक विद्यालयों में भवन, पुस्तकालय, स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी और कंप्यूटर लैब जैसी सुविधाओं के विकास के लिए प्रोजेक्ट अलंकार का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आवश्यक है।
दो करोड़ युवाओं को टैबलेट देने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने युवाओं को डिजिटल सुविधाओं से जोड़ने की योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य दो करोड़ युवाओं को टैबलेट उपलब्ध कराना है। अब तक 62 लाख युवाओं को टैबलेट दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि विधान परिषद चुनाव संपन्न होने के बाद बड़े कार्यक्रम आयोजित कर स्नातक युवाओं को फिर टैबलेट वितरित किए जाएंगे, जिससे डिजिटल अभियान को और गति मिलेगी।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था का भी उन्होंने जिक्र किया। उनके मुताबिक, इन केंद्रों पर नीट, आईआईटी-जेईई, संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी), उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भौतिक एवं ऑनलाइन माध्यमों से की जा सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं की क्षमता पर विश्वास करती है और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध करा रही है।
मीरजापुर मंडल में दो मेडिकल कॉलेज और दो विश्वविद्यालय संचालित होने का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी को चार बार प्रदेश में सरकार चलाने का अवसर मिला, लेकिन उस समय मीरजापुर मंडल के मीरजापुर, सोनभद्र और भदोही जिलों में न मेडिकल कॉलेज था और न विश्वविद्यालय। उन्होंने दावा किया कि अब मंडल में दो मेडिकल कॉलेज और दो विश्वविद्यालय संचालित हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि मीरजापुर में मां विंध्यवासिनी के नाम पर विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेज शुरू हुए हैं, जबकि सोनभद्र में मेडिकल कॉलेज तथा भदोही में काशी नरेश विश्वविद्यालय संचालित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सपा शासन में मंडल में सड़क, बिजली, पानी, सुरक्षा, शिक्षा और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव था।
उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के लिए संसाधनों की कमी नहीं, बल्कि सही नीयत, स्पष्ट दृष्टि और इच्छाशक्ति की जरूरत होती है। सरकार ने धन के दुरुपयोग को रोककर विकास कार्यों में लगाने का प्रयास किया है।
मां विंध्यवासिनी धाम के विकास को बताया आस्था और अर्थव्यवस्था का संगम
विंध्यवासिनी धाम की महत्ता का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मां विंध्यवासिनी, मां अष्टभुजी और काली खोह में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मां विंध्यवासिनी धाम में भव्य कॉरिडोर का निर्माण हुआ है और मां गंगा के घाटों के विकास का कार्य भी आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने दावा किया कि विकास कार्यों और बेहतर सुविधाओं के कारण प्रतिदिन लगभग दो लाख श्रद्धालु मां विंध्यवासिनी धाम पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आस्था के केंद्र आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का माध्यम भी बन सकते हैं। प्रयागराज का महाकुंभ, काशी विश्वनाथ धाम और अयोध्या इसके उदाहरण हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि पहले विकास के लिए उपलब्ध धनराशि का दुरुपयोग माफिया को संरक्षण देने और गरीबों की जमीनों पर कब्जे के लिए किया जाता था। वर्तमान सरकार ने विकास कार्यों को प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि गंगा के पक्के घाटों और अन्य सुविधाओं से श्रद्धालुओं को सहूलियत मिली है। उन्होंने शारदीय नवरात्र की पंचमी पर मां विंध्यवासिनी के दर्शन करने तथा विकास कार्यों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं की समीक्षा का भी उल्लेख किया।
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का जिक्र करते हुए योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले रामलला के दर्शन के लिए संकरे रास्तों से गुजरना पड़ता था और रामलला टाट के नीचे विराजमान थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अब भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर राम मंदिर का विरोध करने और बाद में अयोध्या के विषय में उपदेश देने का आरोप लगाया।
पीडीए के नारे पर सपा को घेरा
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी के पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) संबंधी राजनीतिक नारे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव में सपा ने अपने परिवार से जुड़े व्यक्ति और मुंबई के एक धनी व्यक्ति को प्रत्याशी बनाया, जबकि दलित, पिछड़े और मुस्लिम वर्गों को अवसर नहीं दिया।
