
‘यूपी गा रहा है गीत योगी जी के नाम का’ -बजट में सुरेश खन्ना की शायरी ने बटोरी तालियाँ
उत्तर प्रदेश विधानसभा में बजट 2026-27 पेश करते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने योगी सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को शायरी के माध्यम से पेश किया। तालियों की गूंज के बीच उन्होंने कानून-व्यवस्था, तकनीक, पर्यटन और सामाजिक बदलाव को शेरों में पिरोया। विपक्ष पर तंज भी रहा काव्यात्मक, अंदाज देख सदन भी चौंक गया।
- बजट 2026-27 की प्रस्तुति बनी कवितामय, सुरेश खन्ना ने शेरो-शायरी में गिनाईं सरकार की उपलब्धियां, विपक्ष पर भी साधा निशाना
लखनऊ : वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में योगी सरकार का बजट प्रस्तुत करते हुए शेरो शायरी के माध्यम से प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का बखान किया। उन्होंने बताया कि योगी सरकार ने जो कार्य किये हैं, उससे स्थिति में कितना बदलाव हुआ है। खन्ना ने भाषण में शेर-ओ-शायरी का भी भरपूर उपयोग किया। वित्त मंत्री ने यूपी के हर काम की तारीफ करते हुए शायरी पढ़ी तो पिछली सरकारों पर भी तंज कसा।
खन्ना ने योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के विकास और कानून व्यवस्था के मॉडल की सर्वत्र सराहना का जिक्र किया। योगी सरकार के हर काम की तारीफ की और शेर पढ़ा…
काबिले तारीफ है, अंदाज एक-एक काम का
गा रहा है गीत यूपी, योगी जी के नाम का
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने कार्यकाल के पहले दिन से ही प्रदेश के हर वर्ग और हर क्षेत्र के विकास के लिए अथक परिश्रम किया है। खन्ना ने अपने नजरिए से योगी आदित्यनाथ का संकल्प सुनाया…
यही जुनून, यही ख्वाब मेरा है
दिया जला के रोशनी कर दूं, जहां अंधेरा है।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने प्रधानमंत्री के दूरदर्शी मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में आधुनिक तकनीक और सूचना प्रौद्योगिकी के त्वरित विस्तार पर भी फोकस किया। उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश निकट भविष्य में देश के आईटी हब के रूप में अपनी पहचान निश्चित रूप से बनाएगा। उन्होंने सरकार के कार्यों और मेहनत का जिक्र कुछ यूं किया…
सितारा बनके आसमां में वही चमकते हैं
डुबो देते हैं जो अपने आपको पसीने में
सुरेश खन्ना ने पिछली सरकारों के कार्यकाल में प्राचीन सांस्कृतिक धरोहरों की उपेक्षा पर भी तंज कसा। फिर अपनी सरकार में इन धरोहरों की बदली स्थिति का भी जिक्र किया। बोले कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में सरकार ने सांस्कृतिक, धार्मिक धरोहरों के पुनरुत्थान का कार्य किया है। वित्त मंत्री ने प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा मिलने और रोजगार के नए अवसर सृजित होने की भी जानकारी दी।
ये अलग बात है तुम ना बदलो मगर जमाना बदल रहा है।
गुलाब पत्थर पे खिल रहे हैं, चिराग आंधियों में जल रहे हैं।।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सर्वसमावेशी विजन और महिलाओं, बच्चों, श्रमिकों व समाज के दुर्बल वर्ग के कल्याण की चिंता का भी जिक्र किया। सीएम योगी की दूरदृष्टि, दृढ़संकल्प और अहर्निश श्रम से संभव हो रहे कार्यों पर उन्होंने शेर पढ़ा…
बड़ी मुश्किल से कोई सुबह मुस्कुराती है,
गम की हर शाम दबे पांव चली जाती है।
वक्त लगता ही नहीं जिंदगी बदलने में,
पर बदलने में वक्त, जिंदगी लग जाती है।।
अपने भाषण के आखिरी शेर में उन्होंने प्रदेश के सुरक्षित, स्वस्थ, सभ्य और खुशहाल समाज का जिक्र किया और कहा कि हमारी सरकार की कार्यशैली जीवन दर्शन से अनुप्राणित है, उन्हें अपनी भावनाओं को कुछ यूं शब्द दिया…
बात अनमोल बहुत है ये जिंदगी के लिए, बता रहा हूं फलसफा मैं हर किसी के लिए।
पोंछ सकते हो तो दुखियों के पोंछ लो आंसू, न जियें आप फकत अपनी ही खुशी के लिए।।
“क्यों महाशिवरात्रि की रात रूद्राभिषेक को माना गया है सर्वश्रेष्ठ”



