लखनऊ : उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्य के मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) के संस्थापक मुलायम सिंह यादव का अंतिम संस्कार मंगलवार काे दिन में 03 बजे उनके पैतृक गांव इटावा जिले के सैंफई में किया जायेगा।सपा की ओर से सोमवार को श्री यादव के निधन की आधिकारिक पुष्टि करते हुए यह जानकारी दी गयी। पार्टी की ओर से ट्वीट कर बतायाा गया, “आदरणीय नेताजी का आज दिनांक 10 अक्टूबर 2022 को सुबह गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया। उनके पार्थिव शरीर को सैफ़ई ले जाया जा रहा है। कल दिनांक 11 अक्टूबर 2022 को दोपहर तीन बजे सैफई में अंतिम संस्कार होगा।”
गौरतलब है कि लंबी बीमारी के बाद श्री यादव का आज सुबह निधन हो गया। वह 83 वर्ष के थे और पिछले करीब डेढ़ महीने से मेदांता अस्पताल में भर्ती थे। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने श्री यादव के निधन पर तीन दिन का राजकीय शोक प्रकट करते हुए पूरे राजकीय सम्मान से उनका अंतिम संस्कार करने की घोषणा की है।
मुर्मू- मोदी ने मुलायम सिंह के निधन पर जताया शोक
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव के निधन पर सोमवार को शोक व्यक्त किया।श्रीमती मुर्मू ने ट्विटर अपने शोक संदेश में लिखा, “श्री मुलायम सिंह यादव का निधन देश के लिए अपूरणीय क्षति है। साधारण परिवेश से आए मुलायम सिंह यादव जी की उपलब्धियां असाधारण थीं। ‘धरती पुत्र’ मुलायम जी जमीन से जुड़े दिग्गज नेता थे। उनका सम्मान सभी दलों के लोग करते थे। उनके परिवार-जन व समर्थकों के प्रति मेरी गहन शोक-संवेदनाएं!”श्री मोदी ने श्री मुलायम सिंह यादव का निधन देश के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा, “श्री मुलायम सिंह यादव जी एक विलक्षण व्यक्तित्व के धनी थे। उन्हें एक विनम्र और जमीन से जुड़े नेता के रूप में व्यापक रूप से सराहा गया। वे लोगों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील थे।
उन्होंने लगन से लोगों की सेवा की और लोकनायक जेपी और डॉ. लोहिया के आदर्शों को लोकप्रिय बनाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।”उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, “मुलायम सिंह यादव जी ने उत्तर प्रदेश (यूपी) और राष्ट्रीय राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई। वह आपातकाल के दौरान लोकतंत्र के लिए एक प्रमुख सैनिक थे। रक्षा मंत्री के रूप में, उन्होंने एक मजबूत भारत के लिए काम किया। उनके संसदीय हस्तक्षेप व्यावहारिक थे और राष्ट्रीय हित को आगे बढ़ाने पर जोर देते थे।”उन्होंने कहा, “ हमने अपने-अपने राज्यों के मुख्यमंत्रियों के रूप में काम किया, तब श्री मुलायम सिंह यादव जी के साथ मेरी कई बातचीत हुई। घनिष्ठता जारी रही और मैं हमेशा उनके विचारों को सुनने के लिए उत्सुक था। उनके निधन से मुझे पीड़ा हुई है। उनके परिवार और लाखों समर्थकों के प्रति मेरी संवेदना। ओम शांति।”
श्री मोदी ने ट्वीटर पर श्री मुलायम के साथ मुलाकात की कई तस्वीर भी साझा की।श्री बिरला ने लिखा कि समाजवाद की मुखर आवाज थे मुलायम सिंह,वे सदैव वंचित वर्ग के कल्याण को समर्पित रहे।बढ़ती आयु-अस्वस्थता के बावजूद मुलायम जी लोक सभा में रहते थे सक्रिय, जेपी और लोहिया की परंपरा को मुलायम ने बढ़ाया आगे, देश के रक्षा मंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने की लंबी सेवा, ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें।उल्लेखनीय है कि श्री मुलायम सिंह यादव का आज सुबह गुरुग्राम स्थिति मेदांता अस्पताल में 82 वर्ष की उम्र में निधन हो गया।
