
प्रयागराज । योगी सरकार निरन्तर प्रदेश में महिलाओं को स्वावलम्बी बनाने के साथ स्वदेशी उत्पादों के उत्पादन में प्रयास में लगी है। प्रयागराज जिले में तो स्वयं सहायता समूह से जुड़कर महिलाओं ने दीपावली के लिए स्वदेशी उत्पादों का ऐसा बाज़ार खड़ा कर दिया, जिससे दीपावली में स्थानीय बाजारों में बिकने वाले विदेशी उत्पाद पीछे छूट गए है।
उत्तर प्रदेश में महिलाओं को स्वावलम्बी बनाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा जिन स्वयं सहायता समूह का गठन हुआ है उनके उत्पाद अब बाज़ार में दस्तक दे रहे हैं। प्रयागराज में तो स्वयं सहायता समूह गठित कर आत्म निर्भरता की तरफ बढ़ रही इन महिलाओं ने दीपावली के बाजार में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है और इनके उत्पादों से स्थानीय बाजारों में बिकने वाले चीन के उत्पाद पीछे छूट गए हैं।
जिले की डूडा परियोजना अधिकारी वर्तिका सिंह का कहना है जिले में नगरीय क्षेत्र में स्वयं सहायता समूह बनाने में महिलाओं ने अपनी रूचि दिखाई है। नगर क्षेत्र में स्वयं सहायता समूह की ये महिलाये पिछले कुछ महीनों से दीपावली में पूजे जाने वाले लक्ष्मी गणेश की मूर्तियां, लक्ष्मी गणेश के दीवाली में पहनाये जाने वाले ख़ास कपड़े, त्यौहार में लगाईं जाने वाली झूमर, दीपावली की लाइट, घरों को सजाने के हस्तशिल्प के सामान और पूजा सामग्री बनाने में लगी हुई थी। इन महिलाओं द्वारा तैयार किया गया यह सामान अब दीपावली के बाज़ार में शामिल हो गया है जिससे इन्हें अच्छी आय हो रही है।
150 स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को मिला स्व रोजगार
प्रयागराज में महिलाओं ने स्वयं सहायता समूह के रूप में जुड़कर स्वावलम्बी बनने में काफी रूचि दिखाई है। जिले की डूडा परियोजना अधिकारी बताती है कि नगर में 150 स्वयं सहायता समूह इस समय मौजूद हैं जिसमें 1500 महिलाएं जुड़ी हुई है। स्व रोजगार से जुड़कर इन्होने आत्म निर्भरता की नयी इबारत लिखी है। इन महिलाओं को सरकार की तरफ से 15 हजार का अनुदान और ली गई रकम पर ब्याज में भी छूट दी जा रही है।
स्वयं सहायता समूह चला रही मोनी बताती है कि दस महिलाओं का समूह बनाकर उन्होंने एक समूह बनाया, जिसे उन्होंने नारी एकता संघ का नाम दिया। इस समूह से जुड़ी महिलाओं ने उन उत्पादों को बनाना शुरू किया जो दीपावली में हर घर की जरुरत होती है। दीपावली में पूजे जाने वाले लक्ष्मी गणेश की मूर्तियां, लक्ष्मी गणेश के मिट्टी के डिजाइनर दीये तैयार कर रही गुंजन और रेखा ने अपने पड़ोस की महिलाओं को एकजुट करके नव ज्योति स्वयं सहायता समूह बनाया। मिट्टी के इन डिज़ाइनर दीयों की शहर के दीपावली के बाजार में मांग से इसके सदस्य खासे उत्साहित हैं। शहर में सौ से अधिक महिलाओ को साथ लेकर समूह चला रही अरुश्री श्रीवास्तव रेशम से देवी देवताओं के कपड़े तैयार करवाती है जिनकी दीपावली में बहुत मांग है।
फ्लिपकार्ट प्लेटफार्म पर भी लाये जा रहे हैं उत्पाद
डूडा की परियोजना अधिकारी वर्तिका सिंह का कहना है कि नगर के स्वयं सहायता समूह से बन रहे उत्पादों को बाजार में जगह बनाने के लिए शहर में दीपावली मेले और शिल्प मेले में इनके स्टाल लगवाये गए हैं। नगर निगम से इस बात पर भी सहमति बनाई गई है की अलग से इन स्वयं सहायता समूह के दीवाली के उत्पादों के लिए अलग से बाजार बनाया जा रहा है। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के इन उत्पादों को शहर से बाहर के बाजार से जोड़ने के लिए फ्लिपकार्ट से भी इन्हें जोड़ने का काम किया जा रहा है।(हि.स.)



