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पुरानी पेंशन की बहाली का मुद्दा सिर्फ चुनावी स्टंट -जे एन तिवारी

अब कर्मचारी धोखा नहीं खाएगा .नई पेंशन लागू भी हुई थी सपा के कार्यकाल में ही.2012 तक अखिलेश जी रहे मुख्यमंत्री.उस समय नहीं किया बहाल.अब चुनाव के वक्त याद आई.कर्मचारियों के अन्य मुद्दों पर नहीं बोले सपा मुखिया.

लखनऊ : राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी ने फेसबुक पर कर्मचारियों के साथ लाइव संवाद किया एवं कर्मचारियों के साथ अपने विचार साझा किए। जे एन तिवारी ने कर्मचारियों की समस्याओं पर खुल कर बात किया। पुरानी पेंशन पर सपा प्रमुख की घोषणा के संबंध में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के एक गुट द्वारा जोकि सपा में शामिल हो चुके हैं , स्वागत किए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए जे एन तिवारी ने अवगत कराया कि यह वही कर्मचारी नेता है जिन्होंने अखिलेश के मुख्यमंत्रित्व काल में सपा के चुनाव चिन्ह साइकिल का सहारा लेकर सपा के मुखिया द्वारा हरी झंडी दिखाए जाने पर दिल्ली तक की साइकिल यात्रा किया था।

उस समय प्रदेश में सपा की सरकार थी लेकिन पुरानी पेंशन की बहाली इसलिए नहीं हुई क्योंकि उस समय इसको केंद्र का मुद्दा बताया गया था। यदि 2015-16 में पुरानी पेंशन की बहाली केंद्र का मुद्दा था, तो ,2022 के चुनाव के ठीक पहले यह प्रदेश का मुद्दा कैसे बन गया ?यह भी ज्ञातव्य है कि 1 अप्रैल 2005 को जब पुरानी पेंशन लागू हुई उस समय मौजूदा सपा के मुखिया अखिलेश के पिता मुलायम सिंह ही मुख्यमंत्री थे। केंद्र सरकार ने अपनी एनपीएस योजना के अंतर्गत यह निर्देशित किया था कि राज्य सरकारों के कर्मचारियों पर एनपीएस योजना तभी लागू होगी जब राज्य सरकारें इस पर अधिसूचना जारी करेगी। यदि 2005 में मुलायम सिंह ने अधिसूचना जारी नहीं किया होता तो आज प्रदेश में 10 लाख कर्मचारियों को पुरानी पेंशन मिल रही होती, लेकिन उस समय उन्होंने अधिसूचना जारी कर प्रदेश के कर्मचारियों को एनपीएस लेने पर मजबूर कर दिया। अब चुनाव के वक्त सपा को दोबारा कर्मचारियों की याद आ गई और पुरानी पेंशन बहाली का मुद्दा भी याद आ गया।

जे.एन.तिवारी ने बताया कि पुरानी पेंशन के अलावा भी प्रदेश के कर्मचारियों की समस्याएं हैं। वेतन विसंगति का लाभ , आउटसोर्स/संविदा कर्मचारियों का योजनाबद्ध नियमितीकरण, महंगाई भत्ते के एरियर का भुगतान किया जाना, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती पर लगी रोक हटाया जाना , नगर प्रतिकर भत्ता बहाल किया जाना, यह मुद्दे भी ज्वलंत है ।इन मुद्दों पर भी सपा मुखिया को खुलकर बात करनी चाहिए थी। पुरानी पेंशन का मुद्दा तो सिर्फ एक छलावा है। आज की स्थिति में सिर्फ एक चुनावी स्टंट है ।आंकड़ों के हिसाब से एन पी एस योजना काफी लोकप्रिय हो रही है ।इस योजना में पिछले वर्ष 97 लाख सब्सक्राइबर्स जुड़े हैं। अब तक इस योजना से कुल चार करोड़ 63 लाख लोग जुड़ चुके हैं। पिछले 1 साल में 24% की वृद्धि एनपीएस सब्सक्राइबर की संख्या में हुई है। एन पी एस में योगदान की धन राशि पर आयकर की धारा 80 सी, 80 सी सी डी के अंतर्गत छूट में मिल रही है। फिलहाल एन पी एस से संबंधित कमियों को दूर करने के लिए राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद लगातार दबाव बना रही है।

