
गोरखपुर में अटल वयो अभ्युदय योजना के तहत 50 वरिष्ठ नागरिकों की नि:शुल्क मोतियाबिंद सर्जरी
गोरखपुर में अटल वयो अभ्युदय योजना के अंतर्गत 60 वर्ष से अधिक आयु के 50 वरिष्ठ नागरिकों की नि:शुल्क मोतियाबिंद सर्जरी कराई जाएगी। साथ ही विशेष स्वास्थ्य शिविरों में डिमेंशिया, शुगर, बीपी और अन्य रोगों की जांच व दवाएं मुफ्त दी जाएंगी। प्रशासन ने लाभार्थियों की सूची तैयार करने और एनजीओ चयन के निर्देश दिए हैं।
गोरखपुर। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित अटल वयो अभ्युदय योजना के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य संरक्षण और चिकित्सा सेवाओं के सुदृढ़ क्रियान्वयन को लेकर विकास भवन सभागार में वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक जिलाधिकारी के निर्देशानुसार मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें जनपद के वरिष्ठ नागरिकों के लिए विभिन्न स्वास्थ्य सुविधाओं और योजनाओं के प्रभावी संचालन पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि योजना के अंतर्गत जनपद के 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के 50 पात्र वरिष्ठ नागरिकों की नि:शुल्क मोतियाबिंद सर्जरी कराई जाएगी। इसके लिए पात्र लाभार्थियों की पहचान कर सूची तैयार करने और उन्हें समयबद्ध तरीके से चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए। इसके अतिरिक्त वृद्धावस्था से संबंधित रोगों की समय रहते पहचान और उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विशेष स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिविरों का आयोजन भी किया जाएगा।
इन स्वास्थ्य शिविरों में वरिष्ठ नागरिकों की डिमेंशिया स्क्रीनिंग, रक्तचाप (बीपी), शुगर (मधुमेह), अर्थराइटिस, कैल्शियम की कमी सहित अन्य आयु संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं की नि:शुल्क जांच की जाएगी। जांच के बाद आवश्यकतानुसार दवाओं का भी मुफ्त वितरण किया जाएगा, जिससे बुजुर्गों को समय पर उपचार मिल सके और उनकी जीवन गुणवत्ता में सुधार हो।
मुख्य विकास अधिकारी ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को निर्देशित किया कि योजना और स्वास्थ्य शिविरों की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए ग्राम प्रधानों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकत्रियों, वृद्धाश्रमों तथा प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का सहयोग लिया जाए। उन्होंने कहा कि व्यापक प्रचार-प्रसार से पात्र वरिष्ठ नागरिकों को योजना का लाभ मिल सकेगा और कोई भी जरूरतमंद इससे वंचित नहीं रहेगा।
बैठक के दौरान लाभार्थियों के चिन्हांकन, स्वास्थ्य शिविरों के संचालन तथा मोतियाबिंद सर्जरी के सुचारू आयोजन के लिए संस्था/एनजीओ के चयन पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि शासन द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार इच्छुक संस्थाओं और एनजीओ से आवेदन आमंत्रित किए जाएं और चयन प्रक्रिया को पारदर्शी एवं त्वरित रूप से पूरा किया जाए। चयनित संस्था या एनजीओ को शासन द्वारा निर्धारित दरों के अनुसार भुगतान किया जाएगा।
इसके अलावा समिति ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को नामित सदस्य के रूप में शामिल करने का भी निर्णय लिया, जिससे योजना के संचालन और निगरानी में समन्वय और प्रभावशीलता बढ़ाई जा सके।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, उपायुक्त मनरेगा, सहायक मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला पंचायती राज अधिकारी, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी तथा जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
जनपद में वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य संरक्षण और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने की दिशा में यह पहल एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इस योजना के माध्यम से बुजुर्गों को उनके निकट ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे उन्हें समय पर उपचार मिल सकेगा और उनका स्वास्थ्य बेहतर बना रहेगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक पात्र वरिष्ठ नागरिकों को योजना से जोड़कर उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाए।
मोबाइल-लैपटॉप की चिप अब बनेगी उत्तर प्रदेश में, जेवर में लगा हाई-टेक मेगा प्लांट



