करदाताओं को राहत की तैयारी: GST नियम होंगे आसान, प्रक्रियाओं में बदलाव
जीएसटी परिषद की बैठक में कर दरों की समीक्षा के बजाय अनुपालन प्रक्रिया को सरल बनाने पर जोर दिया गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि आईटीसी रिटर्न, जीएसटी पंजीकरण, रिफंड और ई-कॉमर्स से जुड़े नियमों में सुधार किए जाएंगे। कानूनी कार्रवाई की न्यूनतम सीमा एक करोड़ से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये की गई है। रिफंड क्लेम के एक्नोलेजमेंट की अवधि 15 से घटाकर 10 दिन होगी। बहु-राज्य करदाताओं के लिए एकीकृत विंडो का फ्रेमवर्क भी तैयार किया जाएगा।
नयी दिल्ली : वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद ने गुरुवार को हुई बैठक में अनुपालन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कई सुधारों की घोषणा की हालांकि करों की दरों पर कोई चर्चा नहीं हुई।बैठक के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि पिछले साल दरों में किए गए बदलावों के बाद इस बैठक में सुधारों पर जोर दिया गया। उन्होंने बताया कि दरों की समीक्षा के लिए अब साल में एक बार अलग से एक बैठक होगी। आपूर्ति श्रृंखला में किसी एक की गलती के लिए अभी इसमें शामिल सभी लोगों का इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) रिटर्न रोक दिया जाता है।
परिषद ने तय किया है कि एक की गलती के लिए सबको सजा देने की बजाय सिर्फ उसके ठीक बाद वाले का रिटर्न रोकने और बाकी सभी को रिटर्न देने की संभावना पर विचार के लिए अधिकारियों की एक समिति का गठन किया जाएगा जो तीन महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट देगी।समिति की सिफारिशों का अध्ययन करने के बाद उसे जीएसटी परिषद में रखा जाएगा और उसके फैसले को अगले साल 01 अप्रैल से लागू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अब जीएसटी के तहत गिरफ्तारी का अधिकार समाप्त कर दिया गया है। कानूनी कार्रवाई शुरू करने के लिए न्यूनतम सीमा एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये कर दी गई है। साथ ही न्यूनतम सजा का प्रावधान भी समाप्त कर दिया गया है। देरी से रिटर्न फाइल करने के लिए मूल कर राशि की वसूली, ब्याज और जुर्माने से ज्यादा कोई कार्रवाई नहीं की जा सकेगी।
जीएसटी परिषद की बैठक से इतर केंद्र सरकार के एक महत्वपूर्ण फैसले की जानकारी देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि अलग-अलग राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) अधिकार क्षेत्र के दायरे में आने के कारण कई करदाताओं को अभी अलग-अलग रिटर्न भरने होते हैं। सीजीएसटी के तहत 69.5 लाख करदाताओं में से दो लाख इस श्रेणी में हैं। उनके लिए एकीकृत विंडो बनाने के लिए एक फ्रेमवर्क तैयार किया जाएगा। यह अगले वित्त वर्ष से लागू होगा।
उन्होंने कहा कि रिफंड क्लेम के एक्नोलेजमेंट में लगने वाले समय को 15 दिन से घटाकर अब 10 दिन कर दिया गया है। पंजीकरण की प्रक्रिया आसान बनाने के लिए लगने वाले दस्तावेजों के बारे में निश्चितता रहेगी। प्रणाली के जरिये ही इकाइयों को दिशा-निर्देश दिए जाएंगे और मदद की जाएगी। छोटे आपूर्तिकर्ताओं के लिए ई-कॉमर्स के जरिये आपूर्ति करने के लिए पंजीकरण सरल किया जाएगा। करदाता पंजीकरण के समय दिए गए विवरण में स्वयं संशोधन कर सकेंगे और पंजीकरण रद्द कराने का आवेदन स्वतः स्वीकार माना जाएगा। (वार्ता)
जीएसटी काउंसिल के फैसलों का फर्नीचर व्यापार मंडल ने किया स्वागत
वाराणसी। 57वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक में लिए गए विभिन्न फैसलों का वाराणसी फर्नीचर एवं फर्निशिंग व्यापार मंडल ने स्वागत किया है। मंडल के अध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता ने कहा कि जीएसटी व्यवस्था को सरल और व्यापार-अनुकूल बनाने की दिशा में काउंसिल द्वारा लिए गए निर्णय कारोबारियों के लिए राहतकारी हैं।
उन्होंने कहा कि रिफंड प्रक्रिया को तेज करने के लिए एक्नॉलेजमेंट की अवधि 15 दिन से घटाकर 10 दिन किए जाने तथा सिस्टम के माध्यम से रिफंड प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाने का निर्णय व्यापारियों के लिए महत्वपूर्ण है। इसके अलावा जीएसटी से जुड़े आपराधिक मामलों में कार्रवाई की न्यूनतम सीमा को एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये किए जाने से छोटे और मध्यम कारोबारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
अजय कुमार गुप्ता ने कहा कि आपूर्ति श्रृंखला में किसी एक कारोबारी की गलती के कारण अन्य व्यापारियों के इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) पर असर न पड़े, इसके लिए प्रस्तावित व्यवस्था भी सकारात्मक कदम है। इससे ईमानदार करदाताओं के हितों की बेहतर सुरक्षा हो सकेगी और कारोबारियों की कार्यशील पूंजी अनावश्यक रूप से लंबे समय तक फंसने से बच सकती है।
उन्होंने कहा कि जीएसटी अनुपालन प्रक्रिया को सरल बनाने से विशेष रूप से छोटे एवं मध्यम फर्नीचर और फर्निशिंग कारोबारियों को लाभ मिलेगा। इससे कारोबार में पारदर्शिता बढ़ने के साथ ही कर व्यवस्था को समझना और उसका अनुपालन करना भी आसान होगा।
मंडल अध्यक्ष ने इन सुधारों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि व्यापार जगत की व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए किए जा रहे सुधार स्वागत योग्य हैं।
उन्होंने कहा कि मंडल को उम्मीद है कि जीएसटी काउंसिल द्वारा लिए गए फैसलों का शीघ्र और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि वाराणसी सहित पूरे उत्तर प्रदेश के फर्नीचर एवं फर्निशिंग कारोबारियों को इनका वास्तविक लाभ मिल सके।
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