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सड़क दुर्घटना में मददगार अब नहीं होंगे परेशान, मिलेगा इनाम

केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोक सभा में बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की मदद करने वालों को अब पुलिस पूछताछ या कानूनी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। ऐसे मददगारों को 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। घायलों के त्वरित इलाज के लिए अस्पतालों को डेढ़ लाख रुपये तक की प्रतिपूर्ति मिलेगी। सरकार का उद्देश्य समय पर चिकित्सा सहायता देकर हजारों जानें बचाना है।

  • घायलों की सहायता करने वालों को 25 हजार रुपये और कानूनी सुरक्षा: नितिन गडकरी

नयी दिल्ली : केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को लोक सभा में बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल लोगों की मदद करने वालों को अब पुलिस से पूछताछ या अन्य किसी तरह की परेशानी का सामना करना नहीं पड़ेगा और उन्हें पुरस्कृत भी किया जायेगा।

श्री गडकरी ने प्रश्न काल में एक सवाल के जवाब में बताया कि सरकार ने ऐसे प्रावधान किये हैं जिससे सड़क दुर्घटना में घायल होने वाले लोगों को चिकित्सीय सहायता देने या अस्पताल पहुंचाने वालों को अब पुलिस परेशान नहीं करेगी और वे किसी तरह के कानूनी पचड़े में भी नहीं पड़ेंगे। घायलों की मदद करने वालों को 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जायेगी। उन्होंने लोगों से सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद करने के लिए आगे आने की अपील की।

उन्होंने बताया कि घायलों के अस्पताल पहुंचने पर तुरंत उनका इलाज शुरू हो सके, इसके लिए अस्पतालों को तत्काल डेढ़ लाख रुपये तुरंत प्रतिपूर्ति के रूप में दिये जायेंगे।उन्होंने बताया कि देश में प्रति वर्ष पांच लाख सड़क दुर्घटनायें होती हैं, जिनमें करीब डेढ़ लाख लोगों की मृत्यु हो जाती है। इनमें अधिक युवा अधिक होते हैं।

उन्होंने कहा कि इन दुर्घटनाओं में घायल होने वालों को यदि तत्काल चिकित्सीय मदद पहुंचायी जाये तो 50 हजार लोगों की जान बचायी जा सकती है। उन्होंने सांसदों से अपने-अपने क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाओं से बचने के लिए जागरुकता अभियान चलाने की अपील की और उनसे सुझाव भी मांगे।केन्द्रीय मंत्री ने अध्यक्ष ओम बिरला से सड़क दुर्घटनाओं को रोकने की दिशा में विचार-विमर्श करने के लिए सदन में चर्चा कराने की भी मांग की और कहा कि इससे देश भर के सांसदों के सुझाव लेकर बेहतर उपाय निकाले जा सकेंगे।

श्री बिरला ने इस पर सदस्यों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन की मदद से लोगों खासकर युवाओं को सड़क दुर्घटनाओं से बचाने के लिए जागरुकता अभियान चलाने के साथ ही विशेषज्ञों से सलाह-मशविरा करें। उन्होंने कहा कि वह अगले सत्र में इस गंभीर समस्या पर सदन में विस्तृत चर्चा कराने की कोशिश करेंगे और उनका मानना है कि सबके सुझावों-विचारों से अच्छे परिणाम सामने आ सकेंगे। (वार्ता)

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