मुलायम सिंह यादव का निधन एक राजनीतिक अध्याय का अवसान: धनखड़
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने समाजवादी पार्टी के संस्थापक – संरक्षक और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री तथा पूर्व रक्षा मंत्री मुलायम सिंह यादव के निधन पर गहरा शोक प्रकट करते हुए कहा है कि देश में एक राजनीतिक अध्याय का अवसान हो गया है।श्री धनखड़ ने सोमवार को यहां जारी एक संदेश में कहा कि उन्होंने जीवन भर आम आदमी की सेवा की।
उपराष्ट्रपति ने कहा, “वरिष्ठ समाजवादी राजनेता, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व रक्षा मंत्री और वरिष्ठ सांसद श्री मुलायम सिंह यादव जी के निधन से देश के राजनैतिक इतिहास के एक महत्वपूर्ण अध्याय का अवसान हुआ है। वे आजन्म समाज के वंचित वर्गों और किसानों के हितों के लिए आवाज उठाते रहे।”उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय के लिए श्री मुलायम सिंह जी का योगदान सदैव याद किया जाएगा।उन्होंने कहा, “वेदना की इस घड़ी में, उनके शोक संतप्त परिजनों एवं सहयोगियों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूँ। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें। ओम शांति।”
शाह, राजनाथ, गड़करी ने मुलायम सिंह के निधन पर जताया शोक
केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया है।श्री शाह ने सोमवार को ट्विटर पर लिखा, “श्री मुलायम सिंह यादव जी अपने अद्वितीय राजनीतिक कौशल से दशकों तक राजनीति में सक्रिय रहे। आपातकाल में उन्होंने लोकतंत्र की पुनर्स्थापना के लिए बुलंद आवाज उठाई। वह सदैव एक जमीन से जुड़े जननेता के रूप में याद किए जाएँगे। उनका निधन भारतीय राजनीति के एक युग का अंत है।”
एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, “ दुःख की इस घड़ी में उनके परिजनों व समर्थकों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूँ। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें। ॐ शांति शांति शांति।”श्री सिंह ने ट्वीट किया, “श्री मुलायम सिंह यादव जी ज़मीन से जुड़े एक ऐसे नेता थे, जिन्होंने कई दशकों तक उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक प्रमुख भूमिका निभाई। अपने लम्बे सार्वजनिक जीवन में उन्होंने अनेक पदों पर काम किया और देश, समाज एवं प्रदेश के विकास में अपना योगदान दिया। उनका निधन बेहद पीड़ादायक है।”उन्होंने कहा, “राजनीति में विरोधी होने के बावजूद मुलायम सिंह जी के सबसे अच्छे संबंध थे। जब भी उनसे भेंट होती तो वे बड़े खुले मन से अनेक विषयों पर बात करते। अनेक अवसरों पर उनसे हुई बातचीत मेरी स्मृति में सदैव तरोताज़ा रहेगी। दुःख की इस घड़ी में उनके परिजनों एवं समर्थकों के प्रति मेरी संवेदनाएँ।”
श्री गड़करी ने ट्वीट कर कहा, “मुझे व्यक्तिगत तौर पर मुलायम सिंह जी से बेहद स्नेह मिला है, ई-रिक्शा का निर्णय लेते वक्त मुलायम सिंह जी का पुरजोर समर्थन मिला था। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिजनों को संबल दे। ॐ शांति”उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मुलायम सिंह यादव जी के निधन का समाचार दुःखद है। उन्हें मेरी भावभीनी श्रद्धांजलि।(वार्ता)
Shri Mulayam Singh Yadav Ji was a remarkable personality. He was widely admired as a humble and grounded leader who was sensitive to people’s problems. He served people diligently and devoted his life towards popularising the ideals of Loknayak JP and Dr. Lohia. pic.twitter.com/kFtDHP40q9
— Narendra Modi (@narendramodi) October 10, 2022



