Varanasi

नमो घाट की तर्ज पर आदिकेशव घाट होगा पक्का, काशी को मिलेगा नया पर्यटन विस्तार

वाराणसी के ऐतिहासिक आदिकेशव घाट को पक्का घाट के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया है। लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से होने वाली इस परियोजना को शासन की स्वीकृति मिल चुकी है। नमो घाट पर बढ़ते पर्यटक दबाव को देखते हुए यह योजना तैयार की गई है। आदिकेशव घाट धार्मिक और पर्यटन दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण है। पक्का घाट बनने से श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और काशी के पर्यटन विकास को नई गति मिलेगी।

  • 20 करोड़ की लागत से विकसित होगा ऐतिहासिक आदिकेशव घाट, श्रद्धालुओं व पर्यटकों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

वाराणसी। नमो घाट पर लगातार बढ़ रही पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए शासन ने काशी के ऐतिहासिक आदिकेशव घाट को पक्का घाट के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। इस महत्वाकांक्षी योजना पर करीब 20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पर्यटन विभाग के प्रस्ताव को शासन की स्वीकृति मिल चुकी है और जल्द ही एजेंसी का चयन कर डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कराई जाएगी, जिससे निर्माण कार्य शीघ्र शुरू हो सके।

आदिकेशव घाट धार्मिक और पर्यटन दोनों दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहां स्थित आदिकेशव मंदिर से श्रद्धालु नाव के माध्यम से गंगा दर्शन करते हुए श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर तक पहुंचते हैं। नमो घाट के विकसित होने के बाद यहां पर्यटकों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है, जिससे आसपास के घाटों पर भी दबाव बढ़ा है। इसी को ध्यान में रखते हुए आदिकेशव घाट के विस्तार और सुदृढ़ीकरण की योजना बनाई गई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी दौरे के दौरान पर्यटन विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक में नमो घाट की तर्ज पर अन्य घाटों को भी विकसित करने की इच्छा जाहिर की थी। इसके बाद संस्कृति मंत्रालय के सचिव ने भी नमो घाट क्षेत्र में सुविधाएं बढ़ाने और दायरा विस्तारित करने को लेकर सहमति दी थी। इसी क्रम में आदिकेशव घाट को पक्का घाट बनाने का प्रस्ताव आगे बढ़ा।

इस योजना का प्रस्ताव शहर दक्षिणी के विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी द्वारा पर्यटन विभाग को भेजा गया था, जिसे वित्तीय वर्ष 2025-26 के पर्यटन विकास मद में स्वीकृति मिली है। योजना के अंतर्गत घाट की संरचना इस प्रकार तैयार की जाएगी कि गंगा के जलस्तर में वृद्धि या बाढ़ की स्थिति में भी घाट सुरक्षित रहे और किसी प्रकार का नुकसान न हो।

परियोजना के तहत घाट पर सीढ़ियों की ऊंचाई 7 से 8 इंच से अधिक नहीं रखी जाएगी, ताकि बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को आने-जाने में सुविधा हो। इसके साथ ही पर्यटकों और श्रद्धालुओं के बैठने के लिए बेंच, आकर्षक फसाड लाइटिंग, आधुनिक शौचालय, फूड कोर्ट, सुदृढ़ प्रकाश व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

पर्यटन विभाग द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि निर्माण के दौरान और बाद में गंगा की प्राकृतिक धारा व धार्मिक परंपराओं को कोई नुकसान न पहुंचे। घाट का डिजाइन किसी अनुभवी एजेंसी या आर्किटेक्ट से तैयार कराया जाएगा, ताकि बरसात के समय जलस्तर बढ़ने पर घाट की दूरी और सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखा जा सके।

शासन का मानना है कि आदिकेशव घाट के पक्का होने से न केवल श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि काशी के पर्यटन को भी नया विस्तार मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

आदिकेशव घाट को पक्का घाट बनाए जाने के निर्णय पर आदि केशव मंदिर के महंत पं. विद्या विभूषण त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि आदिकेशव घाट और मंदिर का ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्व है और यह काशी की प्राचीन धार्मिक परंपरा का अभिन्न हिस्सा है।

महंत पं. विद्या विभूषण त्रिपाठी ने बताया कि शास्त्रों और पुराणों में आदिकेशव क्षेत्र को भगवान विष्णु के प्रथम निवास स्थल के रूप में वर्णित किया गया है। मान्यता है कि काशी में गंगा अवतरण के समय भगवान विष्णु ने इसी स्थान पर वास किया था, इसलिए यह क्षेत्र ‘आदिकेशव’ कहलाया। धार्मिक दृष्टि से यहां गंगा स्नान, आदिकेशव भगवान के दर्शन को अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। पक्का घाट बनने से इस पौराणिक स्थल की गरिमा और सुरक्षा दोनों सुदृढ़ होंगी तथा काशी की सनातन परंपरा को नई पीढ़ी तक और अधिक सशक्त रूप में पहुंचाया जा सकेगा।

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