
उप्र बजट 2022-23: जून-2022 तक नि:शुल्क मिलेगा राशन
उप्र बजट : किसानों को 60 लाख टन उत्तम बीज कराए जाएंगे उपलब्ध
लखनऊ । उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने गुरुवार को विधानसभा में उप्र का बजट 2022-23 पेश करते हुए कहा कि आज पेश होने वाला बजट यूपी के इतिहास का सबसे बड़ा बजट है। कहा कि गरीब लोगों को नि:शुल्क राशन देने का फैसला भी हमारी सरकार ने किया। बताया कि इस योजना से प्रदेश के लगभग 15 करोड़ लोग लाभान्वित हुये। कहा कि यह देश का विशालतम खाद्यान्न वितरण कार्यक्रम है, जिसका विस्तार अप्रैल 2022 से जून, 2022 तक कर दिया गया।
उन्होंने अपने उद्बोधन में बताया कि प्रदेश स्तर पर अन्तर्जनपदीय राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी संचालित किये जाने के उपरान्त भारत सरकार की वन नेशन वन राशन कार्ड योजना के अन्तर्गत प्रदेश में राष्ट्रीय पोर्टेबिलिटी की सुविधा मई-2020 से लागू है। मई माह 2020 से मार्च 2022 तक अन्य राज्यों के 37.971 राशन कार्डधारकों ने उत्तर प्रदेश से तथा उत्तर प्रदेश के 8,99,798 कार्डधारकों ने अन्य राज्यों से राशन लिया है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अन्तर्गत आच्छादित 3.58 करोड़ अन्त्योदय एवं पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को निःशुल्क राशन के साथ ही साथ आयोडाइज्ड नमक, साबुन, चना एवं तेल दिसम्बर-2021 से मार्च-2022 तक नि:शुल्क वितरित कराया गया। जिस पर लगभग 4801 करोड़ रूपये का व्यय हुआ।
मुफ्त गैस कनेक्शन देने वाला देश का पहला प्रदेश बना यूपी
उन्होंने बताया कि प्रदेश के 15 करोड़ निर्धन व्यक्तियों को मुफ्त अनाज और तीन करोड़ मजदूरों को मार्च 2022 तक 500 रुपये प्रतिमाह का भत्ता और 98 लाख नागरिकों को 1000 रुपये प्रतिमाह का भत्ता दिया गया। आगे कहा कि प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश की 167 करोड़ महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन देने वाला देश का पहला प्रदेश बना। पिछले पांच वर्षों में प्रधानमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत प्रदेश के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में 42 लाख 50 हजार आवास स्वीकृत किये गये हैं। स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत 2 करोड़ 61 लाख शौचालयों का निर्माण कराकर उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। सौभाग्य योजना के अन्तर्गत 01 करोड़ 41 लाख मुफ्त विद्युत कनेक्शन दिये गये।
64 हजार 399 हेक्टेयर भूमि भू-माफियाओं से मुक्त करायी
उन्होंने बताया कि भू-माफियाओं के खिलाफ चलाये जा रहे एण्टी भू-माफिया अभियान के अन्तर्गत 64 हजार 399 हेक्टेयर भूमि अवैध कब्जे से मुक्त करायी गयी है। 2471 अतिक्रमणकर्ताओं को भू माफिया के रूप में चिन्हित किया गया है। वर्तमान में 186 भू-माफिया जेल में निरूद्ध हैं तथा 4274 अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध कार्यवाही की गयी है।
उत्तर प्रदेश बीमारू राज्यों की श्रेणी से निकलकर बना अग्रणी राज्य
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले पांच वर्षों के हमारे कार्यकाल में प्रदेश बीमारू राज्यों की श्रेणी से निकलकर देश के अग्रणी राज्यों में आ चुका है। योगी सरकार ने इस भावना के साथ काम किया है। इस दौरान उन्होंने कुछ पंक्ति भी बोली ‘जब तलक भोर का सूरज नजर नहीं आता, काम मेरा है उजालों की हिफाजत करना। मेरी पीढ़ी को एक चिराग बनके जलना है, जिसका मजहब है अंधेरों से बगावत करना’।
प्रदेश में 15 हजार साेलर पंप लगाए जाने की घोषणा
