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यूपीआईटीएस:युवा उद्यमियों की सफलता ने बढ़ाया प्रदेश का गौरव

ग्रेटर नोएडा | उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS 2025) में इस बार युवा उद्यमियों की मौजूदगी चर्चा का विषय रही। 20 से 30 वर्ष के युवाओं ने अपने आइडियाज को बिजनेस में बदलकर यह साबित कर दिया कि अब यूपी का युवा “जॉब सीकर नहीं, जॉब क्रिएटर” बन चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियों और निवेश-हितैषी माहौल ने युवाओं को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित किया है।यूपीआईटीएस 2025 में कई युवाओं ने विदेशी बायर्स के साथ एमओयू किए हैं और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।

ग्रेटर नोएडा । उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस 2025) में इस बार युवा उद्यमियों की उपस्थिति और उनकी कामयाबी ने सबका ध्यान खींचा है। 20 से 30 वर्ष की उम्र के इन नए उद्यमियों ने न सिर्फ अपने आइडियाज को बिजनेस में बदला, बल्कि वैश्विक मंच पर यूपी का डंका भी बजाया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निवेश और उद्यमिता-हितैषी नीतियों ने युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ाया है। यही कारण है कि अब यूपी का युवा जॉब सीकर नहीं, बल्कि जॉब क्रिएटर बनकर उभर रहा है। यूपीआईटीएस 2025 में स्पष्ट रूप से दिख रहा है कि योगी सरकार की सोच और नीतियां युवाओं को उद्यमिता की राह पर आगे बढ़ा रही हैं। इनकी सफलता की कहानियां न सिर्फ प्रदेश, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा बन रही हैं।

फैमिली बिजनेस को ग्लोबल ले जा रहे हैं यश गुप्ता

23 साल के युवा उद्यमी यश गुप्ता बताते हैं कि उनकी कंपनी का नाम इंडियाना इंजीनियरिंग प्रा. लि. है। मेरे पिता ने यह कंपनी शुरू की थी। तब वह बहुत सारे इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट्स बनाते थे। अभी हमने हाल ही में इसे प्रा. लि. कंपनी बनाया है और अब हम अपने प्रोडक्ट्स को पड़ोसी देशों में एक्सपोर्ट भी कर रहे हैं। फैमिली बैकग्राउंड के कारण ही मुझे बिजनेस में उतरने की प्रेरणा मिली। हम पहली बार यूपीआईटीएस में हिस्सा ले रहे हैं और अभी तक बहुत शानदार रिस्पॉन्स मिला है। तीन दिनों में करीब 25 लीड्स मिली हैं। यह योगी सरकार का बहुत बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार उद्यमियों को जॉब क्रिएटर बनाने पर फोकस कर रही है, जिसके लिए वह कई सारी प्रोत्साहन योजनाएं भी चला रही है। इसी वजह से युवा का भी माइंड सेट बदला है और अब वह उद्यमी बनने की ओर बढ़ चला है।

यूपी में बिजनेस शुरू करना सबसे आसान – नीलेश अग्रवाल

लखनऊ से ताल्लुक रखने वाले 28 साल के नीलेश अग्रवाल ने जूक्ड नाम से एक स्टार्ट अप की शुरुआत की है। उन्होंने बताया कि 2022 में हमने ग्लास बॉटल्स और अन्य बिजनेस की शुरुआत की। शुरुआत में हमें बिजनेस ऑर्डर्स को मैनेज करना बहुत मुश्किल होता था। इसको देखते हुए हमने वेबसाइट टूल्स डेवलप किया। अपने बिजनेस और मार्केट को आटोमेट करने के लिए हमने जूक्ड को लांच किया। उत्तर प्रदेश में जब से योगी जी आए हैं तबसे हमें बहुत अवसर मिल रहे हैं। हमें अवसर मिल रहे हैं, सब्सिडी मिल रही हैं। यहां का इकोसिस्टम इतना स्ट्रांग हो चुका है कि यहां पर बिजनेस शुरू करना सबसे आसान हैं। यहां पर जो निवेश पर ग्रोथ मिल रही है वो किसी भी देश में नहीं है। यहां पर हमें विदेशी बायर्स के साथ अच्छा रिस्पांस मिला है और ग्वाटेमाला के एक बायर ने हमें अपने यहां आने के लिए आमंत्रित किया है।

विदेशी बायर्स के साथ हुआ बड़ा एमओयू – विशाल शर्मा

बुलंदशहर के 30 वर्षीय विशाल शर्मा अपने पिता के साथ पल्सट्रॉनिक्स इंडिया के नाम से कंपनी चलाते हैं जो लिथियम बैटरी और बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम्स (बीएमएस) जैसे प्रोडक्ट्स बनाते हैं। उन्होंने बताया कि अभी पैन इंडिया सप्लाई कर रहे हैं और अब हम एक्सपोर्ट भी कर रहे हैं। यूपीआईटीएस में हमें कई लीड्स मिली हैं। पोलैंड के एक बायर्स के साथ हमने 45 लाख रुपए का एमओयू भी किया है। यह बहुत ही अच्छी पहल है मुख्यमंत्री की, जिससे हमें बहुत मदद मिल रही है। यूपी के प्रोडक्ट्स को यहां पर प्रस्तुत कर हम अपने बिजनेस को वैश्विक पहचान दिला पा रहे हैं। सरकार की ओर से जो स्कीम्स हैं, उसका पूरा लाभ हम उठा पा रहे हैं।

योगी सरकार बना रही है युवाओं को आत्मनिर्भर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का फोकस साफ है, युवा ही उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। सरकार की नीतियों, स्टार्टअप पॉलिसी, सब्सिडी और स्किल डेवलपमेंट योजनाओं का असर साफ दिख रहा है। यूपीआईटीएस 2025 इस बदलाव का जीता-जागता उदाहरण है, जहां युवा उद्यमी अपने नवाचार और मेहनत के दम पर प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहे हैं।

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