Varanasi

पूर्वांचल में लगेंगे 1.85 करोड़ पौधे, जानिए आपके जिले को मिला कितना बड़ा लक्ष्य

उत्तर प्रदेश सरकार के वृक्षारोपण अभियान-2026 के तहत वाराणसी मंडल के चार जिलों वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर और चंदौली में 1.85 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। जुलाई के प्रथम सप्ताह से शुरू होने वाले इस महाअभियान में 28 विभाग भाग लेंगे। चंदौली में सर्वाधिक 70 लाख पौधारोपण का लक्ष्य रखा गया है। पीपल, बरगद, अर्जुन, जामुन, आंवला और सागौन सहित पर्यावरण संरक्षण एवं जैव विविधता बढ़ाने वाले पौधों को प्राथमिकता दी जाएगी।

वाराणसी : उत्तर प्रदेश सरकार पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को बढ़ावा देने के लिए इस वर्ष व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान-2026 संचालित करने जा रही है। वन महोत्सव के तहत वाराणसी मंडल के चार जनपदों-वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर और चंदौली-में कुल 1 करोड़ 85 लाख 92 हजार 519 पौधों के रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह अभियान जुलाई के प्रथम सप्ताह से प्रारंभ होगा, जिसमें शासन के 28 विभागों के साथ-साथ आमजन की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और समाज को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी का एहसास कराने का भी माध्यम बनेगा।

चंदौली में सबसे अधिक पौधरोपण

वाराणसी मंडल में सर्वाधिक पौधरोपण का लक्ष्य चंदौली जनपद को दिया गया है। यहां 70 लाख 11 हजार 888 पौधे लगाए जाएंगे। इसके बाद जौनपुर में 52 लाख 77 हजार 524, गाजीपुर में 47 लाख 51 हजार 287 तथा वाराणसी में 15 लाख 51 हजार 820 पौधों के रोपण की योजना बनाई गई है।

जनपदवार लक्ष्य इस प्रकार हैं – –

वाराणसी – 15,51,820 पौधे
गाजीपुर  – 47,51,287 पौधे
जौनपुर  – 52,77,524 पौधे
चंदौली –  70,11,888 पौधे

पर्यावरण के अनुकूल प्रजातियों को मिलेगी प्राथमिकता

वाराणसी वृत्त के वन संरक्षक डॉ. रवि कुमार सिंह ने बताया कि अभियान के दौरान ऐसे पौधों का चयन किया गया है जो पर्यावरण संरक्षण, ऑक्सीजन उत्पादन और जैव विविधता के संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके अंतर्गत सहजन, पीपल, पाकड़, बरगद, अर्जुन, जामुन, आंवला, अमरूद, आम, सागौन और शीशम जैसी प्रजातियों का बड़े पैमाने पर रोपण किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि पौधरोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि लगाए गए पौधे भविष्य में विकसित होकर हरित आवरण को मजबूत बना सकें।

वन विभाग निभाएगा सबसे बड़ी भूमिका

अभियान में शामिल 28 विभागों में वन विभाग को सर्वाधिक जिम्मेदारी दी गई है। विभाग द्वारा 85 लाख 1 हजार पौधों का रोपण किया जाएगा। इसके अलावा ग्राम्य विकास विभाग, कृषि विभाग, पर्यावरण विभाग, उद्यान विभाग तथा पंचायती राज विभाग भी बड़े स्तर पर पौधरोपण करेंगे।

विभागवार पौधारोपण लक्ष्य

विभाग लक्ष्य (पौधे)
वन विभाग 85,01,000
ग्राम्य विकास 54,25,319
कृषि 12,20,000
पर्यावरण 8,10,000
उद्यान 7,53,000
पंचायती राज 5,68,000
राजस्व 4,01,600
नगर विकास 1,90,400
रेशम 86,000
उच्च शिक्षा 72,300
बेसिक शिक्षा 61,000
माध्यमिक शिक्षा 53,300
लोक निर्माण 43,300
उद्योग 40,300
रेलवे 40,000
गृह 37,000
स्वास्थ्य 33,000
सिंचाई एवं जल संसाधन 32,100
सहकारिता 31,800
ऊर्जा 31,800
औद्योगिक विकास 31,100
पशुपालन 28,600
नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति 24,100
आवास विकास 21,600
प्राविधिक शिक्षा 18,000
रक्षा 15,000
श्रम 13,100
परिवहन 9,800

जनभागीदारी से सफल होगा अभियान

प्रदेश सरकार का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता आवश्यक है। इसी सोच के तहत अभियान में विद्यालयों, महाविद्यालयों, स्वयंसेवी संस्थाओं, ग्राम पंचायतों, शहरी निकायों तथा आम नागरिकों को भी जोड़ा जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े पैमाने पर होने वाला यह पौधरोपण अभियान जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने, भूजल संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन तथा वायु गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

क्या बोले वन संरक्षक

“वन महोत्सव के तहत प्रस्तावित यह महाभियान न केवल प्रदेश के हरित क्षेत्र को बढ़ाने की कोशिश है, बल्कि लोगों को प्रकृति संरक्षण के प्रति जिम्मेदार बनाने की पहल भी है। सरकार और समाज की साझी भागीदारी से यह अभियान आने वाले समय में पर्यावरण संरक्षण की मजबूत नींव बनेगा।”

– डॉ. रवि कुमार सिंह, वन संरक्षक, वाराणसी वृत्त

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