इसके विपरीत, उन्होंने कहा कि भाजपा ने आठ प्रत्याशियों को अवसर दिया, जिनमें तीन सामान्य वर्ग, तीन पिछड़े वर्ग और दो अनुसूचित जाति के प्रत्याशी शामिल थे। मुख्यमंत्री के मुताबिक, एनडीए के सभी आठ प्रत्याशी चुनाव जीत गए। उन्होंने इसे सपा के परिवारवाद की राजनीति पर जनता के जवाब के रूप में प्रस्तुत किया।
योगी ने कांग्रेस को नेहरू परिवार और सपा को सैफई परिवार तक सीमित बताते हुए कहा कि दोनों दलों ने प्रदेश की जनता से दूरी बनाई, इसलिए जनता ने भी उन्हें सत्ता से दूर कर दिया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को परिवार से आगे बढ़कर सामान्य कार्यकर्ताओं और समाज के विभिन्न वर्गों को अवसर देना चाहिए।
सपा को विकास कार्यों में बाधा डालने वाला बताया
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी को विकास कार्यों और जनसमस्याओं के समाधान के रास्ते में बाधा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर, मेडिकल कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, गंगा पर पुलों और घाटों के निर्माण जैसे कार्यों में सपा ने व्यवधान पैदा करने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा कि अच्छा जनप्रतिनिधि चुनने से जनता की समस्याओं के समाधान का रास्ता खुलता है, जबकि गलत प्रतिनिधि समस्याओं के समाधान में बाधा बन जाता है। मुख्यमंत्री ने मतदाताओं से ऐसे प्रतिनिधियों को चुनने की अपील की, जो शिक्षकों, स्नातकों और आम जनता की आवाज उठाएं तथा सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने में मदद करें।
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर विपक्ष को घेरते हुए उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर माफिया के सामने झुकने और प्रदेश की पहचान को नुकसान पहुंचाने का आरोप रहा है, वे आज सुरक्षा की बात कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पहले नवरात्र में दुर्गा प्रतिमा स्थापित करने के लिए भी लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था और मंदिरों में गंदगी, अव्यवस्था तथा सुविधाओं का अभाव रहता था। उनके अनुसार, अब सरकार जनता के साथ खड़ी है और सेवा संकल्प अभियान के तहत प्रत्येक ब्लॉक में शिविर लगाकर पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ा गया है।
ओडीओपी से बदली उत्तर प्रदेश की पहचान: नंद गोपाल गुप्ता नंदी
सम्मेलन में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की पहचान और छवि में बदलाव आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश की पहचान परिवारवाद, तुष्टीकरण और ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’ से होती थी, जबकि अब सुशासन, कानून-व्यवस्था, औद्योगिक विकास और ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ योजना प्रदेश की नई पहचान बन रहे हैं।
नंदी ने कहा कि पहले विकास सैफई और रायबरेली तक सीमित रहने का आरोप लगता था, लेकिन अब बुंदेलखंड से पश्चिमांचल और अवध से पूर्वांचल तक विकास कार्य हो रहे हैं। उन्होंने आगामी विधान परिषद चुनाव को प्रदेश के विकास और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का अवसर बताते हुए मतदाताओं से भाजपा प्रत्याशियों को समर्थन देने की अपील की।
निष्पक्ष भर्ती को सरकार की उपलब्धि बताया: आशीष पटेल
तकनीकी शिक्षा मंत्री आशीष पटेल ने कहा कि शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यों और जनहित में किए गए प्रयासों पर मुहर लगाने का अवसर है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं के परिणाम लगातार घोषित हो रहे हैं और युवाओं को नौकरियां मिल रही हैं।
पुलिस और होमगार्ड भर्ती का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल है। उन्होंने विश्वास जताया कि मीरजापुर के साथ वाराणसी मंडल के मतदाता भी भाजपा प्रत्याशियों को समर्थन देंगे।
सम्मेलन में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में मीरजापुर के प्रभारी मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, तकनीकी शिक्षा मंत्री आशीष पटेल, समाज कल्याण विभाग के राज्य मंत्री संजीव कुमार गोंड, सांसद डॉ. विनोद बिंद, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष सोहन लाल श्रीमाली, भाजपा जिलाध्यक्ष लाल बहादुर सरोज, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशी डॉ. प्रमोद मिश्रा, स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशी केदारनाथ सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, शिक्षक और स्नातक उपस्थित रहे।
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