अनपरा में बाबा गणिनाथ की भक्ति में डूबा वैश्य समाज, जयकारों से गूंज उठा पूरा माहौल
अनपरा में मध्यदेशीय वैश्य महासभा सोनभद्र कमेटी की ओर से बाबा गणिनाथ जी महाराज का भव्य पूजनोत्सव श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ आयोजित किया गया। बाबा के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम में बाबा गणिनाथ जी के आदर्शों, संस्कार, सेवा, सदाचार और सामाजिक एकता का संदेश दिया गया। पूजनोत्सव ने समाज को अपनी परंपराओं और संस्कृति से जोड़ने के साथ नई पीढ़ी को प्रेरणा देने का कार्य किया।
अनपरा, सोनभद्र। मध्यदेशीय वैश्य महासभा सोनभद्र कमेटी की ओर से शनिवार को अनपरा में आराध्य एवं कुलगुरु बाबा गणिनाथ जी महाराज का भव्य पूजनोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के वातावरण में आयोजित किया गया। पूजनोत्सव में समाज के लोगों ने पूरे भक्तिभाव के साथ बाबा गणिनाथ जी का स्मरण कर परिवार, समाज और राष्ट्र के सुख-समृद्धि की कामना की।
पूजनोत्सव के दौरान पूरा वातावरण बाबा गणिनाथ जी के जयकारों से भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर बाबा के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की। भक्ति और आस्था से ओत-प्रोत माहौल में हर चेहरे पर आध्यात्मिक संतोष और अपने आराध्य के प्रति अटूट विश्वास दिखाई दिया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि बाबा गणिनाथ जी केवल आस्था के केंद्र ही नहीं, बल्कि समाज के लिए त्याग, सत्य, साहस, सेवा और सदाचार के प्रेरणास्रोत हैं। उनकी शिक्षाएं समाज को एकजुट होकर आगे बढ़ने, जरूरतमंदों की सहायता करने और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति एवं संस्कारों से जोड़ने की प्रेरणा देती हैं।
वक्ताओं ने कहा कि आधुनिक दौर में जब युवा पीढ़ी अपनी जड़ों और परंपराओं से दूर होती जा रही है, ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। बाबा गणिनाथ जी के जीवन और आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज को शिक्षा, संस्कार, सेवा और सामाजिक सद्भाव की दिशा में निरंतर आगे बढ़ना चाहिए।
पूजनोत्सव ने श्रद्धा के साथ सामाजिक एकता का भी संदेश दिया। समाज के लोगों ने एक-दूसरे को बाबा गणिनाथ जी के पूजनोत्सव की शुभकामनाएं दीं और समाज की एकजुटता, सहयोग एवं भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने कहा कि बाबा गणिनाथ जी की कृपा और आशीर्वाद समाज के हर परिवार पर बना रहे। उनके आदर्शों का प्रकाश नई पीढ़ी के जीवन को संस्कार, सेवा और सफलता की राह दिखाता रहे-यही इस पावन पूजनोत्सव की सबसे बड़ी भावना रही।
अंत में श्रद्धालुओं ने बाबा गणिनाथ जी के जयकारे लगाए। “बाबा गणिनाथ जी महाराज की जय” के उद्घोष से पूरा अनपरा भक्तिमय हो उठा।
तड़के 3:30 बजे गूंजी गोलियां, मोनू सिंह हत्याकांड के दो आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार



