कट्टा उद्योग से ब्रह्मोस और फाइटर जेट तक बदली यूपी की पहचान, यूपीआईटीएस-2026 बना ग्लोबल मंच
उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 के समापन समारोह में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश की औद्योगिक पहचान में बड़ा बदलाव आया है। कट्टा उद्योग की पुरानी छवि से आगे बढ़कर प्रदेश ब्रह्मोस मिसाइल, फाइटर जेट, आधुनिक विनिर्माण और रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। यूपीआईटीएस ने ओडीओपी, एमएसएमई, हस्तशिल्प, निर्यातकों और उद्यमियों को वैश्विक खरीदारों से जोड़ने का मंच दिया। बनारसी साड़ी, मुरादाबाद का पीतल और भदोही का कालीन भी वैश्विक बाजार तक पहुंच रहे हैं।
ग्रेटर नोएडा । केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश की पहचान अब पुराने ‘कट्टा उद्योग’ से नहीं, बल्कि ब्रह्मोस मिसाइल और फाइटर जेट जैसे आधुनिक रक्षा उत्पादन से हो रही है। प्रदेश में कानून-व्यवस्था, बुनियादी ढांचे, एक्सप्रेसवे, हवाई संपर्क और औद्योगिक विकास में हुए बदलावों ने उत्तर प्रदेश को नई आर्थिक पहचान दी है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश मजबूत होगा तो देश मजबूत होगा। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत की युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत है और उत्तर प्रदेश इस शक्ति का महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की औद्योगिक क्षमता अब पारंपरिक क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि रक्षा उत्पादन, आधुनिक विनिर्माण, निर्यात और तकनीक के क्षेत्र में भी नई संभावनाएं सामने आ रही हैं।
कट्टा उद्योग से ब्रह्मोस और फाइटर जेट तक बदली पहचान
गिरिराज सिंह ने उत्तर प्रदेश की बदलती औद्योगिक पहचान का उल्लेख करते हुए कहा कि एक समय प्रदेश को ‘कट्टा उद्योग’ के संदर्भ में देखा जाता था, लेकिन आज यहां ब्रह्मोस मिसाइल और फाइटर जेट जैसे आधुनिक रक्षा उत्पादों के निर्माण की चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा कि यह बदलाव प्रदेश में विकसित हो रहे औद्योगिक एवं रक्षा क्षेत्र की क्षमता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था, सड़क एवं हवाई संपर्क और औद्योगिक ढांचे ने निवेश तथा कारोबार के लिए नए अवसर तैयार किए हैं। जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों के बीच आवागमन और कारोबारी गतिविधियों को सुविधा मिल रही है।
ओडीओपी ने स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ा
केंद्रीय मंत्री ने एक जनपद-एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से जिलों के विशिष्ट उत्पादों, कारीगरों और उद्यमियों को बाजार से जोड़ने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि यूपीआईटीएस जैसे आयोजन स्थानीय उत्पादों को देश और दुनिया के खरीदारों तक पहुंचाने के लिए मंच उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बनारस की साड़ी, मुरादाबाद का पीतल, भदोही का कालीन, लखनऊ की चिकनकारी सहित प्रदेश के विभिन्न उत्पादों की अपनी विशिष्ट पहचान है। इन उत्पादों को आधुनिक तकनीक, बेहतर पैकेजिंग, ब्रांडिंग और वैश्विक बाजार से जोड़ने की आवश्यकता है।
यूपीआईटीएस ने कारोबार के लिए उपलब्ध कराया वैश्विक मंच
गिरिराज सिंह ने यूपीआईटीएस में हुई बी2बी बैठकों और कारोबारी गतिविधियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस आयोजन ने उत्तर प्रदेश के उद्यमियों, निर्यातकों, कारीगरों, प्रदर्शकों और देश-विदेश के खरीदारों को एक मंच पर लाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है और निर्यात, विनिर्माण तथा एमएसएमई क्षेत्र की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।
ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लिए वैकल्पिक स्रोतों पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और निर्यात में वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की वैश्विक आर्थिक भूमिका बढ़ रही है। उन्होंने ऊर्जा आयात पर निर्भरता कम करने के लिए एथनॉल जैसे वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा आयात पर होने वाले खर्च को कम करना आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए वैकल्पिक और स्वदेशी ऊर्जा स्रोतों का विस्तार आवश्यक है।
वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका
गिरिराज सिंह ने ब्रिक्स सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बढ़ती भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक आर्थिक और कूटनीतिक संवाद में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने युवाओं की क्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि युवा शक्ति देश के विकास को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की आर्थिक मजबूती का प्रभाव देश की समग्र अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा। प्रदेश में उद्योग, निर्यात, एमएसएमई और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों का विस्तार किया जा सकता है।
यूपीआईटीएस की सफलता के लिए आयोजकों को दी बधाई
*केंद्रीय मंत्री ने यूपीआईटीएस-2026 के आयोजन से जुड़े अधिकारियों, विभिन्न विभागों, इंडिया एक्सपो मार्ट, उद्यमियों, कारीगरों, प्रदर्शकों और देश-विदेश से आए खरीदारों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि पांच दिवसीय आयोजन ने उत्तर प्रदेश के उत्पादों, उद्यमशीलता, हस्तशिल्प और औद्योगिक क्षमता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर दिया है। उन्होंने आयोजन की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए यूपीआईटीएस-2026 को सफल बनाने में योगदान देने वाली पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर प्रदेश के एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, राज्य मंत्री एमएसएमई हंसराज विश्वकर्मा, प्रमुख सचिव एमएसएमई शशि भूषण लाल सुशील, सचिव प्रांजल यादव, कमिश्नर उद्योग के. विजयेंद्र पांडियन, विशेष सचिव एमएसएमई शिशिर और अपर कमिश्नर उद्योग रोहित आनंद मौजूद रहे।
प्रदेश में कांग्रेस और सपा का गठबंधन नहीं, बल्कि ‘ठगबंधन’ है
गिरिराज सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष लंबे समय तक सत्ता से बाहर रहने की स्थिति में देश को अस्थिर करने की कोशिश कर रहा है। एसआईआर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद जिन लोगों के नाम छूट गए हैं या कट गए हैं, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना नाम जुड़वाने का अवसर मिलता है, इसके बावजूद विपक्ष चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट को बदनाम करने का प्रयास कर रहा है।
उन्होंने राहुल गांधी पर उत्तर प्रदेश में राजनीतिक रूप से विफल होने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी का गठबंधन नहीं बल्कि उनके शब्दों में ‘ठगबंधन’ है। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी अकेले चुनाव लड़ने का साहस नहीं कर सकते और सीटों के बंटवारे के लिए उन्हें सहयोगी दलों पर निर्भर रहना पड़ता है। उन्होंने विपक्ष की राजनीति को लेकर युवाओं से देश के हित में सजग रहने का आह्वान भी किया। उन्होंने राहुल गांधी पर देश में हो रहे आर्थिक और औद्योगिक बदलावों को स्वीकार नहीं करने तथा विभिन्न मुद्दों को लेकर जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश आज बुनियादी ढांचे, रक्षा उत्पादन, निर्यात, निवेश और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है, लेकिन राहुल इन बदलावों को सकारात्मक रूप में देखने के बजाय सरकार की नीतियों पर ही उंगली उठा रहे हैं।
गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि वह चुनावी प्रक्रिया से जुड़े विषयों को राजनीतिक रंग देकर जनता के बीच भ्रम पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि देश के युवाओं और उद्यमियों को विकास के अवसरों की आवश्यकता है और राजनीतिक दलों को भी विकास से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक बहस करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत की आर्थिक और सामरिक क्षमता में हो रहा विस्तार केवल किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव उद्योग, रोजगार, निर्यात और वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका पर पड़ रहा है।
कोरोना काल में जनता को गुमराह कर खुद घर पर चुपचाप वैक्सीन लगवा रहे थे अखिलेश
गिरिराज सिंह ने कोरोना महामारी के दौरान वैक्सीन को लेकर विपक्ष की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब देश में कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा था, तब विपक्ष के कुछ नेताओं की ओर से वैक्सीन को लेकर सवाल उठाए गए और लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा करने वाले बयान दिए गए। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद देश ने बड़े स्तर पर टीकाकरण अभियान चलाया और कोरोना से निपटने के प्रयास किए।
