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राष्ट्रीय मतदाता दिवस: PM मोदी का बड़ा ऐलान, अब वोटर बनने पर होगा जश्न

राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि मतदाता होना केवल संवैधानिक अधिकार नहीं, बल्कि देश के भविष्य निर्माण का महत्वपूर्ण कर्तव्य है। उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग की भूमिका की सराहना की और नागरिकों से लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में सक्रिय भागीदारी की अपील की। प्रधानमंत्री ने पहली बार मतदाता बनने को उत्सव के रूप में मनाने पर जोर दिया और MY-Bharat स्वयंसेवकों से युवाओं को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर देशवासियों को हार्दिक बधाई दी और कहा कि यह दिन भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों में आस्था को और अधिक सुदृढ़ करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि मतदाता दिवस केवल एक औपचारिक अवसर नहीं, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक को लोकतंत्र की जड़ों से जोड़ने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने का दिन है।

प्रधानमंत्री ने भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) से जुड़े सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और जमीनी स्तर पर कार्यरत कर्मियों की सराहना करते हुए कहा कि उनके निरंतर प्रयासों से भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रियाएं और अधिक पारदर्शी, समावेशी और सशक्त बन रही हैं।

मतदाता भागीदारी के महत्व पर बल देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि मतदाता होना केवल एक संवैधानिक अधिकार नहीं, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण नागरिक कर्तव्य भी है, जो प्रत्येक भारतीय को देश के भविष्य के निर्माण में अपनी आवाज़ रखने का अवसर देता है। उन्होंने नागरिकों से लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में नियमित रूप से भाग लेने और लोकतंत्र की भावना का सम्मान करने का आह्वान किया, ताकि विकसित भारत की मजबूत आधारशिला रखी जा सके।

प्रधानमंत्री मोदी ने मतदाता बनने को एक उत्सव के रूप में मनाने की परिकल्पना प्रस्तुत करते हुए कहा कि पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जैसे समाज में अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धियों को उत्सव के रूप में मनाया जाता है, उसी तरह पहली बार वोटर बनने को भी सामाजिक उत्सव बनाया जाना चाहिए, ताकि युवाओं में लोकतंत्र के प्रति गर्व और जिम्मेदारी की भावना और मजबूत हो।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने MY-Bharat (मेरा भारत) स्वयंसेवकों को एक पत्र भी लिखा, जिसमें उन्होंने आग्रह किया कि जब भी उनके आसपास कोई, विशेष रूप से कोई युवा, पहली बार मतदाता के रूप में पंजीकृत हो, तो उस क्षण को सामूहिक रूप से खुशी और उत्साह के साथ मनाया जाए। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे छोटे लेकिन भावनात्मक प्रयास लोकतांत्रिक भागीदारी को जन-आंदोलन का रूप दे सकते हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट की एक श्रृंखला में प्रधानमंत्री ने लिखा कि राष्ट्रीय मतदाता दिवस हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास को और गहरा करने का अवसर है। उन्होंने निर्वाचन आयोग से जुड़े सभी लोगों को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को मजबूत करने के लिए शुभकामनाएं दीं।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में यह भी कहा कि लोकतंत्र की मजबूती नागरिकों की सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करती है, और प्रत्येक वोट देश के भविष्य की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे मतदान को केवल अधिकार के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के दायित्व के रूप में देखें।

प्रधानमंत्री के इस संदेश को राजनीतिक और सामाजिक हलकों में लोकतांत्रिक जागरूकता को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि पहली बार मतदाताओं को सामाजिक रूप से सम्मानित और प्रोत्साहित करने की यह सोच, आने वाले वर्षों में मतदाता प्रतिशत बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकती है।

राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर प्रधानमंत्री का यह संदेश लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने, युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने और विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में नागरिकों की भागीदारी को और अधिक सशक्त बनाने वाला माना जा रहा है।

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