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सुराग : फारसी में लिखी किताब को पढ़वाने की कोशिश कर रही पुलिस

गोरखनाथ मंदिर के सुरक्षकर्मियों पर हमले का मामला

गोरखपुर । तीन अप्रैल की शाम को गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा में लगे पीएसी के दो जवानों और एक सिविल पुलिस के जवान पर हमला करने वाले युवक मुर्तुजा के पास से मिले सामानों में एक फारसी में लिखी किताब भी मिली है। अब पुलिस इसे जानकारों से पढ़वा कर सुराग तलाशने में जुटी है। आरोपित युवक के लैपटॉप की जांच में यह पता चला है कि वह जाकिर हुसैन के वीडियोज को देखता था। पुलिस ने इसके नेपाल जाने की बात को ध्यान में रखते हुए नेपाल से कनेक्शन ढूंढना भी शुरू किया है। हालांकि इन साक्ष्यों के बारे में कोई जिम्मेदार कुछ भी बोलने से अभी परहेज कर रहा है।

गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा में तैनात पीएसी जवानों पर धारदार हथियार से हमला करने वाले हमलावर मुर्तजा अहमद अब्बासी के मोबाइल और लैपटॉप से कई अहम सुराग एटीएस के हाथ लगे हैं। ज्ञातव्य हो कि एडीजी लॉ एंड आर्डर प्रशांत कुमार ने भी लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस घटना को सामान्य घटना न बताते हुए आतंकी घटना का इशारा किया है। अब तक की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर एटीएस की टीम हमलावर का आतंकी कनेक्शन तलाशने नेपाल गई है।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि गोरखनाथ की घटना के बाद घटनास्थल से बरामद मुर्तजा के बैग से लैपटॉप, पैनकार्ड और अन्य सामानों के साथ एक किताब भी मिली है। उसके मोबाइल का डाटा खंगालने पर मालूम हुआ कि वह अक्सर जाकिर नाइक का वीडियो देखता था। पुलिस की टीम ने नवी मुम्बई स्थित उसके फ्लैट की भी तलाशी ली है। वहां से भी इस बात की पुष्टि हुई है कि वह जाकिर नाइक का वीडियो अपने मोबाइल और लैपटॉप में हमेशा देखता रहता था।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि उसके बैग में मिली एक किताब फारसी भाषा में है। पुलिस उस किताब को फारसी के जानकारों से पढ़वाकर समझने में जुटी है। पुलिस सूत्रों का यह भी कहना है कि वह घटना से पहले नेपाल गया था। नेपाल में उसके कहां-कहां कनेक्शन हैं, यह मालूम करने के लिए एटीएस की एक टीम वहां के लिए रवाना हो गई है।(हि.स.)

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