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अलीगढ़ के प्रभावित इलाकों में तनावपूर्ण शांति

अलीगढ़ (उ.प्र.) : सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच रविवार को हुई हिंसक झड़प के बाद अलीगढ़ शहर कोतवाली और दिल्ली गेट इलाकों में सोमवार को तनावपूर्ण शांति व्याप्त है।

आगरा जोन के अपर पुलिस महानिदेशक अजय आनंद ने ‘ बताया कि रविवार शाम को हुई वारदात के बाद से अब तक ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।

पुराने शहर के प्रभावित इलाकों में सोमवार को कुछ दुकानें खुलीं मगर ज्यादातर के शटर बंद रहे। जिला प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है और दुकानदारों में विश्वास भरने की कोशिश की जा रही है कि वे निडर होकर अपनी दुकानें खोलें।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक रविवार को कोतवाली, दिल्ली गेट और सिविल लाइंस इलाकों में हिंसक झड़पों के विभिन्न मामलों में 40 नामजद समेत 350 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

अपर पुलिस महानिदेशक आनंद के मुताबिक रविवार को अपर कोट इलाके में हुई हिंसा में गोली लगने से घायल 22 वर्षीय तारिक की हालत अब स्थिर है और उसे जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आपरेशन के बाद ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू में दाखिल किया गया है।

उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर उसे दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया जाएगा। हालांकि डॉक्टर उसकी स्थिति को लेकर संतुष्ट हैं।

आनंद ने कहा कि पुलिस रविवार को हुई हिंसक घटनाओं में शामिल अराजक तत्वों की पहचान करने में जुटी है और उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

उन्होंने कहा कि कार्रवाई के साथ—साथ प्रभावित इलाकों में धर्मगुरुओं की मदद से स्थिति सामान्य करने का प्रयास भी किया जा रहा है।

इस बीच, जिलाधिकारी चंद्र भूषण सिंह ने कहा है कि अफवाह फैलाने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा और उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई होगी।

उन्होंने यह भी बताया कि जिले में इंटरनेट सेवाएं सोमवार आधी रात तक बंद रहेंगी।

गौरतलब है कि पुलिस ने रविवार को ऊपर कोट क्षेत्र में महिला प्रदर्शनकारियों को यह कहते हुए रोकने की कोशिश की कि ईदगाह इलाके में सीएए के खिलाफ पिछले शनिवार से ही प्रदर्शन चल रहा है। ऐसे में प्रदर्शनकारियों को कोतवाली के नजदीक प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी जा सकती।

शहर मुफ्ती अब्दुल खालिद समेत प्रबुद्ध मुस्लिम वर्ग के लोगों की मदद से हालात को संभालने की कोशिश की जा रही थी तभी भीड़ में से किसी ने पथराव शुरू कर दिया। उसके बाद स्थिति बिगड़ने लगी। भीड़ को तितर—बितर करने के लिये पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और रबर बुलेट का इस्तेमाल किया। इस संघर्ष में पांच लोग घायल हो गये थे।

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