महाशिवरात्रि से पहले काशी में स्वच्छता अभियान तेज, महापौर ने बांटे 1000 कपड़े के थैले
महाशिवरात्रि से पहले वाराणसी नगर निगम ने स्वच्छता और पॉलीथिन मुक्त काशी अभियान तेज कर दिया है। महापौर अशोक कुमार तिवारी ने विश्वनाथ मंदिर, दशाश्वमेध और अन्य क्षेत्रों का निरीक्षण कर सफाई के निर्देश दिए। प्लास्टिक पर रोक के लिए व्यापारियों को जागरूक किया और 1000 कपड़े के थैले वितरित किए, जिससे पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा मिलेगा।
वाराणसी। नगर निगम काशी को स्वच्छ और पूर्णतः पॉलीथिन मुक्त बनाने की दिशा में अब ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में शनिवार को महापौर अशोक कुमार तिवारी ने शहर के प्रमुख धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों का सघन निरीक्षण किया। आगामी महाशिवरात्रि पर्व को देखते हुए महापौर ने दशाश्वमेध घाट, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर और महामृत्युंजय महादेव मंदिर क्षेत्र में साफ-सफाई और व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
महापौर ने निरीक्षण के दौरान स्पष्ट निर्देश दिया कि महाशिवरात्रि से पूर्व सभी प्रमुख मंदिरों और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक सफाई अभियान चलाया जाए। उन्होंने विशेष रूप से मंदिर परिसर और मार्गों पर नियमित सफाई, कचरा उठान तथा चूने का छिड़काव सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि पर लाखों श्रद्धालु काशी पहुंचते हैं, ऐसे में नगर निगम की जिम्मेदारी है कि उन्हें स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
निरीक्षण के दौरान महापौर ने मंदिरों के आसपास माला-फूल और प्रसाद बेचने वाले दुकानदारों और फुटकर विक्रेताओं से संवाद भी किया। उन्होंने विक्रेताओं से प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग से बचने की अपील करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान महापौर ने स्वयं पहल करते हुए माला-फूल विक्रेताओं के बीच एक हजार से अधिक कपड़े के थैलों (झोलों) का वितरण किया। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक का उपयोग न करना केवल प्रशासनिक नियम का पालन नहीं, बल्कि बाबा विश्वनाथ की नगरी को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाए रखने के लिए प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है।
महापौर ने कहा कि नगर निगम काशी को पॉलीथिन मुक्त बनाने के लिए लगातार अभियान चला रहा है और इसमें जनसहभागिता बेहद जरूरी है। उन्होंने व्यापारियों और नागरिकों से अपील की कि वे कपड़े या अन्य पर्यावरण अनुकूल थैलों का उपयोग करें और प्लास्टिक से दूरी बनाएं।
मंदिर क्षेत्रों के निरीक्षण के बाद महापौर मैदागिन स्थित कंपनी गार्डन पहुंचे, जहां उन्होंने पार्क की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। गार्डन में जगह-जगह सूखे पत्ते और गंदगी देख उन्होंने संबंधित कर्मचारियों के प्रति नाराजगी जताई और तत्काल सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, पार्क में पानी के पाइप से हो रही लीकेज पर चिंता व्यक्त करते हुए उसे तुरंत ठीक कराने का आदेश दिया, ताकि जल की बर्बादी रोकी जा सके।
महापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शहर के सभी सार्वजनिक स्थलों, पार्कों और धार्मिक स्थलों पर नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ काशी, स्वस्थ काशी का लक्ष्य तभी संभव है जब प्रशासन और आम जनता मिलकर इस दिशा में कार्य करें।
इस अवसर पर पार्षद सुरेश चौरसिया, इर्देश कुमार, श्रवण कुमार गुप्ता, संजय कुमार गुजराती, अपर नगर आयुक्त सविता यादव सहित नगर निगम के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे इस विशेष स्वच्छता और पॉलीथिन मुक्त अभियान से महाशिवरात्रि के दौरान काशी आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर और स्वच्छ वातावरण मिलने की उम्मीद है।
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