अखिलेश के सवाल पर बृजलाल का पलटवार, सपा राज पर उठाए बड़े सवाल
लखनऊ में राज्यसभा सांसद एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी बृजलाल ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के शिक्षा और विकास संबंधी सवालों पर पलटवार किया। उन्होंने सपा सरकार के कार्यकाल में नकल माफिया, भर्ती अनियमितताओं और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए। बृजलाल ने योगी सरकार की शिक्षा व्यवस्था में सुधार, स्कूलों के विलय, आंगनवाड़ी से प्री-प्राइमरी शिक्षा और शिक्षकों के बेहतर उपयोग का उल्लेख किया। साथ ही उन्होंने निवेश, अर्थव्यवस्था और कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं।
लखनऊ : उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी एवं राज्यसभा सांसद बृजलाल ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और विकास को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के सवालों पर पलटवार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के कार्यकाल में नकल माफिया को बढ़ावा मिला और शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हुई। बृजलाल ने कहा कि आज योगी आदित्यनाथ सरकार में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए व्यापक स्तर पर काम किया जा रहा है।
सांसद बृजलाल ने कहा कि वर्ष 1993 में मुलायम सिंह यादव के मुख्यमंत्री रहते नकल अध्यादेश समाप्त किया गया था। इसके बाद प्रदेश में नकल माफिया की नींव पड़ी और इटावा समेत आसपास के क्षेत्रों में नकल के केंद्र बन गए। उन्होंने कहा कि इससे उत्तर प्रदेश की छवि खराब हुई और मेधावी एवं प्रतिभाशाली छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ।
राज्यसभा सांसद ने आरोप लगाया कि नकल और भर्ती में अनियमितताओं का असर केवल स्कूली परीक्षाओं तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने कहा कि पीसीएस, पुलिस भर्ती और अन्य भर्तियों में भी सवाल उठे। बृजलाल ने दावा किया कि अखिलेश यादव सरकार के समय 14 आईपीएस अधिकारियों को निलंबित किया गया था। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को चौपट करने की जिम्मेदार सपा सरकार है।
संसाधनों और शिक्षकों का बेहतर इस्तेमाल करने के लिए स्कूलों का विलय
प्रदेश में कम छात्र संख्या वाले हजारों स्कूलों के विलय को लेकर उठ रहे सवालों पर बृजलाल ने कहा कि कई विद्यालयों में महज 10 से 15 बच्चे थे। ऐसे विद्यालयों को बड़े स्कूलों में विलय किया गया है, ताकि संसाधनों और शिक्षकों का बेहतर इस्तेमाल हो सके। उन्होंने कहा कि जहां दूरी एक किलोमीटर से अधिक है, वहां विशेष छूट देते हुए व्यवस्था को यथासंभव स्थानीय स्तर पर बनाए रखा गया है। उन्होंने कहा कि पुराने स्कूल भवनों का उपयोग प्री-प्राइमरी शिक्षा के लिए किया जा रहा है। आंगनवाड़ी केंद्रों को भी प्री-प्राइमरी शिक्षा से जोड़ा गया है, ताकि बच्चे नियमित स्कूल जाने से पहले प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त कर सकें। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बच्चों की देखरेख और प्रारंभिक शिक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
बृजलाल ने कहा कि शिक्षकों की तैनाती भी छात्र संख्या के अनुपात में की जा रही है। जहां कम बच्चे हैं, वहां जरूरत के मुताबिक शिक्षकों की संख्या निर्धारित की जा रही है, जबकि बड़े विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि योगी सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई स्तरों पर सुधार किए हैं।
विकास के दावों पर भी अखिलेश को घेरा
उत्तर प्रदेश सरकार के विकास संबंधी दावों पर अखिलेश यादव की ओर से उठाए गए सवालों को लेकर बृजलाल ने इसे विपक्ष का ‘फर्जी नैरेटिव’ करार दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और प्रदेश में करीब 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव आए हैं।
बृजलाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की मजबूती का असर देश की अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई दे रहा है। उन्होंने सवाल किया कि अखिलेश यादव क्या देश की अर्थव्यवस्था के चौथे स्थान पर पहुंचने के तथ्य से इनकार कर सकते हैं। विपक्ष केवल फर्जी नैरेटिव गढ़ने का काम कर रहा है।
माफिया और कानून-व्यवस्था को लेकर भी निशाना
राज्यसभा सांसद ने अखिलेश यादव के कार्यकाल को कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान प्रदेश में दंगे, रंगदारी, अपहरण और माफिया गतिविधियां आम थीं। ऐसे माहौल में निवेशक उत्तर प्रदेश में निवेश करने से बचते थे। बृजलाल ने कहा कि आज प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहतर होने के कारण निवेश का माहौल बना है। उन्होंने करीब 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश को उत्तर प्रदेश में हो रहे विकास का प्रमाण बताते हुए कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है।
एनडीए सरकार दे रही उजड़ी जातियों को अधिकार और सम्मान : संजय निषाद
कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने कहा कि देश की आजादी के लिए जिन लोगों ने तलवार और तोप का सामना किया, फांसी पर चढ़े और अपना सबकुछ गंवाया, उनके लिए पिछली सरकारों ने कुछ नहीं किया। अंग्रेजों और मुगलों के दौर में विस्थापित हुए ऐसे लोगों को स्थापित करने और उन्हें संवैधानिक अधिकार दिलाने के लिए एनडीए सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जो निर्बल हैं, उन्हें सबल बनाना हमारी सरकार की प्राथमिकता है।
संजय निषाद ने कहा कि आज स्वतंत्रता दिवस है, लेकिन पूर्व की सरकारों में कुछ लोगों ने सत्ता और अवसर मिलने के बाद भी आजादी का महत्व नहीं समझा। देश को आजाद कराने और संविधान निर्माण की राह तैयार करने में जिन उजड़े-बिखरे लोगों का योगदान रहा, सत्ता में रहने वालों ने उनकी सुध नहीं ली थी। लेकिन अब हमारी सरकार में इन सभी को अवसर मिले हैं।
सपा मुखिया अखिलेश यादव के मुद्दे पर कटाक्ष करते हुए निषाद ने कहा कि सत्ता में रहते उन्होंने शहीदों को याद किया होता, तिरंगा यात्रा निकाली होती और देश की आजादी के लिए संघर्ष करने वाली उजड़ी जातियों के उत्थान के लिए काम किया होता तो उसका महत्व होता। अब एनडीए सरकार ऐसे समाज को सम्मान देने और आगे बढ़ाने का काम कर रही है।
उन्होंने सपा पर महिलाओं की उपेक्षा का भी आरोप लगाया। कहा कि जब सपा सत्ता में थी, तब महिलाओं के लिए कुछ नहीं किया गया। ऐसे में अब उनसे किसी बड़े बदलाव की उम्मीद कैसे की जा सकती है।
पैसा नहीं, रोजगार और व्यवस्था की जरूरत
संजय निषाद ने कहा कि लोगों को केवल पैसा बांटने के बजाय ऐसी व्यवस्था की जरूरत है, जो उन्हें आत्मनिर्भर बनाए। लोकतंत्र में सीधे पैसा देना समाधान नहीं है। बेहतर नीति और योजनाओं के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने और आगे बढ़ने में सहायता देने की जरूरत है। हमारी सरकार रोजगार के अवसर देने के साथ लोगों को इसके लिए आवश्यक सहयोग भी दे रही है।
उन्होंने कहा कि अंग्रेजों और मुगलों के दौर में विस्थापित हुए लोगों को हमारी सरकार फिर से स्थापित कर रही है। जो लोग पिछली व्यवस्थाओं के ‘गजट और बजट’ के शिकार रहे हैं, उनके संवैधानिक अधिकारों के लिए हम हमेशा आवाज उठाएंगे।
‘सपा सरकार में माफियाओं के हाथों में थी कानून-व्यवस्था, योगी सरकार में स्थापित हुआ कानून का राज’
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर यूपी बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता दिनेश सिंह ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव जब प्रदेश की कानून व्यवस्था पर बात करते हैं तो जनता उन पर हंसती है, क्योंकि उनके शासनकाल में प्रदेश में न कानून था, न ही कोई व्यवस्था थी। उस वक्त प्रदेश की कानून-व्यवस्था पुलिस के बजाय माफियाओं के हाथों में थी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है।
