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आरपीएफ की थर्ड डिग्री टार्चर ने मानवाधिकार की उड़ाई धज्जियां,लोगों में आक्रोश

रेलवे स्क्रैप से जुड़े मामले में आरपीएफ की अमानवीय कार्रवाई

दुद्धी, सोनभद्र– गत मार्च महीने में जनपद के विंढमगंज रेलवे स्टेशन से रेलवे स्क्रैप की लाखों की चोरी व घपलेबाजी मामले में पूछताछ के नाम पर आरपीएफ की अमानवीय कार्रवाई ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिये हैं। जांच के दायरे में आये लोगों को रिमांड पर लेकर रूह कंपा देने वाली थर्ड डिग्री टार्चर का वीडियो वायरल होते ही लोगों में गुस्सा देखा जा रहा है। आरपीएफ द्वारा आरोपी पीड़ित से पूछताछ व टार्चर के बाद वापस नैनी ले जाया जा रहा था।

इस बीच एक आरोपी की हालत बिगड़ने लगी तो ईलाज के लिए उसे दुद्धी अस्पताल में रविवार की प्रातः करीब साढ़े तीन बजे ले लाया गया। जहां पीड़ित की गंभीर हालत देखते हुए उनके लोगों ने आरपीएफ के इंस्पेक्टर समेत अन्य साथियों पर बेरहमी से मारपीट कर अस्पताल में दाखिल करने का आरोप लगाया। उधर हॉस्पिटल में इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ संजीव कुमार से इलाज कराकर, आरपीएफ उन्हें साथ लेकर निकल गयी।

पीड़ित आरोपी देवेन्द्र कुमार पुत्र फूलमनी ने वायरल वीडियो में फूट-फूट कर रोते हुए आरपीएफ के इंस्पेक्टर सहित उनके जवानों के जुल्म की दास्तां बयां की है। थर्ड डिग्री वाली पिटाई से बुरी तरह घायल देवेन्द्र के दोनों पैर के तलवे सूजे हुए थे। जिस कारण वह चल नही पा रहा था।वायरल वीडियो में कहीं इंस्पेक्टर सहित तीन कांस्टेबलों ने टांगकर उसे उठाया है तो कहीं व्हीलचेयर के सहारे ले जाया जा रहा है। जिसे देख कई बुद्धिजीवियों ने आरपीएफ के इस अमानवीय कृत्य को मानवाधिकार का हनन बताते हुए, अंग्रेजी हुकूमत की जुल्मों दास्तां की याद कुरेदने वाली कार्रवाई बताई। कहा कि यदि अपराधी का अपराध सिद्ध भी हो जाये तो उसे सजा देने का अधिकार न्यायपालिका को है।लोगों ने इस अमानवीय मामले के आरोपी इंस्पेक्टर सहित सम्मिलित जवानों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आरपीएफ ने रेलवे स्क्रैप चोरी से जुड़े मामले में सरेंडर के बाद नैनी जेल में बन्द तीन आरोपियों को गढ़वा झारखंड की आरपीएफ ने पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया था। आरोपियों के वकील एवं उनके साथियों को जानकारी दी गई थी कि घटनास्थल विंढमगंज ले जाकर उनसे पूछताछ की जाएगी। लेकिन विंढमगंज पहुंचे आरोपी के वकील व परिजनों को विंढमगंज में वे लोग नही मिले, तो किसी तरह जानकारी हुई कि आरपीएफ के लोग नगर ऊंटारी में आरोपियों को लेकर गए हैं।जब वहां ये लोग पहुंचे तो मारपीट से आरोपियों की हालत देख सभी आक्रोशित हो गये और उनकी कहासुनी होने लगी। किसी तरह देर होने का हवाला देकर इंस्पेक्टर बनारसी यादव आरोपियों को निजी वाहन से लेकर निकल लिए। इस बीच एक कि हालत खराब होने पर आरपीएफ को दुद्धी अस्पताल में इमरजेंसी इलाज करानी पड़ी। आरोप है कि आरपीएफ ने कुछ सवाल के जवाब के लिए आरोपियों पर थर्ड डिग्री का इस्तेमाल किया।

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