केंद्रीय मंत्री ने चुटकी लेते हुए कहा कि अखिलेश यादव जैसे नेता खुद तो घर पर चुपचाप वैक्सीन लगवा रहे थे, जबकि आम जनता को भ्रमित कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय सरकार के प्रयासों पर सवाल उठाने के बजाय लोगों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण और स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों के आधार पर जागरूक करने की आवश्यकता थी। उन्होंने कहा कि भारत ने वैक्सीन निर्माण और टीकाकरण के क्षेत्र में अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया तथा महामारी के दौरान स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया गया।
दुनिया में यूपी की बढ़ती साख का प्रतीक बना इंटरनेशनल ट्रेड शो : भूपेंद्र चौधरी
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो प्रदेश की बढ़ती औद्योगिक और कारोबारी साख का प्रतीक बन गया है। देश-विदेश से आए उद्यमियों, निर्यातकों, कारीगरों और खरीदारों को एक मंच मिलने से उत्तर प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की नई संभावनाएं बनी हैं। उन्होंने कहा कि ट्रेड शो का समापन दरअसल प्रदेश के उद्यमियों के लिए नए अवसरों की शुरुआत है।
उन्होंने कहा कि ओडीओपी, विश्वकर्मा श्रम सम्मान और मुख्यमंत्री युवा योजना जैसी योजनाएं प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की आर्थिक प्रगति को गति दे रही हैं। सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति, बेहतर कानून-व्यवस्था, सिंगल विंडो सिस्टम और उद्योगों के लिए प्रोत्साहन नीतियों से उत्तर प्रदेश को उद्यम प्रदेश के रूप में स्थापित करने में मदद मिली है। बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान में भी प्रदेश लगातार टॉप एचीवर’ के रूप में सामने आया है।
उन्होंने कहा कि सीएम योगी के प्रयास से यहां की योजनाएं रोल मॉडल बन गई हैं। आज दुनिया में योगी के कानून के मॉडल की चर्चा होती है। पिछले नौ वर्षों में झांसी, चित्रकूट, अलीगढ़, कानपुर, लखनऊ और आगरा में डिफेंस कॉरिडोर से रक्षा उत्पादन को बढ़ावा मिल रहा है। ग्रेटर नोएडा डेटा सेंटर हब के रूप में उभर रहा है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री युवा योजना के तहत लाखों युवाओं को बिना गारंटी और बिना ब्याज के ऋण दिया गया। अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम और प्रयागराज महाकुंभ जैसे आयोजनों से प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को भी नई गति मिली है। भूपेंद्र चौधरी ने ट्रेड शो में शामिल पार्टनर देशों वियतनाम, जापान, सिंगापुर, रूस, ऑस्ट्रेलिया और बेलारूस के प्रतिनिधियों, देश-विदेश से आए बिजनेस लीडरों, उद्यमियों, निर्यातकों, कारीगरों का स्वागत कर आभार व्यक्त किया।
यूपीआईटीएस बना यूपी के हुनर को ग्लोबल बाजार तक पहुंचाने का मंच : नंदी
औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने कहा कि उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस)-2026 प्रदेश की नई आर्थिक पहचान का उत्सव है। चार साल पहले शुरू हुआ यह आयोजन प्रदेश के उद्यमियों, कारीगरों और बुनकरों के उत्पादों को घरेलू बाजार से वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि इस बार ट्रेड शो में 90 देशों के 600 से अधिक विदेशी बायर्स ने हिस्सा लिया। जापान, रूस, वियतनाम, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया और बेलारूस पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल हुए। इससे उत्तर प्रदेश की कारोबारी संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर मिला।
नंदी ने कहा कि यूपीआईटीएस में बनारस की साड़ी, मुरादाबाद का पीतल, भदोही का कालीन और लखनऊ की चिकनकारी समेत प्रदेश की पारंपरिक कला और शिल्प को आधुनिक बाजार, तकनीक और ब्रांडिंग से जोड़ने का प्रयास किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकल को ग्लोबल बनाने के विजन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेसवे, एयर कनेक्टिविटी और निवेश अनुकूल वातावरण से उद्योगों के लिए नई संभावनाएं बनी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था में एमएसएमई, मैन्युफैक्चरिंग, हस्तशिल्प और निर्यात की महत्वपूर्ण भूमिका है। यूपीआईटीएस इस योगदान को और विस्तार देने का मजबूत मंच बन रहा है।
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