Varanasi

वाराणसी में जनगणना-2027 की तैयारी तेज, 3105 प्रगणक और 532 सुपरवाइजर को मिलेगा प्रशिक्षण

वाराणसी में जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की तैयारियां तेज हो गई हैं। नगर निगम के आठ जोनों में 3105 प्रगणकों और 532 सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण शुरू हुआ है। 16 से 30 नवंबर 2026 तक स्वगणना होगी, जबकि 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक प्रगणक घर-घर जाकर नागरिकों का डेटा संकलित करेंगे।

​वाराणसी : जनगणना-2027 के द्वितीय चरण को लेकर प्रशिक्षण केंद्रों तक सरगर्मी तेज हो गई है। इस क्रम में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के कुशल मार्गदर्शन में शहर के सभी आठ जोनों (प्रशासनिक चार्ज) में प्रगणकों और सुपरवाइजरों को प्रशिक्षित करने का सिलसिला शुरू हो गया है। इस व्यापक अभियान के तहत कुल 3105 प्रगणक और 532 सुपरवाइजर घर-घर जाकर नागरिकों का सटीक डेटा संकलित करेंगे। प्रशिक्षण प्रक्रिया को सुचारू, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए निगम ने शहर के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों और केंद्रों को जिम्मेदारी सौंपी है।

अपर नगर आयुक्त बरखा सिंह ने मंगलवार को जेपी मेहता इंटर कॉलेज पहुंचकर वरुणापार चार्ज के तहत चल रहे प्रशिक्षण सत्र का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने वहां मौजूद प्रशिक्षुओं को ताकीद किया कि वे जनगणना नियमावली और तकनीकी बारीकियों को बेहद गंभीरता से सीखें, ताकि फील्ड वर्क के दौरान किसी भी प्रकार की त्रुटि की गुंजाइश न रहे। उन्होंने स्पष्ट किया है कि संबंधित जोनल अधिकारी अपने-अपने चार्ज के अंतर्गत संचालित होने वाले प्रशिक्षण केंद्रों की व्यवस्थाओं के सुचारू संचालन के लिए मुख्य नोडल अधिकारी होंगे। प्रशिक्षण के दौरान प्रगणकों को तकनीकी साजो-सामग्री, प्रपत्र भरने के तौर-तरीकों और नागरिकों से संवाद स्थापित करने की विधिक प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है, ताकि निर्धारित समय-सारिणी के भीतर शत-प्रतिशत परिवारों का सटीक ब्योरा जुटाया जा सके।

16 नवंबर से 30 नवंबर तक स्वगणना

अपर नगर आयुक्त ने बताया कि 16 नवंबर से 30 नवंबर तक स्वगणना की प्रक्रिया चलेगी। इसके बाद एक दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक प्रगणक घर-घर जाकर जनगणना का कार्य करेंगे। इस दौरान निर्धारित प्रक्रिया के तहत परिवारों से आवश्यक जानकारी जुटाई जाएगी। प्रगणकों व सुपरवाइजरों को पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।

जोनवार निर्धारित प्रशिक्षण केंद्र इस प्रकार हैं।

​आदमपुर : नेशनल इंटर कॉलेज
​भेलूपुर : बंगाली टोला इंटर कॉलेज
​दशाश्वमेध : राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज
​कोतवाली : राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज
​वरुणापार : जेपी मेहता इंटर कॉलेज
​सारनाथ : सुधाकर महिला विद्यालय
​ऋषि मांडवी : सिल्वर ग्रोव स्कूल
​रामनगर : प्रभु नारायण इंटर कॉलेज

उम्र छोटी, सोच बड़ी , सुधि सिंह ने डॉक्यूमेंट्री के जरिए दुनिया को दिखाई काशी के डोम समुदाय की जिंदगी

अहोई अष्टमी 2026: कब दिखेंगे तारे और कब खुलेगा व्रत? जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त, कथा और आरती

Related Articles

Back to top button