Varanasi

विश्वनाथ धाम लोकार्पण के 4 वर्ष पूर्ण, संकल्प अन्नक्षेत्र की सेवा बनी मिसाल

श्री काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के चार वर्ष पूर्ण होने पर वाराणसी में संकल्प संस्था द्वारा संचालित संकल्प अन्नक्षेत्र ने सेवा व समर्पण का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। संकटमोचन हनुमान जी को भोग अर्पित कर चौक क्षेत्र में सैकड़ों जरूरतमंदों, श्रमिकों व श्रद्धालुओं को खिचड़ी, गाजर का हलवा व फल वितरित किए गए।

  • संकटमोचन को भोग अर्पित कर जरूरतमंदों में खिचड़ी, हलवा व फल वितरण

वाराणसी। देवाधिदेव महादेव की नगरी काशी में श्री काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के चार वर्ष पूर्ण होने का पावन अवसर सेवा, श्रद्धा और समर्पण की अद्भुत मिसाल बन गया। इस शुभ अवसर पर संकल्प संस्था द्वारा संचालित संकल्प अन्नक्षेत्र के तत्वावधान में मानवता को समर्पित एक भावपूर्ण सेवा आयोजन संपन्न हुआ।

कार्यक्रम की शुरुआत संकटमोचन हनुमान जी को विधिवत भोग अर्पित कर की गई। इसके पश्चात चौक क्षेत्र स्थित कन्हैयालाल गुलालचंद सर्राफ के सामने सैकड़ों राहगीरों, श्रमिकों, जरूरतमंदों एवं श्रद्धालुओं को गर्म व स्वादिष्ट खिचड़ी प्रसाद, मिष्ठान स्वरूप गाजर का हलवा तथा फल वितरित किए गए। सुबह से ही सेवा स्थल पर श्रद्धालुओं और जरूरतमंदों की भीड़ उमड़ पड़ी। जैसे-जैसे प्रसाद वितरण आगे बढ़ता गया, वैसे-वैसे लोगों के चेहरों पर संतोष और सुकून की चमक स्पष्ट दिखाई देने लगी। विशेषकर वृद्धजनों की आंखों में झलकती कृतज्ञता ने इस सेवा को और भी पावन बना दिया।

संस्था के संरक्षक अनिल कुमार जैन ने भावुक शब्दों में कहा- “काशी मां अन्नपूर्णा की नगरी है। श्री काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के चार वर्ष पूर्ण होना हम सभी काशीवासियों के लिए गर्व और आस्था का विषय है। जब कोई भूखा व्यक्ति यह कहता है कि ‘आज पेट भर खाया’, तभी लगता है कि यही सच्चा भोग और यही सच्ची सेवा है। संकटमोचन को अर्पित अन्न जब अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचता है, तभी सेवा सार्थक होती है।”इस पुण्य आयोजन में आशू जैन (महावीर बिहार), संदीप जैन (नई दिल्ली), श्रीमती माला अग्रवाल, श्रीमती पूजा, श्रीमती सुचिता अग्रवाल, प्रांजल जैन एवं श्रीमती मृदुला अग्रवाल का विशेष योगदान सराहनीय रहा।

मौके पर संस्था के संरक्षक अनिल कुमार जैन के साथ गिरधर दास अग्रवाल (मद्रास क्लॉथ सेंटर), संतोष अग्रवाल (कर्णघंटा), संजय अग्रवाल (गिरिराज), राजेंद्र अग्रवाल (माड़ी वाले), अमित श्रीवास्तव, भइयालाल, मनीष सहित संस्था के सदस्य एवं अनेक स्थानीय समाजसेवी उपस्थित रहे। यह आयोजन केवल प्रसाद वितरण नहीं, बल्कि काशी की उस जीवंत परंपरा का प्रतीक था, जहां भक्ति, करुणा और सेवा एक-दूसरे में घुलकर मानवता का उत्सव बन जाती हैं।

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