
उदयपुर । उदयपुर के गोगुन्दा में सामने आए एक हादसे ने हर सुनने वाले को दहला दिया है। एक वृद्धा अपने ही जलाए कंडों की आग में खाक हो गई। आपको बता दें कि कंडे गोबर से बनाए जाते हैं जिसका उपयोग चूल्हे में अग्नि के लिए होता है।गोगुन्दा थाना क्षेत्र के कदमाल में गायरियों का गुढ़ा भील बस्ती में एक वृद्धा अपनी खाट सहित जल गई। इससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। आसपड़ोस के अनुसार करीब 75 वर्षीय वृद्धा नंदूबाई पत्नी भीमा गमेती कच्चे केलूपोश मकान में अकेली रहती थी।
रात को सोते समय अक्सर बिस्तर के पास गोबर के कंडे जलाकर सोती थी। नंदू बाई 2 दिन से नजर नहीं आई तो मृतका के पुत्र रूपलाल ने मृतका के घर जाकर देखा तो बिस्तर खाट सहित पूरी तरह जला हुआ कंकाल मिला। इसके बाद रूपलाल ने परिवारजनों और ग्रामीणों को मामले से अवगत कराया और जरिए टेलीफोन गोगुंदा पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंच शव को कब्जे में लेकर वृद्धा के अवशेषों को गोगुंदा हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखवाया।
माना जा रहा है कि संभवतः मच्छरों से बचाव के मद्देनजर वृद्धा कंडे जलाकर सोती थी। ग्रामीण क्षेत्रों में मच्छरों को भगाने के लिए सामान्यतौर पर गोबर के कंडों को सुलगाया जाता है जिसके कुछ देर के धुएं से जब मच्छर भाग जाते हैं तब कंडों को ठंडा कर दिया जाता है। आशंका जताई जा रही है कि वृद्धा द्वारा जलाए गए कंडों से ही आग लगी हो और वृद्धा को बचने का मौका ही न मिला हो। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर ही है।(हि.स.)



