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योगी के महिला सशक्तिकरण मॉडल की मुरीद हुईं प्रियंका चोपड़ा

योगी सरकार ने आधी आबादी के लिए सुरक्षित माहौल बनाने के साथ ही उन्हें आत्मनिर्भर बनाने पर दिया है बल

  • उत्तर प्रदेश में विगत साढ़े 5 वर्षों में महिलाओं की स्थिति में हुए बदलाव को बताया अभूतपूर्व
  • प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध, हिंसा और शोषण की घटनाओं में हुई है उल्लेखनीय कमी

लखनऊ । उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के आने के बाद से प्रदेश में महिलाओं की स्थिति में अभूतपूर्व सुधार आया है। न सिर्फ महिलाओं को केंद्र में रखकर योजनाएं बनाई गई हैं बल्कि उनका लाभ बिना भेदभाव के समाज के हर तबके की महिलाओं तक पहुंचाया गया है। इसके लिए प्रदेश सरकार ने तमाम तरह के जागरूकता अभियान भी चलाए हैं। यही नहीं, प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध और हिंसा के मामलों में भी उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। सरकार के महिलाओं के प्रति इसी जिम्मेदारी भरे रवैये और प्रदेश में महिलाओं की स्थिति में आए सुधार को लेकर अभिनेत्री, पूर्व विश्व सुंदरी और यूनिसेफ की गुडविल एम्बेसडर प्रियंका चोपड़ा ने भी योगी सरकार की तारीफ की है।

आंकड़े देते हैं बदलाव की गवाही

यूनिसेफ के एक कार्यक्रम के लिए प्रदेश की राजधानी लखनऊ पहुंची प्रियंका चोपड़ा से जब उत्तर प्रदेश में हुए सकारात्मक बदलावों को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने साफ कहा कि बीते दो दिन भृमण के दौरान मैंने यहां बहुत बड़े स्तर पर बदलाव देखा। वास्तव में उत्तर प्रदेश को इस बदलाव की जरूरत थी। उन्होंने कहा कि देश के सबसे बड़े प्रदेश में बदलाव की कहानी खुद आंकड़े बयान करते हैं। आज प्रदेश में सबसे ज्यादा लड़कियां स्कूल जा रही हैं। बच्चों के पोषण के लिए काफी काम किया जा रहा है। देश मे पहली पोषण एप की शुरुआत यहीं पर हुई है। एप के जरिए न सिर्फ आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां बल्कि डॉक्टर्स भी कुपोषित बच्चों को ट्रैक कर सकते हैं बल्कि उनके घर जाकर उनके परिजनों से बात कर सकते हैं और उनकी मदद कर सकते हैं। डिजिटाइजेशन से प्रदेश को काफी फायदा हुआ है।

महिलाओं के सशक्तिकरण पर हुआ काफी काम

प्रियंका ने प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ हिंसा में आए सकारात्मक बदलाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मुझे यहां पर वन स्टॉप सेंटर सेंटर (आशा ज्योति सेंटर) जाने का अवसर मिला। यहां मैं हिंसा की शिकार कई महिलाओं से मिली और उनसे बात की। उन्होंने बच्चों की शिक्षा के लिए चलाई जा रही योजनाओं के साथ ही कोविड के दौरान अनाथ हुए बच्चों के लिए प्रदेश सरकार की योजनाओं की भी तारीफ की। साथ ही उन्होंने योजनाओं को जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने और उन्हें जागरूक करने की भी अपील की। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने 2017 के बाद से महिलाओं को सुरक्षा के साथ ही वित्तीय स्थिरता प्रदान करने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। कन्या सुमंगला योजना से अब तक 13.67 लाख से अधिक बालिकाएं लाभान्वित हो चुकी हैं। 31.50 लाख महिलाओं को निराश्रित महिला पेंशन का लाभ मिल रहा है।

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (कोविड) की 12340 तथा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) की 10264 महिलाएं लाभान्वित हुई हैं। 2 लाख से अधिक महिलाएं पीएम स्वनिधि योजना का लाभ पा रही हैं। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 66 लाख ग्रामीण महिलाओं को 6.34 लाख स्वयं सहायता समूहों, 31601 ग्राम संगठनों एवं 1735 संकुल स्तरीय संघों से जोड़ा गया है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से 52,55,129 माताएं लाभान्वित हुई हैं। 58 हजार बीसी सखी चयनित हुईं है तों 48 हजार सखी क्रियाशील हैं। मुख्यंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सरकार अब तक 1,91,686 बेटियों के हाथ पीले कर चुकी है। एक करोड़ से अधिक महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया है। 150 नए आंगनबाड़ी केंद्र निर्मित किए गए हैं।

महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल बनाने के लिए सरकार ने प्रदेश में पहली बार तीन महिला पीएसी बटालियन की स्थापना की है। सभी 1535 थानों में महिला हेल्प डेस्क की स्थापना की गई है। मिशन शक्ति अभियान के तीन चरणों के दौरान कुल 6211 प्रतिवादियों को दंडित किया गया है, जिसमें 36 को मृत्युदंड और 1296 को आजीवन कारावास की सजा मिला।

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