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रंगभरनी एकादशी पर वृंदावन की परिक्रमा मार्ग में उमड़ा सैलाब, अबीर-गुलाल हुआ सराबोर

मथुरा । जिले के वृंदावन नगर में सोमवार को रंगभरनी एकादशी पर बांकेबिहारी का आंगन यानी समूचा वृंदावन अबीर और गुलाल से सराबोर हो गया। सुबह से देरशाम तक लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं ने नाचते-गाते पंचकोसीय परिक्रमा लगाते हुए अपने आराध्य ठाकुरजी बांकेबिहारी से होली खेली। पंचकोसीय परिक्रमा में ऐसा आस्था का सैलाब उमड़ा कि 15 किलोमीटर में पैर रखने की जगह दिखाई नहीं दी। वहीं पुलिस प्रशासन की सारी की सारी व्यवस्थाएं धराशायी नजर आई। बांकेबिहारी समेत राधाबल्लभ, राधादामोदर, राधारमण, राधागोपीनाथ, गोविंद देव, मदनमोहन और राधाश्याम सुंदर समेत अनेक मंदिरों में पूरे दिन होली का उल्लास छाया रहा। आस्था ऐसी की सूरज की तपन भी न डिगा पाए। पसीने में लथपथ लोग गुलाल उड़ाते हुए नगर की परिक्रमा दे रहे हैं।

रंग भरनी एकादशी के अवसर पर वृंदावन की परिक्रमा देने के लिए रात से ही भक्तों का पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। जैसे जैसे दिन बढ़ने लगा परिक्रमा मार्ग आस्था के उमड़े सैलाब में गायब होता गया। पूरे परिक्रमा मार्ग में ऐसी कोई जगह नहीं थी जहां पैर रखने की जगह हो।कोरोना के चलते दो साल से रंग भरनी एकादशी पर वृंदावन की परिक्रमा देने आने वालों की संख्या काफी कम थी। लेकिन जब कोरोना का कहर न के बराबर हुआ तो लोग अपने घरों से निकल कर ब्रज में होली मनाने उमड़ पड़े। परिक्रमा मार्ग में होली के भजन ,गीत और उड़ते गुलाल के बीच भगवान के जयकार लगाते हुए परिक्रमा दे रहे थे। वृंदावन के अटल्ला चुंगी मार्ग पर स्थिति बदहाल दिखी। यहां परिक्रमा मार्ग देते हुए आ रहे लोग मथुरा वृंदावन रोड को पार कर परिक्रमा मार्ग में बढ़ने के लिए आतुर थे। यहां ड्यूटी कर रहे पुलिस कर्मी इस भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कड़ी मशक्कत कर रहे थे।

पुलिस कर्मी कभी परिक्रमा दे रही भीड़ को नियंत्रित करते तो कभी ट्रैफिक को। हालांकि इस पर्व को देखते हुए शहर में किसी वाहन के प्रवेश पर पहले ही रोक लगा दी गयी। लेकिन स्थानीय लोग और आवश्यक सेवाओं के वाहन यहां से गुजरने के कारण हालात काफी खराब थे। रंग भरनी एकादशी पर वृंदावन में एक अनुमान के मुताबिक 15 से 20 लाख लोग आए। यह सभी लोग आसपास के जनपदों के अलावा दिल्ली, एनसीआर, मध्यप्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा सहित विभिन्न राज्यों से आये हैं।(हि.स.)

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