आज प्रदेश में ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ नहीं, बल्कि ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ की पहचान है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश आज ‘उत्सव प्रदेश’ बन चुका है और महिलाएं व बेटियां दिन हो या रात, निर्भीक होकर कहीं भी आ-जा सकती हैं।
अखिलेश यादव सवाल उठाने से पहले करें तथ्यों का अध्ययन
दिनेश सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव को किसी भी मुद्दे पर सवाल उठाने से पहले उसका अध्ययन कर लेना चाहिए। उनके शासनकाल में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था पटरी से उतर गई थी, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय 54,654 रुपये वार्षिक थी, जो आज बढ़कर करीब 1.20 लाख रुपये हो गई है। उन्होंने कहा कि यह वृद्धि प्रदेश की अर्थव्यवस्था में आए बदलाव को दर्शाती है।
राशन को लेकर नीति स्पष्ट करें अखिलेश यादव
भाजपा प्रवक्ता ने राशन वितरण को लेकर भी अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर अखिलेश यादव चाहते हैं कि उत्तर प्रदेश के लोगों को राशन न मिले तो उन्हें इस संबंध में अपनी नीति खुलकर स्पष्ट करनी चाहिए। विदेश नीति पर अखिलेश यादव के सवालों का जवाब देते हुए दिनेश सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति का प्रभाव वैश्विक स्तर पर दिखाई दे रहा है। दुनिया के कई देश आर्थिक और अन्य चुनौतियों से जूझ रहे हैं, लेकिन भारत मजबूती और स्थिरता के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस विदेश नीति का परिणाम है कि दुनिया के तमाम देशों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने देश का सर्वोच्च सम्मान दिया है।
वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या पर भी घेरा
शिक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दे पर बीजेपी प्रवक्ता दिनेश सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव को इन विषयों पर बोलने से पहले अपने शासनकाल का रिकॉर्ड देखना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में कितने मेडिकल कॉलेज थे और आज कितने हैं। उन्होंने कहा कि पहले गंभीर बीमारी या दुर्घटना की स्थिति में मरीजों को बेहतर इलाज के लिए 200 से 500 किलोमीटर तक की यात्रा करनी पड़ती थी। मरीजों को बनारस, प्रयागराज, लखनऊ या गोरखपुर जैसे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था।
आज प्रदेश के विभिन्न जिलों में मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे लोगों को अपने आसपास बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल रही हैं और युवाओं को डॉक्टर बनने के अधिक अवसर भी मिल रहे हैं।
विद्यालय बंद होने के दावे पर दी सफाई
दिनेश सिंह ने अखिलेश यादव के प्रदेश में 26 हजार विद्यालयों के बंद होने के दावे पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव सूबे के मुख्यमंत्री रहे हैं, लेकिन उन्हें विद्यालयों के विलय और विद्यालय बंद होने के बीच का अंतर समझना चाहिए। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि प्रदेश में एक भी विद्यालय बंद नहीं हुआ है। उन्होंने अखिलेश यादव से पूरी जानकारी लेने के बाद बयान देने और जनता को गुमराह नहीं करने की अपील की।
अधूरे प्रोजेक्ट योगी सरकार ने पूरे किए : दिनेश सिंह
भाजपा प्रवक्ता ने अखिलेश यादव से उनके शासनकाल में पूरे हुए बड़े प्रोजेक्टों का हिसाब भी मांगा। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के कई प्रोजेक्ट अधूरे रह गए थे, जिन्हें योगी सरकार ने पूरा करने का काम किया। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सामने आई सड़क धंसने की घटना का उल्लेख करते हुए दिनेश सिंह ने कहा कि घटना सामने आते ही संबंधित कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की गई और उसे ब्लैकलिस्ट किया गया। उन्होंने कहा कि काम की निगरानी से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों को भी निलंबित किया गया। दिनेश सिंह ने कहा कि बीजेपी के शासनकाल में सुशासन है, इसलिए बीजेपी का काम बोलता है उनकी तरह कारनामा नहीं बोलता है।
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