जे एन तिवारी ने अवगत कराया है कि उनके पास कर्मचारियों को ओ पी एस में लाने का विकल्प है लेकिन वह इसका खुलासा समय आने पर सिर्फ मुख्यमंत्री के सामने ही करेंगे। उन्होंने प्रदेश के मुख्य सचिव से मांग किया है कि कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों पर तत्काल निर्णय करा दे ,रुके हुए नगर प्रतिकर भत्ते के भुगतान का आदेश करा दे, आउटसोर्स तथा संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की योजना बनाकर सरकार उस पर कार्य करें। जे एन तिवारी ने प्रदेश के कर्मचारियों से अपील किया है कि सभी कर्मचारियों के परिवार शत प्रतिशत मतदान जरूर करें लेकिन किसी के बहकावे में आकर नहीं। निष्पक्ष मतदान करें , सही उम्मीदवार चुने। यही प्रजातंत्र की मांग है। चुनाव में अपने स्वयं के हित के अलावा समाज हित एवं राष्ट्रहित का भी ध्यान रखा जाएगा ।

लाइव संवाद में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के उपाध्यक्ष विजय श्याम तिवारी, महामंत्री निरंजन कुमार श्रीवास्तव, फूड एंड सिविल सप्लाईज इंस्पेक्टर्स ऑफीसर्स एसोसिएशन की अध्यक्ष रेनू मिश्रा ,वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रीति पांडे, उपाध्यक्ष अपर्णा अवस्थी, माध्यमिक शिक्षणेत्र संघ के संरक्षक ओम प्रकाश पांडे, अध्यक्ष राजेश निराला, राज्य विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण मिश्रा, गोरखपुर विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रामेश्वर पांडे महामंत्री राजबहादुर गौतम, डिप्लोमा चिकित्सा शिक्षा लैब टेक्नीशियन वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित कुमार वर्मा, मातृ शिशु महिला कल्याण कर्मचारी संघ की अध्यक्ष अजय लक्ष्मी यादव, आशा हेल्थ वर्कर्स एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती कुसुम लता यादव, ईसीजी टेक्निशियन एसोसिएशन के महामंत्री राजेश कुमार श्रीवास्तव, कीट संग्रह कर्ता संघ के महामंत्री हरगोविंद यादव, आश्रम पद्धति विद्यालय संविदा शिक्षक संघ की अध्यक्ष स्वेता शुक्ला, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के अध्यक्ष ओम प्रकाश गौड़, डिप्लोमा चिकित्सा , चिकित्सा शिक्षा लैब टेक्नीशियन एसोसिएशन के महामंत्री विनोद कुमार यादव ,इलेक्ट्रीशियन एसोसिएशन के अध्यक्ष वकील अहमद, आई सीपीएस संविदा अधिकारी कर्मचारी एसोसिएशन की अध्यक्ष निरुपमा सिंह, ग्रामीण स्वास्थ्य रक्षक संघ के अध्यक्ष प्रेमचंद, महाविद्यालय शिक्षणेत्तर कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष सतेंद्र सोलंकी, शेष नारायण मिश्रा, अजय मिश्रा, विनय कुमार द्विवेदी, खाद्य रसद विभाग अराजपत्रित कर्मचारी संघ के अध्यक्ष नारायण जी दुबे, सतीश मिश्रा, हेमंत पाठक, डीपी गौड़, वैभव मिश्रा, इंद्रजीत सिंह, सहदेव सचान सहित सैकड़ों कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया।

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