स्टार्टअप की दुनिया में भारत बना रिकॉर्ड-मेकर, पीएम मोदी ने युवाओं के जोश को बताया सबसे बड़ी ताकत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के अवसर पर देश के स्टार्टअप समुदाय को बधाई देते हुए कहा कि भारतीय युवा नवाचार और उद्यमशीलता के क्षेत्र में लगातार नए रिकॉर्ड बना रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि युवाओं का साहस, जुनून और लगन ही विकसित भारत के सपने को साकार करने की सबसे बड़ी शक्ति है। प्रधानमंत्री ने निरंतर प्रयास के महत्व को रेखांकित करते हुए संस्कृत श्लोक का उल्लेख किया। गौरतलब है कि भारत दुनिया के सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम में शामिल हो चुका है, जहां दो लाख से अधिक स्टार्टअप सक्रिय हैं।
नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के मौके पर देश के स्टार्टअप समुदाय को बधाई दी और कहा कि भारतीय युवा स्टार्टअप्स में नए रिकॉर्ड बना रहे हैं।श्री मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि यह दिन भारतीयों, खासकर युवाओं के ‘साहस, नवाचार की भावना और उद्यमशीलता के जोश’ का जश्न मनाने का दिन है। उन्होंने युवाओं को वैश्विक स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र में भारत की तरक्की का श्रेय दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा, “अपने पक्के इरादे और लगन से हमारे युवा दोस्त स्टार्टअप की दुनिया में लगातार नए रिकॉर्ड बना रहे हैं। उनका जोश और जुनून विकसित भारत के सपने को साकार करने में सबसे बड़ी ताकत बनेगा।” उन्होंने लगन के महत्व को बताते हुए एक संस्कृत श्लोक भी उद्धृत किया, जिसमें कहा गया है कि लगातार कोशिशों से सबसे मुश्किल काम भी पूरे किए जा सकते हैं, जैसे पानी की लगातार बूंदें समय के साथ चट्टान को भी घिस देती हैं।
गौरतलब है कि पिछले एक दशक में भारत दुनिया के सबसे बड़े स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र में से एक के रूप में उभरा है, जिसमें दिसंबर 2025 तक दो लाख से ज़्यादा स्टार्टअप हैं। बेंगलुरु, हैदराबाद, मुंबई और दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) जैसे प्रमुख केंद्रों ने इस बदलाव का नेतृत्व किया है, घरेलू और वैश्विक निवेश को आकर्षित किया है। फिनटेक और हेल्थ टेक से लेकर स्वच्छ ऊर्जा और कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) तक के क्षेत्रों में नवाचार को बढ़ावा दिया है।
सरकार ने वर्ष 2016 में शुरू किए गए स्टार्टअप इंडिया कार्यक्रम ने नियामक बोझ को कम करने, पूंजी तक पहुंच में सुधार करने और उद्यमियों के लिए एक सहायक पारिस्थितिकी तंत्र बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है, जिसमें युवा-नेतृत्व वाले नवाचार पर विशेष जोर दिया गया है। (वार्ता)
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