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना विधानसभा में बजट पेश कर रहे हैं। किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली व्यवस्था का जिक्र तो अभी नहीं की गयी लेकिन प्रदेश में 15 हजार सोलर पंप लगाने की घोषणा की गयी है। इसके साथ ही प्रदेश में 60.10 लाख टन उत्तम बीज उपलब्ध कराने की घोषणा की गयी है।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के बजट पेश करते हुए कहा कि हमारी सरकार द्वारा पेराई सत्र 2017-2018 से 2021 2022 तक के सापेक्ष दिनांक 16 मई, 2022 तक गन्ना किसानों 1 लाख 72 हजार 745 करोड़ रूपये का रिकॉर्ड गन्ना मूल्य भुगतान कराया गया, जो इसके पूर्व के 5 वर्षों के सम्मिलित गन्ना मूल्य भुगतान 95.215 करोड़ रूपये से 77.530 करोड़ रुपये अधिक है। प्रदेश में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना माह दिसम्बर, 2018 से संचालित है । योजना के अन्तर्गत 2.55 करोड़ कृषकों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्मय से 42 हजार 565 करोड़ रूपये हस्तांतरित किये गये है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना दिनांक 14 सितम्बर, 2019 से लागू की गयी है। इस योजना के अन्तर्गत कृषक की परिभाषा का विस्तार विस्तार करते हुये खतौनी खतौनी में दर्ज खातेदार / सहखातेदार के साथ – साथ उनके परिवार के ऐसे सदस्य जिनकी आजीविका का मुख्य स्रोत खातेदार / सहखातेदार के नाम दर्ज भूमि से होने वाली कृषि आय है तथा ऐसे भूमिहीन व्यक्ति जो पट्टे से प्राप्त भूमि पर अथवा बॅटाई पर कृषि कार्य करते हैं , को भी सम्मिलित किया गया है।
उन्होंने कहा कि योजना के अन्तर्गत दुर्घटनावश मृत्यु / दिव्यांगता की दशा में अधिकतम 5 लाख रूपये दिये जाने का प्रावधान है। वित्तीय वर्ष 2022-2023 के बजट में इस योजना हेतु 650 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
हमारी सरकार ने किसानों के ऋणमोचन का कार्य किया। अब तक 1 लाख 72 हजार से अधिक मूल्य का गन्ना भुगतान हुआ। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से 2.55 करोड़ किसानों को 6 हजार सालाना दिया जा रहा है। सरकार के पिछले कार्यकाल के पहले वर्ष में प्रदेश के 86 लाख लघु और सीमान्त किसानों के फसली ऋण का मोचन कराया गया।
उन्होंने कहा कि गन्ना मूल्य भुगतान में प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। हमारी सरकार द्वारा पेराई सत्र 2017-2018 से 2021-2022 तक के सापेक्ष 16 मई , 2022 तक 01 लाख 72 हजार 745 करोड़ रूपये के गन्ना मूल्य का भुगतान कराया जो एक कीर्तिमान है। इसमें पूर्व वर्षों की 10 हजार 662 करोड़ रूपये की धनराशि भी शामिल है। यह धनराशि वर्ष 2012 से 2017 के मध्य हुये गन्ना मूल्य भुगतान से हजार 500 करोड़ रूपये अधिक है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से 250 करोड़ किसानों को 6000 रूपये वार्षिक आर्थिक सहायता दिलाकर उत्तर प्रदेश में प्रथम स्थान पर है।
वित्तमंत्री ने कहा कि हमने इन्वेस्टर्स समिट -2018 का आयोजन कराया जिसमें प्राप्त 4.68 लाख करोड़ रूपये तक के निवेश प्रस्तावों में से लगभग 03 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों का कार्यान्वयन विभिन्न चरणों में है। इन निवेशों से 05 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। आगामी 03 जून को इन्वेस्टर्स समिट की तीसरी ग्राऊण्ड ब्रेकिंग सेरेमनी में 75 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारा जायेगा।
वित्तमंत्री ने कहा कि कोविड कालखण्ड में औद्योगिक निवेश की गति को बनाये रखने हेतु विशेष हेल्प डेस्क संचालित किया गया। राज्य सरकार एक्सप्रेस-वे जलमार्ग हवाई अड्डों तथा अन्य मल्टी मोडल परियोजनाओं के माध्यम से विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे तथा निर्बाध कनेक्टिविटी के विकास को सुनिश्चित करते हुए त्वरित अवस्थापना विकास को बढ़ावा दे रही है।
वित्तमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी जनपदों के उत्पादों एवं पारम्परिक शिल्पों के समग्र विकास हेतु संचालित एक जनपद- एक उत्पाद के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश से होने वाला निर्यात 88 हजार करोड़ रूपये से बढ़कर 1.56 लाख करोड़ रुपये हो गया है। यह हर्ष का विषय है कि उत्तर प्रदेश एक उत्कृष्ट निवेश डेस्टिनेशन के रूप में उभरा है । इस दिशा में राज्य सरकार ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में अभूतपूर्व प्रगति करते हुए देश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है।(हि.स.)



