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नौ कन्या पूजन, हवन पूर्णाहुति के साथ नवरात्रि अनुष्ठान हुआ सम्पन्न

दुद्धी,सोनभद्र- मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना मंगलवार को नौ कन्या पूजन एवं हवन पूर्णाहुति के साथ नवरात्रि का अनुष्ठान हर्षोल्लास के बीच संपन्न हुआ। इस दौरान भक्तों ने माँ से अपने घर-परिवार पर कृपा बनाए रखने की मन्नत मांगी। उधर मां दुर्गा पूजन आयोजन समितियों द्वारा नवरात्र के अंतिम दिन विधि विधान के साथ पूर्णाहुति का हवन पूजन किया गया।

शारदीय नवरात्र में नौ दिन के व्रत, देवी दर्शन और हवन करने के बाद कन्या पूजन का बड़ा ही महत्व है। कन्या पूजन सप्तमी से ही शुरू हो जाता है। सप्तमी, अष्टमी और नवमी के दिन इन कन्याओं को नौ देवी का रूम मानकर पूजा जाता है। कन्याओं के पैरों को धोया जाता है और उन्हें आदर-सत्कार के साथ भोजन कराया जाता है।

ऐसी मान्यता है कि जो भक्त कन्या पूजन करते हैं माता उन्हें सुख समृद्धि का वरदान देती हैं।सभी शुभ कार्यों का फल प्राप्त करने के लिए कन्या पूजन किया जाता है। कुमारी पूजन से सम्मान, लक्ष्मी, विद्या और तेज़ प्राप्त होता है। इससे विघ्न, भय और शत्रुओं का नाश भी होता है। होम, जप और दान व कन्या पूजन से माँ भगवती पराम्बा दुर्गा प्रसन्न होती हैं।

नौ कन्याओं को नौ देवियों के रूप में पूजन के बाद ही भक्त व्रत पूरा करते हैं। भक्त अपने सामर्थ्य के मुताबिक भोग लगाकर दक्षिणा देते हैं। इससे माता प्रसन्न होती हैं। कन्या पूजन में दो से 10 साल की 9 बच्च‍ियों की पूजा की जाती है। दरअसल, दो वर्ष की कुमारी, तीन वर्ष की त्रिमूर्ति, चार वर्ष की कल्याणी, पांच वर्ष की रोहिणी, छः वर्ष की बालिका, सात वर्ष की चंडिका, आठ वर्ष की शाम्भवी, नौ वर्ष की दुर्गा और दस वर्ष की कन्या सुभद्रा कहलाती हैं।

देवी पुराण के अनुसार इंद्र ने जब ब्रह्मा जी से भगवती पराम्बा माँ दुर्गा को प्रसन्न करने की विधि पूछी तो उन्होंने सर्वोत्तम विधि के रूप में कुमारी कन्या पूजन ही बताया। नौ कुमारी कन्याओं और एक कुमार को विधिवत घर में बुलाकर और उनके पांव धोकर रोली-कुमकुम लगाकर पूजा-अर्चना की जाती है। इसके बाद उन्हें वस्त्र आभूषण, फल पकवान और अन्न आदि दिया जाता है। तब भगवती ने प्रसन्न होकर इन्द्र को अमोघ शक्ति प्रदान किया था।

दुद्धी स्थित माँ काली मन्दिर,श्री संकट मोचन मंदिर, श्री पंचदेव मंदिर, श्री महादेव मंदिर रामनगर सहित सभी दुर्गा पूजा पाण्डाल व अन्य शक्तिपीठों पर नवरात्र के अंतिम दिन दर्शन पूजन के लिये भक्तों का रेला उमड़ा रहा।इस दौरान नौ कन्या का पूजन एवं पूर्णाहुति का हवन के साथ अनुष्ठान सम्पन्न किया गया।

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