UP Live

गौशाला निर्माण को लेकर भलुअनी में विरोध, डीएम को सौंपा ज्ञापन

भलुअनी (देवरिया)। स्थानीय नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड संख्या–2 गौतम बुद्ध नगर में प्रस्तावित गौशाला निर्माण को लेकर सोमवार को विरोध के स्वर तेज हो गए। वार्डवासियों ने पूर्व विधायक स्वामी नाथ यादव के नेतृत्व में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए गौशाला को किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर बनाए जाने की मांग की। लोगों का कहना है कि वर्तमान स्थल न तो तकनीकी रूप से उपयुक्त है और न ही जनहित के दृष्टिकोण से सुरक्षित।

आवासीय और कृषि भूमि पर असर का आरोप

ज्ञापन में वार्डवासियों ने आरोप लगाया कि जिस भूमि पर गौशाला निर्माण का प्रस्ताव है, वह घनी आबादी के समीप स्थित है और इससे आसपास की आवासीय व कृषि भूमि सीधे तौर पर प्रभावित होगी। ग्रामीणों का कहना है कि यह इलाका बरसात के दिनों में जलमग्न हो जाता है, जिससे गौशाला में रखे जाने वाले पशुओं के स्वास्थ्य और जीवन पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।

बरसात में जलभराव से बढ़ेगी समस्या

स्थानीय लोगों ने बताया कि बारिश के मौसम में प्रस्तावित स्थल पर कई दिनों तक पानी भरा रहता है। ऐसे में यदि पशुओं की बीमारी या मृत्यु होती है तो दुर्गंध और संक्रमण का खतरा आसपास की घनी आबादी तक पहुंचेगा, जिससे आमजन का जीवन प्रभावित होगा। ग्रामीणों ने इसे स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया।

प्रशासन से वैकल्पिक स्थान की मांग

पूर्व विधायक स्वामी नाथ यादव ने कहा कि गौसेवा का उद्देश्य सराहनीय है, लेकिन इसके लिए स्थान का चयन बेहद महत्वपूर्ण होता है। यदि गलत स्थान पर गौशाला बनाई जाती है तो इससे पशुओं के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए किसी सुरक्षित और उपयुक्त स्थान का चयन किया जाए।

वार्डवासियों की एकजुटता

ज्ञापन सौंपने के दौरान सभासद पोतन पासवान, हरिकेश यादव, योगेश पांडेय, संतोष यादव, अभय यादव, प्रेम यादव, नंदलाल, नन्हू, रामसिंगार सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि वे गौशाला निर्माण के विरोध में नहीं हैं, बल्कि गलत स्थान के चयन का विरोध कर रहे हैं।

डीएम ने दिया आश्वासन

वार्डवासियों का ज्ञापन लेने के बाद जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से देखने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग से रिपोर्ट मंगाकर स्थल का निरीक्षण कराया जाएगा और सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

गौशाला निर्माण को लेकर उठा यह मामला अब प्रशासन के लिए एक अहम परीक्षा बन गया है, जहां गौसेवा, जनस्वास्थ्य और स्थानीय निवासियों की समस्याओं के बीच संतुलन बनाना आवश्यक होगा।

भलुअनी में गौशाला प्रस्ताव पर ग्रामीणों का विरोध, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से प्रशासन सख्त

भलुअनी बाजार में दिनदहाड़े ठगी, महिला के गहने और नकदी लेकर फरार

Related Articles

Back to top button