
नेपाल के रास्ते सीरिया भागने की फिराक में था मुर्तजा अब्बासी
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मंदिर में सुरक्षाकर्मियों पर हमले के मामले में गिरफ्तार मुर्तजा अब्बासी के बारे में जांच एजेंसियों को कई अहम जानकारियां मिली हैं। पता चला है कि मुर्तजा शूट ऐंड स्कूट पॉलिसी यानी मारो और भागो की नीति पर काम कर रहा था। वह कुख्यात आतंकी अबू हमजा को अपना रोल मॉडल मानता था। पिछले कई साल से वह यू-ट्यूब पर सीरिया में चल रही गतिविधियों को देख रहा था।
मुर्तजा के साथ उसका दोस्त अब्दुल रहमान भी इसी मॉड्यूल पर काम करता था, जिसे एटीएस ने सहारनपुर से गिरफ्तार किया है। एजेंसियों की पड़ताल में सामने आया है कि मुर्तजा सीरिया जाना चाहता था। अफगानिस्तान में आईएसआईएस के साथ लड़ाई भी करना चाहता था। मुर्तजा केमिकल इंजिनियर था और आईएसआईएस को केमिकल हथियारों से लैस करना चाहता था। गोरखधाम मंदिर पर हमला करने के बाद उसकी नेपाल के रास्ते अफगानिस्तान और सीरिया भागने की तैयारी थी। 25 मार्च को आईएसआईएस का एक विडियो जारी हुआ था।
इसमें एक आतंकी के हाथ में वैसा ही हथियार दिख रहा है, जैसा गोरखनाथ मंदिर में हमले के वक्त मुर्तजा के हाथ में था। माना जा रहा है कि मुर्तजा ने उस विडियो के जरिए ही इस हथियार का इस्तेमाल करने का मन बनाया। वहीं, अब्बासी की कॉल डिटेल के आधार पर उत्तर प्रदेश एटीएस ने मुर्तजा के दोस्त अब्दुल रहमान को भी हिरासत में लिया है। रहमान को एटीएस ने सहारनपुर से पकड़ा है। वह एक मोबाइल की दुकान चलाता है। साथ ही फतेहपुर इलाके की एक मस्जिद में इमामत भी करता है। बताया जा रहा है कि हमले के दिन मुर्तजा ने रहमान से फोन पर बात की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब्दुल रहमान और मुर्तजा दोनों एक ही मॉड्यूल पर काम कर रहे थे।



